हंडिया भर खून – नानक सिंह
361 by Donald E Westlake
इंसाफ दो – सुरेन्द्र मोहन पाठक
ड्रेकुला का अंत : एक्शन और रोमांच से भरपूर एक चित्रकथा
दौलत की खातिर – अनिल मोहन
राजन की शादी – शुभानन्द
तीन हॉरर कॉमिक्स : चीखता कब्रिस्तान,तेरी मौत तेरे सामने,दलदल के नीचे
पुस्तक टिप्पणी: मुर्दा नम्बर 13 – रीमा भारती
ड्रेकुला का हमला और नागराज और ड्रेकुला के ऊपर मेरे विचार