टिप्पणी: तहकीकात 2

तहकीकात 2: अनजान हत्यारे – अहमद यार खाँ | इश्तियाक खाँ

संस्करण विवरण: फॉर्मैट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 26 | प्रकाशन: नीलम जासूस कार्यालय | अंक: तहकीकात 2 पुस्तक लिंक: अमेज़न कहानी मृतक मृत्यु के समय अड़तालीस वर्षीय था। उसके बेटे आशिक अली और उसकी दूसरी पत्नी राहत का कहना …

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तहकीकात 2: मेजर अली रजा की डायरी – ओम प्रकाश शर्मा

‘मेजर अली रजा की डायरी’ जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा की उपन्यासिका है। यह उपन्यासिका नीलम जासूस कार्यालय द्वारा प्रकाशित तहकीकात पत्रिका के दूसरे अंक में प्रकाशित हुई थी। पढ़ें रचना पर लिखी यह टिप्पणी:

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तहकीकात 2: सीढ़ियाँ और जहर – अहमद यार खाँ | इश्तियाक खाँ

संस्करण विवरण: फॉर्मैट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 26 | प्रकाशन: नीलम जासूस कार्यालय | अंक: तहकीकात 2 पुस्तक लिंक: अमेज़न कहानी  शहर के दो हिस्सों में उन दिनों दो पतियों की मौत …

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मेरी जान के दुश्मन – सुरेन्द्र मोहन पाठक | ओम साई टेक बुक्स

संस्करण विवरण: फॉर्मैट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 208 | प्रकाशक: ओम साई टेक बुक्स | प्रथम प्रकाशन: 1981 पुस्तक लिंक: अमेज़न | साहित्य विमर्श कहानी चार साल पहले जोगिंदर बतरा …

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पुस्तक टिप्पणी: गोल्डन फाइव के कारनामें - नेहा अरोड़ा | फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशन्स

पुस्तक टिप्पणी: गोल्डन फाइव के कारनामें – नेहा अरोड़ा | फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशन्स

फ्लाईड्रीम्स प्रकाशन द्वारा प्रकाशित  ‘गोल्डन फाइव के कारनामें’ में नेहा अरोड़ा के दो लघु उपन्यासों को संकलित किया गया है। इसमें विवान, मान्या, हेयांश, किमाया और करनव के कारनामें हैं जो कि आपस में दोस्त हैं। वह खुद को गोल्डन फाइव कहते हैं और उन्हें रहस्यमय मामलों को सुलझाना पसंद है। इस पुस्तक में उनके पहले दो कारनामें ‘खजाने का रहस्य’ और ‘चमकते पत्थर का रहस्य’ को संकलित किया गया हैं। 

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एक म्यान दो तलवारें - अनिल मोहन | राजा पॉकेट बुक्स

एक म्यान दो तलवारें – अनिल मोहन | राजा पॉकेट बुक्स

‘एक म्यान दो तलवारें’ लेखक अनिल मोहन की मोना चौधरी शृंखला का उपन्यास है। उपन्यास रवि पॉकेट बुक्स द्वारा प्रकाशित किया गया था। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह विस्तृत टिप्पणी:

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आकाशिक - दीप्ति मित्तल

पुस्तक टिप्पणी: प्यार की सही परिभाषा बतलाने में सफल होती है दीप्ति मित्तल की उपन्यासिका ‘आकाशिक’

‘आकाशिक’ लेखिका दीप्ति मित्तल की उपन्यासिका है। किंडल पर प्रकाशित इस रचना को के डी पी 5: पेन टू पब्लिश प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार मिला था। उपन्यासिका प्रेम और उसके असल मायने को केंद्र में लेकर लिखी गई है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:

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पुस्तक टिप्पणी: दिल्ली से प्लूटो

पुस्तक टिप्पणी: दिल्ली से प्लूटो – हरीश कुमार ‘अमित’ | चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट

‘दिल्ली से प्लूटो’ हरीश कुमार ‘अमित’ का लिखा उपन्यास बाल उपन्यास है। यह उपन्यास चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें उपन्यास पर लिखी यह टिप्पणी:

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पुस्तक समीक्षा: 'पुछेरी' और 'ऐसी बदली नाक की नथ'

पुछेरी, ऐसी बदली नाक की नथ – मनोहर चमोली ‘मनु’ | राष्ट्रीय पुस्तक न्यास

‘पुछेरी’ और ‘ऐसी बदली नाक की नथ’ लेखक मनोहर चमोली ‘मनु’ की दो कहानियाँ हैं। ये कहानियाँ राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नैशनल बुक ट्रस्ट) द्वारा प्रकाशित की गयी हैं। पढ़ें पुस्तक पर लिखी टिप्पणी।

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सुंदरवन में सात साल - बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय, भुवनमोहन राय | जयदीप शेखर | साहित्य विमर्श प्रकाशन

पुस्तक टिप्पणी: सुंदरवन में सात साल – बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय, भुवनमोहन राय | जयदीप शेखर | साहित्य विमर्श प्रकाशन

‘सुंदरबन में सात साल’ लेखकद्वय बिभूतिभूषण बंद्योपाध्याय और भुवनमोहन राय का लिखा किशोर उपन्यास है। मूलतः यह उपन्यास बांग्ला भाषा में लिखा गया था। उपन्यास का अनुवाद हिंदी में जयदीप शेखर ने किया है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:

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पुस्तक टिप्पणी: तहकीकात पत्रिका

तहकीकात 4 | नीलम जासूस कार्यालय

तहकीकात नीलम जासूस कार्यालय द्वारा प्रकाशित होने वाली पत्रिका है। पत्रिका का यह चौथा अंक है। पढ़ें पत्रिका के चौथे अंक पर लिखी यह टिप्पणी:

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पुस्तक टिप्पणी: तहकीकात पत्रिका

टिप्पणी: माँ की खातिर | अहमद यार खाँ | अनु: इश्तियाक खाँ | तहकीकात 4 | नीलम जासूस कार्यालय

‘माँ की खातिर’ अहमद यार खाँ की सत्य कथा है। यह रचना तहकीकात के चौथे अंक में प्रकाशित की गई है। मूल रूप से उर्दू में प्रकाशित इस रचना का अनुवाद इश्तियाक खाँ ने किया है। पढ़ें इस रचना पर लिखी यह टिप्पणी:

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