कहानी: सतरंगी अरमानों की उड़ान - सुमन बाजपेयी

कहानी: सतरंगी अरमानों की उड़ान – सुमन बाजपेयी

पूर्णिमा को लगता था कि शादी होने के पश्चात उसने खुद को बाँट लिया था। अपना अस्तित्व को खो दिया था। उसके सतरंगी अरमानों ने उड़ान भरना छोड़ दिया था। क्या उसके इस सपनों को फिर से उड़ान मिली? पढ़ें सुमन बाजपेयी की कहानी ‘सतरंगी अरमानों की उड़ान’।

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कहानी: एक्सीडेंट - सुभद्रा कुमारी चौहान

कहानी: एक्सीडेंट – सुभद्रा कुमारी चौहान

कुसम की गाड़ी उस दिन प्राणनाथ की गाड़ी से टकरायी तो ऐसे उनकी जान-पहचान हुई। प्राणनाथ अपने दुश्चरित्र के कारण पूरे शहर में बदनाम था लेकिन कुसम को लगा कि वो उतना बुरा नहीं है जितना बनने की कोशिश करता है। क्या ये सच बात थी? आखिर प्राणनाथ ऐसा क्यों करता था। जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘एक्सीडेंट’।

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कहानी: मुट्ठी भर आसमान - मीनाक्षी सिंह

कहानी: मुट्ठी भर आसमान – मीनाक्षी सिंह

‘मुट्ठी भर आसमान’ लेखिका मीनाक्षी सिंह की कहानी है। दीप्ति की अपनी कामवाली कुलीना से हुई बातचीत उसे अपने जीवन का पुनर्वलोकन करने पर मजबूर कर देती है। आखिर क्या थी ये बातचीत और दीप्ति ने खुद को उसके बरक्स कहाँ पर पाया। आप भी पढ़ें:

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कहानी: मुंडमाल - शिवपूजन सहाय

कहानी: मुंडमाल – शिवपूजन सहाय

महाराणा राजसिंह के सरदार चूड़ावतजी औरंगज़ेब से युद्ध करने जा रहे थे। पर उनका मन रह रह कर उनकी पत्नी पर जा रहा है जिनसे कुछ दिन पहले ही उनका विवाह हुआ है। वह आखिरी बार अपनी पत्नी से मिलने जाते हैं और उनसे अपने दिल का हाल कहते हैं। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें लेखक शिवपूजन सहाय की यह कहानी ‘मुंडमाल’।

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कहानी: प्रवासी - रांगेय राघव

कहानी: प्रवासी – रांगेय राघव

गोपालन मंदिर का पुजारी था। उसने कोमल को देखा तो वह उसके मन में बस गयी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। और फिर ऐसा कुछ हुआ कि गोपालन को घर छोड़कर प्रवासी बनना पड़ा। आखिर उसे ऐसा क्यों करना पड़ा? जानने के लिए पढ़ें रांगेय राघव की लिखी यह लम्बी कहानी ‘प्रवासी’।

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कहानी: मंत्र - प्रेमचंद

कहानी: मंत्र – प्रेमचंद

डॉक्टर चड्ढा एक नामी डॉक्टर थे जिनके हर काम का एक समय नियत था। कुछ भी हो जाये वो अपने नियम से न डिगते थे। यही कारण है उन्होंने उस बूढ़े की मदद नहीं की थी और गोल्फ खेलने चले गए थे। पर अब उन्हें मदद की आवश्यकता थी। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें प्रेमचंद की कहानी ‘मंत्र’।

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डोबरमैन - प्रवीण कुमार झा

कहानी: डोबरमैन – प्रवीण कुमार झा

प्रवीण कुमार झा नॉर्वे प्रवासी चिकित्सक हैं। कथेतर विधा के इतर उन्होंने गल्प लेखन भी किया है। पढ़ें साहिंद में पहले प्रकाशित हुई उनकी कहानी ‘डोबरमैन’।

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सुकुल की बीबी - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

कहानी: सुकुल की बीबी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

सुकुल कथावाचक का बहुत पुराना दोस्त था। आज काफी समय बाद उससे मिलने आया था। और साथ में उसकी बीबी। सुकुल की बीबी ने कथावाचक के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा कि उसकी हैरत का ठिकाना न रहा। आखिर ऐसा कहा था सुकुल की बीबी ने? सुकुल और उसकी बीबी कथावाचक के पास क्यों आये थे? पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘सुकुल की बीबी’।

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कहानी: तीन देवता - महवीर प्रसाद द्विवेदी

कहानी: तीन देवता – महावीर प्रसाद द्विवेदी

वररुचि एक ब्राह्मण था जिसकी पत्नी उपकोशा अद्वितीय सुंदरी थी। जब वररुचि को तप के लिए हिमालय पर जाना पड़ा तो उसके वहाँ न होने पर उपकोशा के साथ जो घटना घटी वही वह यहाँ पाठकों को सुना रहा है। पढ़ें महावीर प्रसाद द्विवेदी की यह कहानी ‘तीन देवता’।

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लघु-कथा: लड़ाई - भुवनेश्वर

लघु-कथा: लड़ाई – भुवनेश्वर

‘लड़ाई’ भुवनेश्वर की लिखी लघु-कथा है। यह रचना हंस पत्रिका के वर्ष 1939 के सितम्बर में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें:

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लघु-कथा: दरिंदे - योगेश मित्तल

लघु-कथा: दरिंदे – योगेश मित्तल

‘दरिंदे’ लेखक योगेश मित्तल की लिखी लघु-कथा है। यह रचना ‘अपराध कथाएँ’ नामक पत्रिका के विशेषांक में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें।

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कहानी: कम्युनिस्ट सभा - विश्वम्भरनाथ शर्मा 'कौशिक'

कहानी: कम्युनिस्ट सभा – विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’

‘कम्युनिस्ट सभा’ विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की लिखी कहानी है। यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘रक्षा बंधन तथा अन्य कहानियाँ’ में संकलित हुई थी। इस कहानी में उन्होंने मुख्यतः कम्युनिस्टों को अपने व्यंग्यबाण के निशाने में लिया है। आप भी पढ़ें:

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