दाँव-खेल – वेद प्रकाश कांबोज | गुल्लीबाबा – जीपीएच बुक्स
सी आई यू: क्रिमिनल्स इन यूनिफ़ॉर्म | संजय सिंह | राकेश त्रिवेदी
स्वेच्छा | ओल्गा | आर शांता सुंदरी
तहकीकात 3 | नीलम जासूस कार्यालय
साज़िश | अहमद यार खाँ | अनुवाद: इश्तियाक खाँ | तहकीकात 3
भयानक प्रतिशोध – मलिक सफ़दर हयात | अनु: इश्तियाक खाँ | तहकीकात 3
जीतेंगे हम – साबिर हुसैन | राष्ट्रीय पुस्तक न्यास | चित्र: पार्थ सेनगुप्ता
सपेरा | राज कॉमिक्स | जॉली सिन्हा
कान का बुंदा – योगेश मित्तल | तहकीकात 3