समीक्षा: विराट 7
संस्करण विवरण:फॉर्मेट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या:44 | प्रकाशक: राज कॉमिक्स | श्रृंखला: विराट #7 | कहानी: कमलेश्वर | कॉमिक रूपान्तर: हनीफ अजहर | चित्रांकन: कदम स्टूडियो कहानी: कालभैरव के गुरु प्रचंडदेव की …
समीक्षा: विराट 7 Read Moreसाहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
संस्करण विवरण:फॉर्मेट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या:44 | प्रकाशक: राज कॉमिक्स | श्रृंखला: विराट #7 | कहानी: कमलेश्वर | कॉमिक रूपान्तर: हनीफ अजहर | चित्रांकन: कदम स्टूडियो कहानी: कालभैरव के गुरु प्रचंडदेव की …
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दीपक पूनियां राजस्थान के रहने वाले हैं। कॉमिक बुक्स के दीवाने हैं। हालिया रिलीज़ हुयी सर्पसत्र पर उन्होंने हमें अपने विचार लिखकर भेजे हैं। आप भी पढ़िये। सर्पसत्र प्रकाशक: राज कॉमिक्स …
अगले भाग के लिए अच्छी भूमिका बनाता औसत से अच्छा कॉमिक है सर्पसत्र – दीपक पूनियां Read More
अनुराग कुमार सिंह जी की लिखी कहानियाँ वर्षो से राज कॉमिक्स में पढ़ते आ रहा हूँ। उनकी लिखी यह कहानियाँ मेरी पसंदीदा भी रही है। अनुराग जी ने कुछ समय …
समीक्षा: अमोघ – अनुराग कुमार सिंह Read More
‘चट्टानों में आग’ इब्ने सफ़ी द्वारा लिखा गया उपन्यास है। यह अली इमरान शृंखला का दूसरा उपन्यास है। यह उनके उर्दू में लिखे उपन्यास ‘चट्टानों में फायर’ का हिंदी अनुवाद है। अनुवाद हार्पर हिंदी द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह टिप्पणी:
पुस्तक टिप्पणी: चट्टानों में आग – इब्ने सफ़ी Read More
संस्करण विवरण:फॉर्मेट: ई-बुक | पृष्ठ संख्या: 22 | एएसआईएन: B089DV9Q4B किताब लिंक: अमेज़न कहानी: विराज माथुर एक पच्चीस वर्षीय फोटो जर्नलिस्ट था जिसे कैमरों से अत्यधिक प्रेम था। ऐसे में जब …
कातिल कैमरा – विकास सी एस झा Read More
राघवेन्द्र सिंह एक सजग पाठक तो हैं ही साथ में एक कुशल सम्पादक भी हैं। उन्होंने हाल ही में लेखक सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’ और मनीष खण्डेलवाल के उपन्यास रावायण पर …
रावायण – सिद्धार्थ अरोड़ा ‘सहर’, मनीष खण्डेलवाल Read More
संस्करण विवरण:फॉर्मेट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 40 | प्रकाशक: राज पॉकेट बुक्स | श्रृंखला: राजन-इकबाल कहानी:माला शहर के एक धनाढ्य व्यक्ति मोहन जयसवाल की जवान बीवी थी। जहाँ मोहन जयसवाल साठ …
सुन्दरता की ब्लैकमेलिंग – एस सी बेदी Read More
संस्करण विवरण:फॉर्मेट: पेपरबैक | प्रकाशक: राज कॉमिक्स | पृष्ठ संख्या: 32 | चित्रांकन: बेदी | लेखक: तरुण कुमार वाही | सम्पादक: मनीष गुप्ता | श्रृंखला: बाँकेलाल कहानी: कंकड़बाबा के शाप की अवधि …
बाँकेलाल और भूतों की टोली Read More
संस्करण विवरण:फॉर्मेट: ई-बुक | एएसआईएन: B0969NK8VD किताब लिंक: अमेज़न कहानी: अनिरुद्ध पाठक हिन्दी अपराध साहित्य का एक जाना माना नाम था। जहाँ सभी प्रकाशक उसके उपन्यास प्रकाशित कर पाने की चाहत रखा …
अनहोनी – चन्द्रप्रकाश पाण्डेय Read More
डॉ. अरुण कुकसाल वरिष्ठ समाज विज्ञानी, प्रशिक्षक, लेखक एवं घुमक्कड़ हैं। आज एक बुक जर्नल पर पढ़िए लेखक ललित मोहन रयाल की अपनी पिता पर लिखी किताब काऽरी तु कब्बि ना हाऽरि …
एक कर्मयोगी के जीवन और जीविका की शानदार दास्ताँ है ‘काऽरी तु कब्बि ना हाऽरि’ Read More
गजानन रैना सोशल मीडिया में रैना उवाच के नाम से अपने ख़ास अंदाज में अलग अलग विषयों पर अपनी टीप को प्रकाशित करते रहते हैं। आज एक बुक जर्नल में पढ़िए बिमल मित्र के उपन्यास ‘खरीदी कौड़ियों के मोल’ पर लिखी गयी उनकी पाठकीय टिप्पणी।
रैना उवाच: खरीदी कौड़ियों के मोल Read More
ब्लैकमेलर की हत्या सुनील शृंखला का पाँचवा उपन्यास है। यह एक छोटे कलेवर का उपन्यास है जो कि प्रथम बार 1966 में प्रकाशित हुआ था। पढ़ें इस उपन्यास पर लिखी यह टिप्पणी:
पुस्तक टिप्पणी: ब्लैकमेलर की हत्या – सुरेन्द्र मोहन पाठक Read More