कहानी: श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
सुपर्णा पं. रामखेलावन की पुत्री थी जिसका विवाह उन्होंने श्रीमान्... Read more.
कहानी: चतुरी चमार – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
कथावाचक उन दिनों गाँव में रहने लगा था। उसके घर के नज़दीक ही चतुरी... Read more.
साहित्य और भाषा – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
साहित्य की भाषा कैसी होनी चाहिए? सरल या क्लिष्ट। यह एक ऐसा विषय... Read more.
कहानी: सुकुल की बीबी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
सुकुल कथावाचक का बहुत पुराना दोस्त था। आज काफी समय बाद उससे मिलने... Read more.
कहानी: देवी – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
वह होटल के बाहर अपने बच्चे के साथ बैठी रहती थी। लोगों के अनुसार... Read more.
कहानी: प्रेमपूर्ण तरंग – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
बाबू प्रेमपूर्ण कथावाचक के मित्र हैं। रोमांस का उन्हें शौक है।... Read more.
कहानी: न्याय – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
किस तरह न्यायवयस्था में सच के बजाए ताकतवर को तरजीह दी जाती है और... Read more.