साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
रुपाली 'संझा' जी खंडवा मध्य प्रदेश से आती हैं। इनकी शुरूआती पढ़ाई खंडवा में ही हुई। फिर इंदौर से माध्यमिक और हायर सेकंड्री के अलावा स्नातक भी किया। उज्जैन के माधव कॉलेज से भूगोल में मास्टर्स करते हुए उन्होंने यूनिवर्सिटी टॉप किया। अट्ठारह वर्ष तक अलग अलग शहरों में अध्यापन करने के पश्चात अपने परिवार को समय देने के खातिर उन्होंने फिलहाल नौकरी से ब्रेक ले लिया है।
प्रकाशित रचनाएँ:
उपन्यास: ऑनलाइन डेटिंग अप्प्रोक्स 25:35
कविता संग्रह: इस पार मैं, पंखो वाली लड़की की उड़ान
संस्मरण: एढ़ाई
यात्रा वृत्तान्त: दिल की खिड़की में टँगा तुर्की, इतने भी दूर नहीं थे, खुमारी खुमेर की