‘मरखंडी’ सिर्फ़ एक औरत की दास्तान नहीं, बल्कि उस दृढ़ता रूपी आग की गवाही है जो औरत के भीतर जलती रहती है – विनय निरंजन

15 जनवरी 2026, नई दिल्ली: आज नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में लेखक विनय निरंजन के नवीन उपन्यास ‘मरखंडी’ के कवर का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। यह उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। लोकार्पण समारोह साहित्यप्रेमियों, लेखकों एवं पाठकों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

उपन्यास मरखंडी एक स्त्री की अदम्य दृढ़ शक्ति, संघर्ष और आत्मसम्मान की मार्मिक तथा सशक्त दास्तां प्रस्तुत करता है। यह कृति सामाजिक यथार्थ, स्त्री चेतना और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से उजागर करती है। लेखकीय भाषा-शैली सहज, प्रभावशाली और पाठक को अंत तक बाँधे रखने वाली है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मरखंडी समकालीन हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श को एक नई दृष्टि प्रदान करता है और पाठकों को सोचने के लिए विवश करता है।

लेखक विनय निरंजन ने इस अवसर पर कहा कि ‘मरखंडी’ सिर्फ़ एक औरत की दास्तान नहीं, बल्कि उस दृढ़ता रूपी आग की गवाही है जो औरत के भीतर जलती रहती है। किताब की प्रेरणा पर बात करते हुए उन्होंने कहा, इस कहानी की प्रेरणा उन औरतों से मिली है जिनकी ज़िंदगी सवालों, तानों और बंद रास्तों से भरी रही। ऐसी औरतें जिन्होंने आँसू छुपाकर सपनों को जिंदा रखा,और हर ठोकर को अपनी ताक़त बना लिया। यह कहानी उस औरत की है जो समाज से लड़ी, हालात से भिड़ी और आखिरकार अपनी पहचान के साथ दुनिया जीत गई।

आयोजन में मौजूद फ्लाईड्रीम्स प्रकाशन के संस्थापक जयंत कुमार बलोच ने कहा कि मरखंडी की कहानी स्त्रियों के संघर्ष के लिए मन में सम्मान बढ़ाती है और यह खुशी की बात है कि ऐसी स्त्री केंद्रित कहानियाँ लाई जा रही हैं।

साहित्य विमर्श प्रकाशन ने आशा व्यक्त की कि मरखंडी पाठकों के बीच व्यापक रूप से सराही जाएगी और साहित्यिक जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगी। उपन्यास फरवरी माह में पाठकों के लिए उपलब्ध होगा।

बताते चलें ‘मरखंडी’ लेखक विनय निरंजन का तीसरा उपन्यास है। इससे पूर्व उनका उपन्यास ‘नछत्तर’ भी साहित्य विमर्श प्रकाशन से प्रकाशित हो चुका है जिसे पाठकों का भरपूर प्यार मिला था। विनय फिलहाल मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में निर्देशक और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में अपना सक्रिय योगदान दे रहे हैं।


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