साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा आयोजित कहानी लेखन प्रतियोगिता ‘कोविड के अँधेरे में आशा का उजियारा’ के विजेताओं के नाम घोषित किये जा चुके हैं। विजेताओं के नाम साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा उनके फेसबुक पृष्ठ पर 22 जून 2021 को घोषित किये गये।
प्रतियोगिता में धर्मेन्द्र त्यागी ने प्रथम स्थान, संजू प्रजापति ने द्वितीय स्थान और अर्चना उपाध्याय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। साहित्य विमर्श प्रकाशन ने प्रथम पुरस्कार के विजेता को पुरस्कार स्वरूप 3000 रूपये तक की पुस्तकें, द्वितीय पुरस्कार के विजेता को 2000 रूपये तक की पुस्तकें और तृतीय पुरस्कार के विजेता को 1000 रूपये तक की पुस्तकें देने की भी घोषणा की है। इसके अलावा उन्होंने 18 रचनाकारों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में एक एक पुस्तक देने की भी घोषणा अपने फेसबुक पृष्ठ से की है।
आपको बताते चलें कि बीते माह मई के महीने में साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा फेसबुक पर कहानी लेखन प्रतियोगिता ‘कोविड के अँधेरे में आशा का उजियारा’ का आयोजन किया गया था।
इस प्रतियोगिता का मकसद कोविड के दौर में नकारात्मक खबरों के बीच ऐसी सकारात्मक रचनाओं को लाना था जिससे लोगों के अन्दर सकारात्मकता का संचार हो सके।
प्रतियोगिता में लेखकों को अपनी अपनी फेसबुक अकाउंट से एक ऐसी कहानी साझा करनी थी जिसमें कोविड काल में सकारात्मकता दिखाई देती हो।
प्रतिभागियों को हिंदी भाषा में 800 से 4000 शब्दों के बीच की कहानी लिखकर अपनी फेसबुक वाल पर साझा करना था। साथ ही उन्हें साहित्य विमर्श के पृष्ठ को टैग करना था और अपनी कहानी के अंत में आपको निम्न हैश टैग्स का इस्तेमाल करना था:
#OptimisticStoriesofCovid #OSOC #साहित्यविमर्श
विजेताओं का नाम घोषित करते हुए साहित्य विमर्श प्रकाशन ने यह जानकारी भी साझा की कि उनके तरफ से ऐसी प्रतियोगिताएं समय समय पर आयोजित करी जाया करेंगी। इन प्रतियोगिताओं से जुड़ी सारी जानकारी वह अपने फेसबुक पृष्ठ और अपनी वेबसाइट पर साझा किया करेंगे।
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विकास नैनवाल शिक्षा मूलतः पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड से आते हैं और फिलहाल गुरुग्राम में वक्त गुजार रहे हैं।
किस्से कहानियाँ पढ़ने और गढ़ने का शौक है। अच्छी कहानियों को अनुवाद के माध्यम से हिंदी पाठकों के बीच लाने को भी वो लालायित रहते हैं। वह लेखन और अनुवाद के अतिरिक्त सम्पादन कार्य भी करते हैं। कई प्रकाशनों के लिए उन्होंने फ्री लांस सम्पादन का कार्य भी किया है।
उनकी कई रचनाएँ और अनुवाद पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।
वह एक बुक जर्नल नाम से यह वेब पत्रिका और दुईबात नाम से वह अपनी व्यक्तिगत वेबसाइट का संचालन भी करते हैं।
पुस्तकें:
रचना संकलन: एक शाम तथा अन्य रचनाएँ
बाल साहित्य: 'इशिता की सूझबूझ' (सचित्र बाल कथा)
अनुवाद: नेवर गो बैक, चाल पे चाल, 'फैटल फॉलाउट: एक गलती, घातक परिणाम'
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