बात - प्रताप नारायण मिश्र

बात – प्रताप नारायण मिश्र

बात कर पाना ही वह गुण है जो मनुष्य को मनुष्य बनाता है। उन्हें दूसरे पशुओं से अलग करता है। बात से रिश्ते बन भी जाते हैं और गलत बात से बिगड़ भी जाते हैं। बात का महत्व क्या है? उसकी ज़रूरत क्या है और कितने तरह की वह होती है? इसी बात पर प्रताप नारायण मिश्र ने यह निबंध लिखा था। आप भी पढ़ें:

बात – प्रताप नारायण मिश्र Read More
क्या लिखै - प्रताप नारायण मिश्र

क्या लिखै – प्रताप नारायण मिश्र

‘क्या लिखै’ प्रताप नारायण मिश्र का निबंध है। वह पाठक से पूछ रहे हैं कि उन्हें क्या लिखना चाहिए? आखिर वो ऐसा क्यों पूछ रहे हैं? आप भी पढ़ें:

क्या लिखै – प्रताप नारायण मिश्र Read More
मित्र कपटी भी बुरा नहीं होता - प्रताप नारायण मिश्र

मित्र कपटी भी बुरा नहीं होता – प्रताप नारायण मिश्र

मित्रों से धोखा हम सभी ने कभी न कभी खाया है। पर क्या कपटी मित्र बुरा होता है? इसी विषय पर लेखक प्रताप नारायण मिश्र ने यह लेख लिखा था। आप भी पढ़ें:

मित्र कपटी भी बुरा नहीं होता – प्रताप नारायण मिश्र Read More