बात – प्रताप नारायण मिश्र
बात कर पाना ही वह गुण है जो मनुष्य को मनुष्य बनाता है। उन्हें दूसरे पशुओं से अलग करता है। बात से रिश्ते बन भी जाते हैं और गलत बात से बिगड़ भी जाते हैं। बात का महत्व क्या है? उसकी ज़रूरत क्या है और कितने तरह की वह होती है? इसी बात पर प्रताप नारायण मिश्र ने यह निबंध लिखा था। आप भी पढ़ें:
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