आखिरी हीला - प्रेमचंद | कहानी

कहानी: आखिरी हीला – प्रेमचंद

‘आखिरी हीला’ प्रेमचंद की लिखी हास्यकथा है। कथावाचक को जब पता लगता है कि उसकी पत्नी गाँव से शहर उसके पास आकर रहना चाहती है तो वह उसका शहर आना टालने के लिए क्या क्या बहाने गढ़ता है। आप भी पढ़िए।

कहानी: आखिरी हीला – प्रेमचंद Read More
कहानी: बूढ़ी काकी - प्रेमचंद

कहानी: बूढ़ी काकी – प्रेमचंद

बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुनरागमन हुआ करता है। बूढ़ी काकी में जिह्वा-स्वाद के सिवा और कोई चेष्टा शेष न थी और न अपने कष्टों की ओर आकर्षित करने का, रोने के अतिरिक्त कोई दूसरा सहारा ही।
…पढ़ें लेखक प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘बूढ़ी काकी’:

कहानी: बूढ़ी काकी – प्रेमचंद Read More
कहानी: कफ़न - प्रेमचंद

कहानी: कफ़न – प्रेमचंद

माधव की जवान पत्नी प्रसव के दौरान चल बसी। माधव और घीसू, जिनके खाने के भी लाले थे, अब उसके लिए कफ़न का इंतज़ाम करने निकल पड़े। पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की लिखी यह प्रसिद्ध कहानी ‘कफ़न’:

कहानी: कफ़न – प्रेमचंद Read More
कहानी: बड़े भाई साहब - प्रेमचंद

कहानी: बड़े भाई साहब – प्रेमचंद

‘बड़े भाई साहब’ कथाकार प्रेमचंद की लिखी कहानी है। कहानी का कथावाचक एक किशोर है जो अपने बड़े भाई साहब और अपने विषय में पाठकों को बता रहा है। वह हॉस्टल में अपने बड़े भाई साहब के साथ रहता है। उनके बीच का रिश्ता कैसा है यह इस कहानी में झलकता है। आप भी पढ़ें:

कहानी: बड़े भाई साहब – प्रेमचंद Read More
लघु-कथा: देवी - प्रेमचंद

लघु-कथा: देवी – प्रेमचंद

कथावाचक को वह औरत रात को पार्क पर बैठी दिखी थी। फिर कुछ ऐसा हुआ कि उस कथावाचक का मन उस औरत के पीछे जाने का हो गया। ऐसा क्यों हुआ?
पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की लिखी यह लघु-कथा ‘देवी’।

लघु-कथा: देवी – प्रेमचंद Read More
कहानी: बेटों वाली विधवा - प्रेमचंद

कहानी: बेटों वाली विधवा – प्रेमचंद

पंडित आयोध्यानाथ की मृत्यु हुई तो पीछे रह गयी उनकी विधवा फूलमती और उनकी संतानें। फूलमती जिसकी मर्ज़ी के बिना घर में कोई काम न होता था। पर पति की मृत्यु के बाद जैसे कुछ बदल गया था। आखिर क्या हुआ था फूलमती के साथ जो उसे ऐसा लगा। पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘बेटों वाली विधवा’।

कहानी: बेटों वाली विधवा – प्रेमचंद Read More
कहानी: नमक का दारोगा - प्रेमचंद

कहानी: नमक का दारोगा – प्रेमचंद

वंशीधर को नमक का दारोगा नियुक्त किया गया तो उसके पिता को लगा कि उनके दिन फिर गये हैं। अब उनके जीवन खुशहाली से बीतेगा। उन्होंने वंशीधर को ये शिक्षा भी दी कि नौकरी करी कैसी जाती है। पर फिर भी वह निलम्बित हो गये। ऐसा क्यों हुआ? पढ़ें कथाकार प्रेमचंद की प्रसिद्ध कथा ‘नमक का दारोगा’।

कहानी: नमक का दारोगा – प्रेमचंद Read More

मानसरोवर 1.2 – मुंशी प्रेमचंद

किताब दिसंबर 17 2019 से जनवरी 14 2020 के बीच पढ़ा गया संस्करण विवरण: फॉर्मेट: ई बुक पृष्ठ संख्या:433 ए एस आई एन: B01MDVA7D2 मानसरोवर 1 मुंशी प्रेम चंद की कहानियों …

मानसरोवर 1.2 – मुंशी प्रेमचंद Read More

मानसरोवर 1.1 – मुंशी प्रेमचंद

संग्रह दिसम्बर 17, 2019 से जनवरी 14, 2020 के बीच  में पढ़ा गया संस्करण विवरण: फॉर्मेट: ई बुक पृष्ठ संख्या:433 ए एस आई एन: B01MDVA7D2 मानसरोवर 1  – मुंशी प्रेमचंद मानसरोवर  …

मानसरोवर 1.1 – मुंशी प्रेमचंद Read More

कर्मभूमि – प्रेमचंद

रेटिंग: 3.5/5 उपन्यास ६ जून 2016 से १२ जून 2016 के बीच पढ़ा गया संस्करण विवरण: फॉर्मेट : पेपरबैक पृष्ठ संख्या: 280 प्रकाशक : मेपल प्रेस  पहला वाक्य : हमारे  स्कूलों और …

कर्मभूमि – प्रेमचंद Read More

कुछ कहानियाँ (पूस की रात,सुजान भगत ,चाल)

पोस्ट का शीर्षक देखकर आप सोच रहे होंगे की ये कौन सी पुस्तक है। तो मैं आपको बता दूँ ये कोई पुस्तक नहीं है। कुछ दिनों पहले मैंने न्यूज़ हंट एप्प के माध्यम …

कुछ कहानियाँ (पूस की रात,सुजान भगत ,चाल) Read More