हिंदी के मशहूर लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक के नवीन उपन्यास ‘काहिरा कनेक्शन’ का प्रीऑर्डर शुरू हो गया है। उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है। उपन्यास काहिरा कनेक्शन की खास बात यह है कि इस उपन्यास से लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक एक नवीन नायक की नवीन शृंखला की शुरुआत कर रहे हैं। 2010 में आये नीलेश गोखले शृंखला (जिसके दो उपन्यास गवाही और सीक्रेट एजेंट ही प्रकाशित हुए हैं) के बाद यह पहली दफा है कि लेखक किसी नयी शृंखला को लेकर पाठकों के समक्ष प्रस्तुत हुए हैं।

उपन्यास के केंद्र में हरि अनंत नामक किरदार है जिसे विदेशी धरती पर एक मिशन के तहत भेजा जाता है। साहित्य विमर्श प्रकाशन की वेबसाइट पर उपन्यास के विषय में दर्ज है:
वेराइटी इज़ दि स्पाइस ऑफ लाइफ
अरब देशों में गोरी चमड़ी का क्रेज़ जगविदित था जिसके तहत हजारों नौजवान योरोपियन लड़कियाँ फुसलाई जाती थीं, ललचाई जाती थीं, भगाई जाती थीं।लेकिन अब अरब शेखों के मिजाज में तब्दीली आई थी और वो साउथ एशियन लड़कियों को गोरियों पर तरजीह देने लगे थे।
इस घिनौने व्यापार को लगाम लगना जरूरी था और लगाम लगाने के लिए चुना गया ‘हरि अनंत’
ज्ञात हो सुरेन्द्र मोहन पाठक पहले भी विदेशी पृष्ठभूमि में बसाये कथानक लिख चुके हैं। उन्होंने सुनील शृंखला के कुछ उपन्यासों (हाँगकाँग में हंगामा, हाँगकांग के लुटेरे, ऑपरेशन डबल एजेंट, लंडन में हंगामा, इत्यादि) और अपने कुछ थ्रिलर शृंखला के उपन्यासों के घटनाक्रम विदेशों में घटित होते हुए दिखाये हैं।
प्रकाशन से मिली जानकारी के अनुसार काहिरा कनेक्शन बीस से चौबीस जुलाई के बाद से डिस्पैच होनी शुरू हो जाएगी।
बताते चलें इससे पूर्व सुरेन्द्र मोहन पाठक का नया उपन्यास सुपर डॉन था जो कि साहित्य विमर्श प्रकाशन से ही प्रकाशित हुआ था। सुपर डॉन के अतिरिक्त उनकी कहानियों का संकलन सात खत तथा अन्य कहानियाँ, उनका सामाजिक उपन्यास आशा, ‘स्टॉप प्रेस‘ और उनका सबसे अधिक बिकने वाला उपन्यास 65 लाख की डकैती भी साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया चुका है।
