राजकमल के सहयात्रा उत्सव में ‘भविष्य के स्वर’ विचार-पर्व आयोजित
पुस्तक अंश: बाज़ बसेरा: बिना हत्थे की खुकरी – संजय अग्निहोत्री
राजकमल के स्थापना दिवस पर 28 को होगा ‘भविष्य के स्वर’ कार्यक्रम
वृंदावन लाल वर्मा एवं जयशंकर प्रसाद के स्मृति में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा संगोष्टी हुई आयोजित
अगाथा पुरस्कार के लिए नामांकित रचानाओं की सूची जारी
‘मरखंडी’ सिर्फ़ एक औरत की दास्तान नहीं, बल्कि उस दृढ़ता रूपी आग की गवाही है जो औरत के भीतर जलती रहती है – विनय निरंजन
‘प्रयागराज प्रदर्शनी— महाकुंभ की महागाथा’ तथा ‘जासूस बब्बन बिहारी’ का हुआ विमोचन
विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में सभा आयोजित
लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक की आत्मकथा के पाँचवे खंड का हुआ प्री ऑर्डर शुरु