रैना उवाच: खरीदी कौड़ियों के मोल
गजानन रैना सोशल मीडिया में रैना उवाच के नाम से अपने ख़ास अंदाज में अलग अलग विषयों पर अपनी टीप को प्रकाशित करते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल में पढ़िए बिमल मित्र के उपन्यास ‘खरीदी कौड़ियों के मोल’ पर लिखी गयी उनकी पाठकीय टिप्पणी।
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