साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात
अंकुर मिश्रा कानपुर उत्तर प्रदेश के हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के पश्चात बैंकिंग क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने का विचार किया। अब वह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में वरिष्ठ प्रबन्धक के पद पर कार्यरत हैं।
उनकी कहानियाँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं।
पुरस्कार: 'गंगापुत्र भीष्म' को उत्तर प्रदेश हिंदी अकादमी द्वारा बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' पुरस्कार प्राप्त हुआ है व साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार हेतु अंतिम 10 पुस्तकों में लगातार दो बार यह पुस्तक रही है। सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' साहित्य सम्मान-2018, कहानी संग्रह कॉमरेड यश प्रकाशन के 'नवलेखन उपक्रम' के तहत प्रकाशित।
पुस्तकें:
कहानी संग्रह: द ज़िंदगी, कॉमरेड
उपन्यास: गंगापुत्र भीष्म, अपराजिता, तिमिर
ईमेल्: mynameankur@gmail.com