कहानी: संदेह – जयशंकर प्रसाद
रामनिहाल अपना बिखरा हुआ सामान बाँधने में लगा था। जँगले से धूप आकर उसके छोटे-से शीशे पर तड़प रही थी। अपना उज्ज्वल आलोक-खंड, वह छोटा-सा दर्पण बुद्ध की सुंदर प्रतिमा …
कहानी: संदेह – जयशंकर प्रसाद Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
रामनिहाल अपना बिखरा हुआ सामान बाँधने में लगा था। जँगले से धूप आकर उसके छोटे-से शीशे पर तड़प रही थी। अपना उज्ज्वल आलोक-खंड, वह छोटा-सा दर्पण बुद्ध की सुंदर प्रतिमा …
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‘स्वप्न’ विकास नैनवाल की लिखी एक लघु-कथा है। यह लघु-कथा लेखक के रचना संग्रह ‘एक शाम तथा अन्य रचनाएँ’ से ली गयी है।
लघु-कथा: स्वप्न – विकास नैनवाल ‘अंजान’ Read More
‘अँगूठी की खोज’ सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी है। अपने वैवाहिक जीवन से असन्तुष्ट योगेश को एक बार पार्क में एक स्त्रियों का समूह मिल जाता है। उस समूह में मौजूद एक स्त्री वृजांगना की अँगूठी जब खो जाती है तो योगेश उसे उस अँगूठी को ढूँढकर लांकर देने का वादा करता है। अँगूठी की यह खोज जिस थर से इन दोनों किरदारों के जीवन को बदलती है वही कहानी बनती है।
कहानी: अँगूठी की खोज – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
नवल और विमल टहल रहे थे जब उनके बीच साहित्य को लेकर बहस छिड़ी। इस बहस का विषय क्या था और इसका परिणाम क्या निकला। पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘पत्थर की पुकार’।
लघु-कथा: पत्थर की पुकार – जयशंकर प्रसाद Read More
माधव की जवान पत्नी प्रसव के दौरान चल बसी। माधव और घीसू, जिनके खाने के भी लाले थे, अब उसके लिए कफ़न का इंतज़ाम करने निकल पड़े। पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह प्रसिद्ध कहानी ‘कफ़न’:
कहानी: कफ़न – प्रेमचंद Read More
श्यामसुंदर और कलावती के बीच सोने को लेकर खटपट होना आम बात थी। श्यामसुंदर बैठकर उपन्यास पढ़ना चाहता था और कलावती सोना चाहती थी। जब सोना मुमकिन न हुआ तो कलावती एक चीनी की पुतली लेकर उसे शिक्षा देने लगी। आखिर ये शिक्षा क्या थी? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की यह लघु-कथा ‘कलावती की शिक्षा’।
लघु-कथा: कलावती की शिक्षा – जयशंकर प्रसाद Read More
वह युवक उस मंदिर के अवशेष देखने बार बार जाया करता था। उसी मंदिर में एक जगह कुछ लिखा था। एक अनजान सी लिपि थी जिसे वो समझना चाहता था। क्या उसकी जिज्ञासा क्या शांत हुई? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘खंडहर की लिपि’।
लघु-कथा: खंडहर की लिपि – जयशंकर प्रसाद Read More
‘बड़े भाई साहब’ कथाकार प्रेमचंद की लिखी कहानी है। कहानी का कथावाचक एक किशोर है जो अपने बड़े भाई साहब और अपने विषय में पाठकों को बता रहा है। वह हॉस्टल में अपने बड़े भाई साहब के साथ रहता है। उनके बीच का रिश्ता कैसा है यह इस कहानी में झलकता है। आप भी पढ़ें:
कहानी: बड़े भाई साहब – प्रेमचंद Read More
‘प्रलय’ लेखक जयशंकर प्रसाद की लिखी लघु-कथा है। इसमें लेखक पौराणिक पात्रों को लेकर प्रलय के दिन की कल्पना करते हैं। इन दो पात्रों के बीच जो बातचीत होती है उसके माध्यम से प्रलय और उसके महत्व को भी दर्शाते हैं। आप भी पढ़ें:
लघु-कथा: प्रलय – जयशंकर प्रसाद Read More
चक्रवर्ती का स्तम्भ” कथाकार और कवि जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा है। आप भी पढ़ें:
लघु-कथा: चक्रवर्ती का स्तम्भ – जयशंकर प्रसाद Read More
दुखिया एक किशोरी थी जिसके ऊपर अपने नेत्रहीन पिता की जिम्मेदारी थी। अपनी नौकरी उसे बड़ी प्यारी थी। फिर ऐसा क्या हुआ जो उसकी नौकरी जाने की नौबत आ गयी। पढ़ें लेखक जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘दुखिया’।
लघु-कथा: दुखिया – जयशंकर प्रसाद Read More
मोहन को लगता था पत्नी को उसकी दासी होना चाहिए। उसने ये कर भी दिखाया था। पर अब वो खुश नहीं था। ऐसा क्यों? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लघु-कथा ‘सहयोग’।
लघु-कथा: सहयोग – जयशंकर प्रसाद Read More