लघु-कथा: गुदड़ी में लाल – जयशंकर प्रसाद
बुढ़िया चाहती थी कि वो नौकरी करे। किसी की दी हुई भीख लेना उसके आत्मसम्मान... Read more.
लघु-कथा: गूदड़ साईं – जयशंकर प्रसाद
मोहन ने बहुत दिनों बाद गूदड़ साईं को मोहल्ले में देखा तो उसे आवाज़... Read more.
लघु-कथा: प्रसाद – जयशंकर प्रसाद
'प्रसाद' जयशंकर प्रसाद की लिखी लघु-कथा है। यह उनके संग्रह प्रतिध्वनि... Read more.
कहानी: सुनहला साँप – जयशंकर प्रसाद
चंद्रदेव अपने दोस्त देवकुमार के साथ मसूरी घूमने आया था। चंद्रदेव... Read more.
लघु-कथा: ज्योतिषमती – जयशंकर प्रसाद
आधी रात होने को आयी थी और वह युवती उस घने जंगल में घूम रही थी। वह... Read more.