साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
जन्म: 9 अप्रैल 1893, पंदहा, आजमगढ़ उत्तर प्रदेश
राहुल सांकृत्यायन का जन्म 9 अप्रैल 1893 को आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के पंदहा नामक ग्राम में केदारनाथ पांडेय के रूप में हुआ था। इनके पिता का नाम गोवर्धन पांडेय और माता का नाम कुलवंती था। इनके चार भाई और एक बहन थी। भाइयों में ये सबसे बड़े थे। बहन का देहांत बाल्यावस्था में हो गया था। 1930 में बौद्ध धर्म अपनाने पर इनका नाम राहुल पड़ा और क्योंकि इनका पित्रकुल गोत्र सांकृत्य था तो नाम सांकृत्यायन आगे इन्होंने जोड़ा।
राहुल सांकृत्यायन को हिंदी यात्रा साहित्य का जनक भी कहा जाता है। यात्रा वृत्तांतों के अतिरिक्त उन्होंने कहानियाँ, उपन्यास और जीवनियाँ भी लिखी हैं। वह 30 से ऊपर भाषाएँ जानते थे और हिंदी और भोजपुरी में लिखा करते थे।
मुख्य रचनाएँ:
कहानी संग्रह: सतमी के बच्चे, वोल्गा से गंगा तक, बहुरंगी मधुपुरी, कनैला की कथा
उपन्यास: बाइसवीं सदी, जीने के लिए,सिंह सेनापति, भागों नहीं दुनिया को बदलो, मधुर स्वप्न, राजिस्थान रानिवास, विस्मृत यात्री, विस्मृति के गर्भ में, दिवोदास
यात्रा वृत्तांत: लंका, जापान, ईरान, किन्नर देश में, मेरी लद्दाख यात्रा, मेरी तिब्बत यात्रा, तिब्बत में सवा वर्ष
आत्मकथा: मेरी जीवन यात्रा (पाँच खंडों में)
जीवनी: सरदार पृथ्वी सिंह, नये भारत के नये नेता, स्टालिन, लेनिन, कार्ल मार्क्स, माओ से-तुंग, घुमक्कड़ स्वामी, वीरचंद्र सिंह गढ़वाली, सिंहल के वीर पुरुष इत्यादि
अन्य: मध्य एशिया का इतिहास, मानसिक गुलामी, घुमक्कड़ शास्त्र, मानव समाज, दर्शन दिग्दर्शन
निधन: 14 अप्रैल 1963
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