सूरज पॉकेट बुक्स के नवीन सेट के प्री ऑर्डर की घोषणा की जा चुकी है। इस सम्बन्ध में घोषणा सूरज पॉकेट बुक्स के फेसबुक पृष्ठ पर सूरज पॉकेट बुक्स के संस्थापक शुभानन्द द्वारा की गयी।
सूरज पॉकेट बुक्स द्वारा प्रकाशित इस नवीन सेट में पाठकों के समक्ष पाँच उपन्यास लेकर आए जा रहे हैं। सेट में मौजूद पाँच उपन्यासों में से जहाँ दो उपन्यास हॉरर श्रेणी के हैं वहीं एक उपन्यास रोमांचकथा और दो उपन्यास रहसकथाएँ हैं। इन पाँच उपन्यासों में तीन उपन्यास वरिष्ठ लेखक परशुराम शर्मा के हैं, एक उपन्यास अनुराग कुमार जीनियस का है और एक उपन्यास जयदेव चावरिया का मौजूद है।
सूरज पॉकेट बुक्स के नवीन सेट में प्रकाशित उपन्यास निम्न हैं:
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| सूरज पॉकेट बुक्स के नवीन सेट की पुस्तकें |
बसंती चोला – परशुराम शर्मा
आइसफोर्ट की किलिंग मशीन ‘बाजीगर’ वह अमोघ शस्त्र है जो शस्त्र नहीं उठाता, 440 वोल्ट से भी शक्तिशाली पॉवर से वार करता है। उसका नाम सुनते ही बड़े-से-बड़े मुजरिम की रूह फना हो जाती है। ‘बसंती चोला’ उसकी अब तक लड़ी गयी सबसे खौफनाक जंग है। बाजीगर की किलिंग जर्नी ‘बाज’ उपन्यास से हुई। इस बार वह शांजो कबीले की आखिरी जंग में उतरता है और लाशों के अम्बार लग जाते हैं। बाजीगर इन्सानियत के दुश्मनों का महाकाल है। मार्शल आर्ट्स के बड़े-बड़े दिग्गज महारथियों के सामने बाजीगर, अर्जुन की तरह इस महाभारत में उतरता है। उसके सारथी कृष्ण नहीं हैं । बस एक विचार है, उसके गुरु शाईतैन की मौत का विचार। कौरवों की शक्ल में दुनिया के बेरहम कातिलों की फौज है, यहाँ गांडीव नहीं है, हाथों में बारूद है, जिस्म मिसाइल है और खुद बाजीगर परमाणु बम से भी अधिक विनाशकारी है।
कंकाल टाइगर -परशुराम शर्मा
तीसरे विश्वयुद्ध में दो सेनायें आमने-सामने हैं।
एक तरफ संसार की नंगी हो चुकी भौतिक आयाम की सभ्यता है, जिसके पास परमाणु बम है, हाइड्रोजन बम है, अंतरिक्ष तक को भेदने वाली मिसाइलें हैं, केमिकल हथियार हैं, जैविक शस्त्र हैं, खौफनाक गर्जन करते, उड़ते हुए विमान हैं। तोपों के दहाने हैं, सागर की मारक-परमाणु युक्त सबमरीन हैं, जंगी समुद्री बोटें हैं।
दूसरी तरफ फोर्थ डायमेंशन का नायक ‘कंकाल टाइगर’ है, जिसके पास प्रेत सेना है। वितल लोक (पाताल) की असीम शक्ति कालका है।
कलयुग की अंतिम हाहाकारी समर में धमाकों से गूँजते शहर, टुकड़ों-टुकड़ों में बिखरती महाशक्तियाँ, भौतिक ऐश्वर्य के अंत के बीच कौन हैं वो खुशनसीब नौ लाख इंसान, जो फिर से एक नए युग का आगाज करेंगे और धरती वैसी ही होगी जैसी लाखों-करोड़ों वर्ष पहले थी?
अगिया बेताल के बेटा – परशुराम शर्मा
यह आग धरती पर दौड़ती है, आकाश में उड़ती है, धरती में समा जाती है और इसका वजूद इंसानी रूप है परंतु इसे मनुष्य साधारण दृष्टि से नहीं देख सकता जबकि इनका पूरा साम्राज्य इसी धरती पर है जो अदृश्य हैं, जैसे हवा है पर अदृश्य है । यदि बेतालों के इस संसार में उतरना है तो जान हथेली पर रखकर जाना होगा। यह अगिया बेताल की खौफ़नाक दुनिया है।
‘अगिया बेताल’ में आपने पढ़ी एक डॉक्टर के तांत्रिक बनने की कहानी। अब जानते हैं कि अगिया बेताल के इंसान से जन्मे बेटे के कारनामे कैसे थे।
मुर्दे की जान खतरे में – अनुराग कुमार जीनियस
मुबारक सिंह शहर का एक मशहूर बिजनेसमैन था जो अपने दोस्त इकबाल के साथ पार्टनरशिप में एक फाइव स्टार होटल चलाता था। सब कुछ अच्छा चल रहा था पर एक सपना था जिसने मुबारक सिंह को परेशान कर रखा था। सपने में उसे एक भयानक शक्ल वाला मुर्दा दिखता था और उस मुर्दे ने ही उसकी रातों की नींद दिन का चैन खराब कर दिया था। पर वह यह सोचकर तसल्ली कर लेता था कि वह महज सपना ही था। मगर एक रात उसका सपना सच हो गया। वह भयानक शक्ल वाला मुर्दा उसके सामने आ खड़ा हुआ।
माय फर्स्ट मर्डर केस – जयदेव चावरिया
जूलरी शॉप के मालिक अशोक नंदा को एक रात किसी ने वक़्त से पहले परलोक पहुंचा दिया। पुलिस को पक्का शक था कि खून उसके दोनों बेटो में से किसी एक ने ही किया है । फिर कहानी में दखल होता है ऐसे जासूस का जिसका अशोक नंदा मर्डर केस पहला मर्डर केस था। जिसने जासूस को यह केस सौंपा उसे खुद यकीन नहीं था कि वह यह केस हल कर पायेगा।
अशोक नंदा का खून किसने किया ? क्या पुलिस कातिल को पकड़ पाई ? क्या जासूस अपना पहला मर्डर केस हल कर सका ? या यह केस उसका आखिरी केस साबित हुआ ?
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उपन्यास पाठकों को 13 सितंबर 2021 से भेजनी शुरू की जाएगी। पुस्तकेंआप सूरज पॉकेट बुक्स की साइट से मँगवा सकते हैं।
सूरज पॉकेट बुक्स
सूरज पॉकेट बुक्स की दूसरी किताबें अमेज़न से निम्न लिंक पर जाकर भी मँगवाई जा सकती हैं:
अमेज़न
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