हिंदी कहानी: जंजाल -प्रेमचंद

कहानी: जंजाल – प्रेमचंद

पार्वती को लगता था कि स्त्री की इज़्ज़त गहनों से ही होती है। इसीलिए जब उसके पति सुरेंद्र ने उसे नये गहने लाकर दिये तो वह बहुत खुश हुई। उसे लगा था कि अब उसके मायके में उसकी पूछ होगी। पर क्या असल में ऐसा हुआ? क्या उसकी सोच सही थी? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘जंजाल’:

कहानी: जंजाल – प्रेमचंद Read More
कहानी: सौत - प्रेमचंद

कहानी: सौत – प्रेमचंद

रज़िया के पति रामू ने रज़िया की उम्र होने पर एक नयी पत्नी लाने का फैसला किया और आखिर उसकी सौत ले ही आया। वह घर जो रज़िया ने अपनी मेहनत से बनाया था अब उसका नहीं रहा था। आगे क्या हुआ? पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘सौत’:

कहानी: सौत – प्रेमचंद Read More
कहानी: हीरे का हार - चंद्रधर शर्मा गुलेरी

कहानी: हीरे का हार – चंद्रधर शर्मा गुलेरी

‘हीरे का हार’ लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी द्वारा लिखी गयी कहानी है। इस कहानी को उन्होंने लिखना तो शुरु किया था लेकिन पूरा नहीं कर पाये थे। फिर इस कहानी को सुशील कुमार फुल्ल द्वारा पूरा किया गया था। आप भी पढ़ें:

कहानी: हीरे का हार – चंद्रधर शर्मा गुलेरी Read More
कहानी: अमिट छाप - जयशंकर प्रसाद

कहानी: अमिट छाप – जयशंकर प्रसाद

होली का त्यौहार आ चुका था और गोपाल होली मनाने के लिए उत्कंठित था। उसने मनोहरदास जी को सितार बजाने का अनुरोध किया तो उन्होंने बताया कि होली के दो दिनों में वो न सितार बजाते थे और न होली ही खेलते थे। वह ऐसा क्यों करते थे? जानने के लिए पढ़ें जयशंकर प्रसाद की यह कहानी ‘अमिट छाप’।

कहानी: अमिट छाप – जयशंकर प्रसाद Read More
कहानी: देवी - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

वह होटल के बाहर अपने बच्चे के साथ बैठी रहती थी। लोगों के अनुसार वो पागल थी। वह कौन थी? उसका जीवन कैसा था? लेखक इस कहानी में यही बता रहे हैं। आप भी पढ़ें:

कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
कहानी: खूनी - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: खूनी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

‘खूनी’ आचार्य चतुरसेन शास्त्री द्वारा लिखी कहानी है। यह पहली बार ‘प्रताप’ नामक पत्र में प्रकाशित हुई थी। प्रताप में यह कहानी पढ़कर गणेशशंकर विद्यार्थी (प्रताप के संपादक) द्वारा लेखक को एक कार्ड भेजा गया था जिसमें लिखा था कि ये कहानी छापकर प्रताप धन्य हो गया।
कहानी स्वतंत्रता के लिए लड़ी जा रही हिंसक लड़ाई के बजाय अहिंसक लड़ाई की वकालत करती है। आप भी पढ़ें:

कहानी: खूनी – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
कहानी: लेखक - प्रेमचंद

कहानी: लेखक – प्रेमचंद

प्रवीण एक लेखक हैं जिन्होंने लेखन पर लगभग अपना सर्वस्व लुटा दिया लेकिन फिर आर्थिक तौर उन्हें कुछ हासिल न हो सका। ऐसे में जब एक शहर के नामी रईस ने उन्हें अपने यहाँ दावत के लिए बुलाया तो उन्हें लगने लगा कि उनका लेखन सफल हुआ है क्योंकि प्रतिष्ठावान लोग उन्हें बुला रहे हैं। उनका सम्मान हो रहा है। पर यह कितना सच था?
आगे जानने के लिए एक बुक जर्नल पर पढ़ें कथासम्राट प्रेमचंद की कहानी ‘लेखक’।

कहानी: लेखक – प्रेमचंद Read More
हिंदी कहानी | गदल - रांघेय राघव

कहानी: गदल – रांघेय राघव

गदल के लड़के थे, बहुएँ थीं। एक भरा पूरा परिवार लेकिन वो परिवार को छोड़कर अपने से कम उम्र के आदमी के साथ रहने चली गयी थी। आखिर उसने ये फैसला क्यों किया था?
एक बुक जर्नल पर पढ़ें रांगेय राघव की कहानी ‘गदल’।

कहानी: गदल – रांघेय राघव Read More
लघु-कथा: भूगोल - चंद्रधर शर्मा गुलेरी

लघु-कथा: भूगोल – चंद्रधर शर्मा गुलेरी

‘भूगोल’ लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी लघु-कथा है। इस लघु-कथा के माध्यम से वह शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हैं। आप भी पढ़ें:

लघु-कथा: भूगोल – चंद्रधर शर्मा गुलेरी Read More
लघुकथा: बाबा जी का भोग - प्रेमचंद

लघु-कथा: बाबा जी का भोग – प्रेमचंद

‘बाबा जी का भोग’ प्रेमचंद की लिखी लघुकथा है। मेहनतकश छोटे किसानों की हालत यह लघु-कथा ब्यान करती है और सोचने को काफी कुछ दे जाती है। आप भी पढ़ें:

लघु-कथा: बाबा जी का भोग – प्रेमचंद Read More
लघु-कथा: विजया - जयशंकर प्रसाद

लघु-कथा: विजया – जयशंकर प्रसाद

कमल का सब कुछ लुट चुका था। अब उसके पास बचा था तो केवल एक रुपया। उसने इस एक रुपये का क्या किया? पढ़ें जयशंकर प्रसाद की लिखी यह लघु-कथा ‘विजया’।

लघु-कथा: विजया – जयशंकर प्रसाद Read More
कहानी: ककड़ी की कीमत - आचार्य चतुरसेन शास्त्री

कहानी: ककड़ी की कीमत – आचार्य चतुरसेन शास्त्री

‘ककड़ी की कीमत’ लेखक आचार्य चतुरसेन शास्त्री की लिखी कहानी है। यह कहानी 1959 में प्रकाशित ‘मेरी प्रिय कहानियाँ’ और 1961 में प्रकाशित ‘कहानी खत्म हो गयी’ नामक संग्रह में शामिल थी। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने दिल्ली की पुरानी संस्कृति दर्शाने की कोशिश की है। आप भी पढ़ें:

कहानी: ककड़ी की कीमत – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More