पुस्तक विवरण:
फॉर्मेट: ई-बुक | प्रकाशक: टू लायंस | पृष्ठ संख्या: 47
पुस्तक लिंक: अमेज़न
कहानी
दस वर्षीय रॉब उस दिन नींद से जागा तो उसे लगा जैसे उसके घर में जैसे कुछ तो गड़बड़ हो गयी है।
उसे लगने लगा था कि उसके माता-पिता उसके माता-पिता नहीं बल्कि परग्रही यानी एलियंस हैं।
क्या रॉब को सही लग रहा था या ये उसके कल्पना के घोड़ों का बेलगाम होकर दौड़ने का नतीजा था? आखिर उसे ऐसा क्यों लग रहा था?
टिप्पणी
‘माय एलियन पैरेंट्स’ आर एल स्टाइन द्वारा लिखी गयी उपन्यासिका है। उपन्यासिका के केंद्र में रॉब नामक दस वर्षीय बच्चा है जिसे लगने लगता है कि परग्रहियों ने उसके अभिभावकों का बहुरूप ले लिया है और अब उसके घर में रह रहे हैं।
कहानी प्रथम पुरुष में लिखी गयी है और कथावचक दस वर्षीय रॉब ही है। उपन्यासिका की शुरुआत एक शनिवार को रॉब के उठने से होती है। रॉब जब उठता है तो उसे लगता है जैसे उसके माँ-बाप थोड़ा बदला बदला व्यवहार कर रहे हैं। उनके इस बदले बदले व्यवहार से उसके मन में ये खयाल उपजने लगता है कि वह असल में परग्रही हैं जिन्होंने उसके माता-पिता की जगह ले ली है। यह खयाल उसके मन में क्यों उठता है? फिर जब ये खयाल उके मन में आता है तो वो आगे क्या क्या करता है यही इस उपन्यासिका की कहानी बनती है।
यह उपन्यासिका छोटे छोटे 13 अध्यायों में विभाजित है। हर एक अध्याय इस तरह से लिखा है कि अगला अध्याय पढ़ने की लालसा आपके भीतर जागृत हो जाती है। भाषा सहज सरल है जो कि बाल पाठकों के अनुरूप है। एक 10 वर्षीय बच्चे के नजर से कहानी चलती है और लेखक ऐसी परिस्थिति में उसके मन की उथल पुथल दर्शाने में सफल होते हैं। उसका डर और उसके संशय को वह सफलतापूर्वक दर्शा पाते हैं। पाठक के तौर पर यह भावनाएँ आप भी महसूस करते चले जाते हो जिससे कहानी में रोमांच अंत तक बना रहता है।
अगर आपने हॉरर काफी मात्रा में पढ़ा है तो उपन्यासिका में आगे ट्विस्ट किस तरह का रहेगा इसका हल्का-हल्का अंदाजा हो जाता है लेकिन उस ट्विस्ट को लेखक जिस तरह से पेश करते हैं वह फिर भी आपको हैरान जरूर कर देता है। ऐसे ट्विस्ट का शायद ही कोई अंदाजा लगा पाएगा।
अगर कुछ हल्का फुल्का तेज रफ्तार पढ़ना चाहते हैं तो इस किताब को पढ़ कर देख सकते हैं। हॉरर के शौकीन बाल पाठकों को यह पसंद आनी चाहिए। जो वयस्क हल्का फुल्का तेज रफ्तार कथानक पढ़ना चाहते हैं वह भी इसका लुत्फ ले सकते हैं।
पुस्तक लिंक: अमेज़न
