लघु-कथा: गालियाँ – चंद्रधर शर्मा गुलेरी
‘गालियाँ’ लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी लघु-कथा है। लेखक इस लघु-कथा के माध्यम से समाज में फैल रहे व्यभिचार के ऊपर टिप्पणी करते हैं। आप भी पढ़ें:
लघु-कथा: गालियाँ – चंद्रधर शर्मा गुलेरी Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
‘गालियाँ’ लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी लघु-कथा है। लेखक इस लघु-कथा के माध्यम से समाज में फैल रहे व्यभिचार के ऊपर टिप्पणी करते हैं। आप भी पढ़ें:
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राजकुमारी हिमांगिनी बहुत सुंदर थीं और उन्हें लगता था कि इतनी सुंदर होने के नाते उन्हें सामान्य जीवों के साथ नही रहना चाहिए। यही कारण था उन्होंने पर्वत के सबसे ऊँचे शिखर पर अपना घर बनाया। पर काफी समय गुजरने के बाद वो साथ के लिए तरसने लगीं। वह विवाह करना चाहती थीं। क्या उनकी यह चाहत पूरी हुई? पढ़ें महावीर प्रसाद द्विवेदी की कहानी ‘राजकुमारी हिमांगिनी’।
कहानी: राजकुमारी हिमांगिनी – महावीर प्रसाद द्विवेदी Read More
कथावाचक उन दिनों गाँव में रहने लगा था। उसके घर के नज़दीक ही चतुरी रहता था जो कि जूते का काम करता था। कौन था ये चतुरी चमार? कथावाचक से उसके और गाँव के अन्य सदस्यों के साथ कैसे सम्बंध थे? जानने के लिए पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘चतुरी चमार’।
कहानी: चतुरी चमार – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
कथावाचक को जब पता लगा कि उसका दोस्त उसे साँप का मणि दिलवा सकता है तो उसका हैरान होना लाज़मी था। आखिर क्या था ये मणि? क्या असल में ये साँप का मणि था? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की यह लघु-कथा ‘साँप का मणि’।
लघु-कथा: साँप का मणि – प्रेमचंद Read More
मधुपुरी की नगरी अपनी खूबसूरती के लिए प्रख्यात थी। कहा जाता है जितनी खूबसूरत यह मधुपुरी थी उतनी ही खूबसूरत यहाँ की तरुणियाँ थीं। रूपी भी ऐसी ही युवती थी जिसे अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता था। लेकिन फिर उसे अपने शरीर को बेचने पर मजबूर होना पड़ा। रूपी को ऐसा क्यों करना पड़ा और इसका उसे क्या खामियाजा चुकाना पड़ा? जानने के लिए पढ़ें राहुल सांकृत्यायन की कहानी ‘रूपी’:
कहानी: रूपी – राहुल सांकृत्यायन Read More
आमला के पिता नवीन के कर्जदार थे। ऐसे में जब आमला की शादी नवीन से हुई तो आमला को लगा था उसे कर्ज के बदले नवीन द्वारा खरीदा गया था। नवीन को जब यह बात पता लगी तो उसने आमला से कहा कि वह उसका दिल जीत लेगा। और आमला का मन था कि वह किसी तरह नवीन का कर्जा उतारकर खुद का मूल्य चुका दे। क्या दोनों की यह इच्छाएँ पूरी हुईं? जानने के लिए पढ़ें आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी ‘मूल्य’।
कहानी: मूल्य – आचार्य चतुरसेन शास्त्री Read More
कथावाचक ने एक कवि सम्मेलन में उन्हें देखा था और उनकी कविताओं का प्रशंसक बन गया था। पर फिर उनकी कविताएँ आनी बंद हो गयी। आखिर ऐसा क्यों हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘भग्नावशेष’।
कहानी: भग्नावशेष – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
कुसम की गाड़ी उस दिन प्राणनाथ की गाड़ी से टकरायी तो ऐसे उनकी जान-पहचान हुई। प्राणनाथ अपने दुश्चरित्र के कारण पूरे शहर में बदनाम था लेकिन कुसम को लगा कि वो उतना बुरा नहीं है जितना बनने की कोशिश करता है। क्या ये सच बात थी? आखिर प्राणनाथ ऐसा क्यों करता था। जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी ‘एक्सीडेंट’।
कहानी: एक्सीडेंट – सुभद्रा कुमारी चौहान Read More
गोपालन मंदिर का पुजारी था। उसने कोमल को देखा तो वह उसके मन में बस गयी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। और फिर ऐसा कुछ हुआ कि गोपालन को घर छोड़कर प्रवासी बनना पड़ा। आखिर उसे ऐसा क्यों करना पड़ा? जानने के लिए पढ़ें रांगेय राघव की लिखी यह लम्बी कहानी ‘प्रवासी’।
कहानी: प्रवासी – रांगेय राघव Read More
डॉक्टर चड्ढा एक नामी डॉक्टर थे जिनके हर काम का एक समय नियत था। कुछ भी हो जाये वो अपने नियम से न डिगते थे। यही कारण है उन्होंने उस बूढ़े की मदद नहीं की थी और गोल्फ खेलने चले गए थे। पर अब उन्हें मदद की आवश्यकता थी। आगे क्या हुआ ये जानने के लिए पढ़ें प्रेमचंद की कहानी ‘मंत्र’।
कहानी: मंत्र – प्रेमचंद Read More
सुकुल कथावाचक का बहुत पुराना दोस्त था। आज काफी समय बाद उससे मिलने आया था। और साथ में उसकी बीबी। सुकुल की बीबी ने कथावाचक के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा कि उसकी हैरत का ठिकाना न रहा। आखिर ऐसा कहा था सुकुल की बीबी ने? सुकुल और उसकी बीबी कथावाचक के पास क्यों आये थे? पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कहानी ‘सुकुल की बीबी’।
कहानी: सुकुल की बीबी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ Read More
वररुचि एक ब्राह्मण था जिसकी पत्नी उपकोशा अद्वितीय सुंदरी थी। जब वररुचि को तप के लिए हिमालय पर जाना पड़ा तो उसके वहाँ न होने पर उपकोशा के साथ जो घटना घटी वही वह यहाँ पाठकों को सुना रहा है। पढ़ें महावीर प्रसाद द्विवेदी की यह कहानी ‘तीन देवता’।
कहानी: तीन देवता – महावीर प्रसाद द्विवेदी Read More