जन्म: 9 दिसम्बर 1918
9 दिसम्बर 1918 को कुशवाहा कांत का जन्म मिर्ज़ापुर के महुवरिया मुहल्ले में हुआ था। उन्हें उनके अभिभावकों ने कामता प्रसाद कुशवाहा नाम दिया लेकिन पाठकों के मध्य वह अपने लेखकीय नाम कुशवाहा कांत के नाम से मशहूर हुए। वह अपने समय के प्रसिद्ध उपन्यासकार थे जिन्होंने काफी कम समय में बहुत ख्याति अर्जित कर ली थी। उन्होंने सामाजिक और जासूसी दोनों तरह के उपन्यास लिखे। मात्र 33 वर्ष की उम्र में बनारस में होली के दिन उनकी हत्या कर दी गयी थी।
निधन: 12 मार्च 1952
उनके उपन्यासों की सूची:
- लालरेखा
- पपिहारा
- पारस
- जंजीर
- परदेसी (4 भाग)
- उसके साजन
- जवानी के दिन
- विद्रोही सुभाष
- मदभरे नयना
- नागिन
- गोल निशान
- काला भूत
- कैसे कहूँ
- उड़ते-उड़ते
- पराजिता
- लालकिले की ओर
- नीलम
- मंज़िल
- चूड़ियाँ
- रक्त मंदिर
- खून का प्यासा
- दानव देश
- हमारी गलियाँ
- भँवरा
- लवंग
- पागल
- जलन
- अकेला
- बसेरा
- अपना पराया
- निर्मोही
- आहुति
- इशारा
- कुमकुम
जीवनी
काशी के कुशवाहा कांत – विजय विनीत | पुस्तक लिंक: अमेज़न