साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
जन्म: 26 अगस्त 1891
आचार्य चतुरसेन शास्त्री का जन्म उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद चंडोक नामक गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम पंडित केवल राम ठाकुर और माता का नाम नन्ही देवी था। उनके माता-पिता ने उन्हें चतुर्भुज नाम दिया था।
उनकी शुरुआती शिक्षा सिकंदराबाद में हुई और फिर जयपुर राजस्थान के संस्कृत विद्यालय से उन्हें आयुर्वेद में आयुर्वेदाचार्य और संस्कृत में शास्त्री की डिग्री मिली।
उन्होंने दिल्ली में आयुर्वेदिक डॉक्टर के तौर पर, फिर लाहौर में आयुर्वेद के सीनियर प्रोफेसर के तौर पर और फिर आखिरकार जयपुर में अपने श्वसुर की डिस्पेंसरी आयुर्वेद के डॉक्टर के तौर पर कार्य किया। यहीं रहते रहते उन्होंने लिखना शुरू किया।
उनका पहला उपन्यास हृदय की परख था जो कि 1918 में प्रथम बार प्रकाशित हुआ था। इसके पश्चात 1921 में उनका दूसरा उपन्यास सत्याग्रह और असहयोग प्रकाशित हुआ जिसने पाठकों का ध्यान उनकी तरफ खींचा। इसके पश्चात उनकी कलम लगातार चलती रही।
वे हिंदी के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कथाकार, नाटककार और लेखक थे। वे अपने लिखे ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की रचनाओं के लिए जाने जाते हैं।
प्रमुख रचनाएँ: गोली, सोमनाथ, वयं रक्षामः, वैशाली की नगरवधु इत्यादि
निधन: 2 फरवरी 1960
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