अनुत्तरित प्रश्नो और जल्दबाजी में किये गये अंत के कारण एक कमजोर कॉमिक बनकर रह जाता है ‘बारहवाँ कंकाल’
अपनी कमियों के बावजूद भी मनोरंजन करने में सफल होती है ‘बटलर’ | राज कॉमिक्स | तरुण कुमार वाही
पुस्तक टिप्पणी: पतन – समीर
आलसी लेखन का एक नमूना है तुलसी कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित ‘मुखिया का लड़का’ | तुलसी कॉमिक्स | आशीष रानू
23rd जून प्रोडक्शन | प्रिंस कॉमिक्स | सैय्यद एम रजा
उपन्यास राक्षस के लेखक नितिश सिन्हा से एक खास बातचीत
छोटी मगर विचारोत्तेजक चित्रकथा है वह कौन था? | प्रिंस कॉमिक्स | अंसार अख्तर
बुरी किस्मत के चलते जिंदगी में आई उठा पटक की कहानी है ‘आई विटनेस’
पाठक को अंत तक बांधकर रखता है शोस्टॉपर | राज कॉमिक्स | नितिन मिश्रा