हॉरर थ्रिलर उपन्यास एस 3 के लेखक आलोक सिंह खालौरी से एक बातचीत
तहकीकात 4 | नीलम जासूस कार्यालय
टिप्पणी: माँ की खातिर | अहमद यार खाँ | अनु: इश्तियाक खाँ | तहकीकात 4 | नीलम जासूस कार्यालय
प्रेम प्यासी | अहमद यार खाँ | अनुवाद: इश्तियाक खाँ | तहकीकात 4
बेगुनाह गुनाहगार – अजिंक्य शर्मा | ऋषभ सक्सेना
खून मेरा जहरीला – रजत राजवंशी | सूर्या पॉकेट बुक्स | योगेश मित्तल
एक्शन का भरपूर है नागराज की ‘क्राइम किंग’ | राज कॉमिक्स | अनुपम सिन्हा
पुस्तक टिप्पणी: मिट्टी मेरे देश की | संजीव जायसवाल ‘संजय’ | राष्ट्रीय पुस्तक न्यास
खोये शहर की खोज – वेद प्रकाश कांबोज | नीलम जासूस कार्यालय