# एक बुक जर्नल > साहित्य की बात, साहित्य से मुलाकात ## Posts - [लेखक संतोष पाठक लेकर आ रहे हैं 'क्राइम फाइल'](https://ekbookjournal.com/author-santosh-pathak-launches-youtube-channel/): रहस्यकथा लेखक संतोष पाठक लेकर आये हैं 'क्राइम फाइल बाय संतोष पाठक'। सुनाएँगे सच्चे अपराध की रोंगटे खड़े कर देनी वाली दास्तान। पढ़ें विस्तृत खबर: - [डेरिंजर पुरस्कार 2026 के लिए फाइनलिस्टों की हुई घोषणा](https://ekbookjournal.com/finalists-for-derringer-awards-2026-announced/): शॉर्ट मिस्ट्री फिक्शन सोसाइटी द्वारा 2026 के डेरिंजर पुरस्कारों के लिए फाइनलिस्टों की सूची जारी कर दी है। यह घोषणा 1 अप्रैल को शॉर्ट मिस्ट्री फिक्शन सोसाइटी के ब्लॉग पर की गयी। - [किस्से मैत्रीदत्त के: नया स्कूटर - आलोक सिंह खालौरी](https://ekbookjournal.com/kisse-maitridutt-ke-naya-scooter-alok-singh-khalauri/): हम सभी के जीवन में कुछ लोग ऐसे आते हैं जिनके व्यक्तित्व की गहरी छाप हमारे मन मस्तिष्क पर छूट जाती है। उनके साथ रहने पर जीवन में ऐसे रोचक प्रसंग होने लगते हैं जो भले ही घटित होने के दौरान हमारी जान सुखा दें लेकिन जिन्हें भविष्य में याद करते हुए हमारे चेहरे पर मुस्कान सी आ जाती है। लेखक आलोक सिंह खालौरी के मित्र मैत्रीदत्त भी ऐसी ही शख्सियत के मालिक थे। पढ़ें मैत्रीदत्त से जुड़ा लेखक आलोक सिंह खालौरी का लिखा यह संस्मरण 'नया स्कूटर' - [कहानी: दृष्टिकोण - सुभद्रा कुमारी चौहान](https://ekbookjournal.com/hindi-story-drishtikon-subhadra-kumari-chauhan/): निर्मला और रमाकांत दोनों दुनिया की नज़र में आदर्श दंपति थे। पर उनकी प्रकृति अलग-अलग थी। जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण अलग अलग था। इसी कारण कभी कभार उनके बीच मतभेद भी हो जाता था। आखिर इस अलग-अलग दृष्टिकोण का क्या नतीजा निकला? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी 'दृष्टिकोण': - [कथा संग्रह 'पनाळ' का हुआ लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/katha-sangrah-panal-ka-hua-lokarpan/): 2 अप्रैल 2026 को दून पुस्तकालय के सभागार में समय साक्ष्य द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'पनाळ' का लोकार्पण और परिचर्चा का आयोजन हुआ। कहानियों का अनुवाद कांता घिल्डियाल द्वारा किया गया है। - [उर्दू अकादमी द्वारा अखिल भारतीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का किया गया आयोजन](https://ekbookjournal.com/urdu-academy-organises-all-india-mushaira-and-kavi-sammelan/): उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के तत्वावधान में एक भव्य अखिल भारतीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन दिनांक 30 मार्च 2026 को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर एवं साहित्यकार डॉ. हरिओम (आई.ए.एस) ने की। - [सांता नंद मिश्र की पुस्तक 'गाँव की मिट्टी मिटने नहीं देती' का हुआ लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/santa-nand-mishra-s-book-gaon-ki-mitti-mitne-nahin-deti-launched-in-jnu-convention-center/): श्री सांता नंद मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक 'गाँव की मिट्टी मिटने नहीं देती' का भव्य लोकार्पण समारोह जेएनयू कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, साहित्य प्रेमियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और अपनी जड़ों से जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण उत्सव बन गया। - [फिल्म और साहित्य - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/film-aur-sahitya-premchand/): मई 1935 में प्रेमचंद का लिखा एक लेख ‘सिनेमा और साहित्य’ ‘लेखक’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। इस लेख को पढ़ने के बाद नरोत्तमप्रसाद नागर ने उस लेख का प्रतिवाद लिखा था। प्रेमचंद का वो लेख, नरोत्तमप्रसाद का प्रतिवाद और उनके प्रतिवाद का दिया गया प्रेमचंद का जवाब यहाँ पर दिया जा रह है। यह पूरा लेख हंस पत्रिका में जून 1935 में प्रकाशित हुआ था। आज भी सिनेमा और साहित्य के बीच की यह बहस प्रासंगिक है। आप भी इसे पढ़ें: - [साक्षात्कार: लेखक सबुज हालदार से एक बातचीत](https://ekbookjournal.com/a-short-interview-with-writer-sabuj-haldar/): सबुज हालदार हिंदी, अंग्रेजी और बांग्ला भाषाओं में समान अधिकार रखते हैं। हिंदी और बांग्ला में वह लेखन और अनुवाद करते हैं। एक बुक जर्नल पर हमने उनसे उनके लेखन और उनके द्वारा किए गये अनुवादों के ऊपर यह बातचीत की है। आप भी पढ़ें: - [कहानी: श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'](https://ekbookjournal.com/hindi-story-shrimati-gajanand-shastrini-suryakant-tripathi-nirala/): सुपर्णा पं. रामखेलावन की पुत्री थी जिसका विवाह उन्होंने श्रीमान् पं. गजानंद शास्‍त्री के साथ किया था। वह सुपर्णा से लगभग तीस साल बढ़े थे और सुपर्णा से उनकी चौथी शादी हुई थी। यह विवाह कैसे हुआ और सुपर्णा किस तरह से श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी बनी और श्रीमती गजानंद शास्त्रिणी का जीवन आगे कैसा रहा? इसकी कथा आप भी पढ़ें: - [वर्ष 2026 के बैरी अवार्ड्स के लिए नामांकित रचनाओं की सूची हुई जारी](https://ekbookjournal.com/nominations-for-barry-awards-2026-announced/): डेडली प्लेज़र पत्रिका द्वारा बैरी अवार्ड के लिए नामांकित रचनाओं की सूची जारी कर दी गयी है। यह सूचना डेडली प्लेज़र की वेबसाइट पर प्रकाशित की गयी। - [कहानी: आवारागर्द - आचार्य चतुरसेन शास्त्री](https://ekbookjournal.com/hindi-story-aawaragard-acharya-chatursen-shastri/): वह एक आवारागर्द था। आवारागर्दी का जीवन जीता है। ऐसे ही वह काश्मीर पहुँच गया था। वहाँ जाकर उसने क्या किया? जानने के लिए पढ़ें आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी 'आवारागर्द' - [डॉ. शोभा विजेंद्र की पुस्तक ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता-विलक्षण एकात्मकता’ का हुआ लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/shatayu-sangh-aur-mahila-sahbhagita-ka-lokarpan/): कल 18 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रसिद्ध समाज सेविका और लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र की पुस्तक ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता-विलक्षण एकात्मकता’ का लोकार्पण हुआ। इसकी अध्यक्षता की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर ने। विशिष्ट अतिथि के रूप में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता जी उपस्थित थे। - [ममता कालिया ने हिन्दी कथा और संस्मरण लेखन को नई दृष्टि दी है](https://ekbookjournal.com/mamta-kaliya-ne-hindi-katha-aur-sansmaran-lekhan-ko-nayi-drishti-di-hai/): हिंदी की वरिष्ठ लेखक ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर राजकमल प्रकाशन समूह के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। - [राजकमल के सहयात्रा उत्सव में ‘भविष्य के स्वर’ विचार-पर्व आयोजित](https://ekbookjournal.com/rajkamal-ke-sahyatra-utsav-mein-bhavishya-ke-swar-vichar-parv-ayojit/): राजकमल प्रकाशन के 81वें स्थापना दिवस पर शनिवार शाम आयोजित ‘सहयात्रा उत्सव’ में समकालीन साहित्य और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर ‘भविष्य के स्वर’ विचार-पर्व के छठे अध्याय में पाँच युवा वक्ताओं—कलाकार उन्नति चौधरी, शोधार्थी-अध्येता पंकज कुमार, कवि पराग पावन, कथाकार-आलोचक शहनाज़ रहमान और पत्रकार सोनल पटेरिया ने व्याख्यान दिए। - [पुस्तक अंश: बाज़ बसेरा: बिना हत्थे की खुकरी - संजय अग्निहोत्री](https://ekbookjournal.com/book-excerpt-baaz-basera-bina-hatthe-ki-khukari-sanjay-agnihotri/): 'बाज़ बसेरा: बिना हत्थे की खुकरी' लेखक संजय अग्निहोत्री द्वारा लिखित जतिन जागीरदार शृंखला का दूसरा उपन्यास है। उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। एक बुक जर्नल पर पढ़ें इस उपन्यास का एक अध्याय 'बिना हत्थे की खुकरी'। - [राजकमल के स्थापना दिवस पर 28 को होगा ‘भविष्य के स्वर’ कार्यक्रम](https://ekbookjournal.com/rajkamal-prakashan-s-bhavishay-ke-swar-karyakram-to-be-held-on-28-feb/): राजकमल प्रकाशन अपनी स्थापना के 81वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 28 फरवरी की शाम ‘सहयात्रा उत्सव’ का आयोजन कर रहा है। इस अवसर पर ‘भविष्य के स्वर’ विचार-पर्व का छठा अध्याय प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें पाँच युवा प्रतिभाएँ अपने व्याख्यान देंगी। विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों से आने वाले इन युवाओं ने हाल के वर्षों में अपने कार्यों से उल्लेखनीय सम्भावनाएँ जगाई हैं। - [लेखन स्वतःस्फूर्त होता है, उसके लिए सोचना नहीं पड़ता। मन में उमड़ती-घुमड़ती भावनाएँ स्वयं हाथ में कलम पकड़ाकर लिखवा ही लेती हैं - सुधा आदेश](https://ekbookjournal.com/an-interview-with-author-sudha-adesh/): सुधा आदेश लगभग तीन दशकों से अधिक समय से लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने कहानियाँ, आलेख, उपन्यास और बाल साहित्य लिखा है। राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में उनके आलेख और रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होते रहे हैं। एक बुक जर्नल के लिए हमने उनसे उनके लेखन पर ईमेल के माध्यम से यह बातचीत की है। उम्मीद है यह बातचीत आपको पसंद आएगी। - [वृंदावन लाल वर्मा एवं जयशंकर प्रसाद के स्मृति में उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा संगोष्टी हुई आयोजित](https://ekbookjournal.com/a-day-long-seminar-organised-in-memory-of-vrindavan-lal-verma-and-jaishankar-prasad/): उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा वृंदावन लाल वर्मा एवं जयशंकर प्रसाद की स्मृति में शुक्रवार 30 जनवरी, 2026 को एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हिंदी भवन के निराला सभागार लखनऊ में पूर्वाह्न 10.30 बजे से किया गया। - [अगाथा पुरस्कार के लिए नामांकित रचानाओं की सूची जारी](https://ekbookjournal.com/nominees-for-agatha-awards-2026-announced/): हर वर्ष मैलिस डोमेस्टिक लिमिटेड द्वारा प्रख्यात लेखिका अगाथा क्रिस्टी के नाम पर अगाथा पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2026 के 'अगाथा पुरस्कार' के लिए नामांकित रचनाओं की घोषणा की जा चुकी है।  यह घोषणा 'द मैलिस डोमेस्टिक' की वेबसाइट पर की गयी। - [पुस्तक टिप्पणी: काली कलूटी जामुन - कमल वर्मा](https://ekbookjournal.com/book-review-kaali-kalooti-jamun-kamal-verma/): 'काली कलूटी जामुन' लेखिका कमल वर्मा द्वारा लिखित बाल कथा है। यह बाल कथा सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गयी है। पढ़ें पुस्तक पर लिखी यह विस्तृत टिप्पणी: - ['मरखंडी' सिर्फ़ एक औरत की दास्तान नहीं, बल्कि उस दृढ़ता रूपी आग की गवाही है जो औरत के भीतर जलती रहती है - विनय निरंजन](https://ekbookjournal.com/vinay-niranjan-s-book-s-markhandi-s-cover-launched/): 15 जनवरी 2026, नई दिल्ली: आज नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में लेखक विनय निरंजन के नवीन उपन्यास ‘मरखंडी’ के कवर का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। यह उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। लोकार्पण समारोह साहित्यप्रेमियों, लेखकों एवं पाठकों की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। उपन्यास मरखंडी एक स्त्री की अदम्य दृढ़ शक्ति, संघर्ष और आत्मसम्मान की मार्मिक तथा सशक्त दास्तां प्रस्तुत करता है। यह कृति सामाजिक यथार्थ, स्त्री चेतना और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से उजागर करती है। लेखकीय भाषा-शैली सहज, प्रभावशाली और पाठक को अंत तक बाँधे रखने वाली है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि […] - [‘प्रयागराज प्रदर्शनी— महाकुंभ की महागाथा’ तथा ‘जासूस बब्बन बिहारी’ का हुआ विमोचन](https://ekbookjournal.com/comic-books-prayagraj-pradarshni-mahakumbh-ki-mahagatha-and-jasus-babban-bihari-launched/): विगत 25 दिसंबर 2025 के दिन, प्रयागराज पुस्तक मेले के मंच पर, प्रयागराज के महापौर श्री उमेश चंद्र गणेश केसरवानी एवं आदरणीय पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री नरेंद्र कुमार सिंह गौर द्वारा ‘प्रयागराज प्रदर्शनी— महाकुंभ की महागाथा’ तथा ‘जासूस बब्बन बिहारी’ का विमोचन किया गया। पढ़ें विस्तृत खबर: - [विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में सभा आयोजित](https://ekbookjournal.com/a-meet-organised-in-honour-of-author-vinod-kumar-shukla/): भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार और साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में गुरुवार शाम सभा का आयोजन किया गया। राजकमल प्रकाशन और रज़ा फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सभा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हुई। - [लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक की आत्मकथा के पाँचवे खंड का हुआ प्री ऑर्डर शुरु](https://ekbookjournal.com/pre-order-starts-for-author-surender-mohan-pathak-s-autobiography/): मशहूर अपराधकथा लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक की आत्मकथा के पाँचवे खंड का प्रीऑर्डर शुरु हो गया है। लेखक की आत्मकथा का पाँचवा खंड साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर: - [कहानी: टू फैट लेडीज़ - अनुपमा नौडियाल](https://ekbookjournal.com/hindi-story-two-fat-ladies-anupama-naudiyal/): क्लब कल्चर आर्थिक रूप से सम्पन्न परिवारों के जीवन एक हिस्सा रहा है। यहाँ वह मिलने जुलने और समय बिताने जाते हैं। अपनी कहानी 'टू फैट लेडीज़' के माध्यम से लेखिका अनुपमा नौडियाल ने ऐसे ही एक वुमन्स क्लब की मीटिंग को दर्शाया है। यहाँ जो कुछ होता है उसके माध्यम से लेखिका ने इस क्लब संस्कृति और वहाँ मौजूद लोगों के बनावटीपन और दिखावेबज़ी पर कटाक्ष किया है। आप भी पढ़ें उनकी लिखी कहानी 'टू फैट लेडीज़': - [लेखक अशोक कुमार पांडेय की किताब ‘बीसवीं सदी के तानाशाह’ का हुआ लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/author-ashok-kumar-pandey-s-book-biswi-sadi-ke-tanashah-launched/): लेखक-इतिहासकार अशोक कुमार पांडेय की नई किताब ‘बीसवीं सदी के तानाशाह’ का लोकार्पण 20 दिसम्बर की शाम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में हुआ। राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस किताब के लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपरिचित इतिहासकार प्रोफ़ेसर एस. इरफ़ान हबीब ने की। - [कहानी कला - शिवपूजन सहाय](https://ekbookjournal.com/kahani-kala-shivpujan-sahay/): कहानी क्या होती है? उसकी क्या विशेषताएँ हैं? कहानी और उपन्यास में क्या फर्क है? इन प्रश्नों का उत्तर तो शिवपूजन सहाय अपने इस लेख में देते ही हैं साथ ही अपने समय के कुछ चुनिंदा कहानिकारों और चुनिंदा कहानियों से पाठकों का परिचय करवाते हैं। आप भी पढ़ें: - [विनोद कुमार दुबे के कविता संग्रह 'कस्तूरी' का हुआ भव्य विमोचन](https://ekbookjournal.com/vinod-kumar-dubey-s-new-poetry-book-launched/): प्रसिद्ध लेखक विनोद कुमार दुबे की नवीनतम काव्य-रचना 'कस्तूरी' का भव्य विमोचन प्रवासी भवन में संपन्न हुआ। यह पुस्तक उनके 'वीकेंड वाली कविता' शृंखला की पाँचवीं कड़ी है, जिसमें उन्होंने जीवन के विभिन्न रंगों को कविता के माध्यम से पिरोया है। पढ़ें विस्तृत खबर: - [वर्ष 2025 के इफको साहित्य सम्मान और इफको युवा साहित्य सम्मान हुए घोषित](https://ekbookjournal.com/iffco-sahitya-samman-aur-iffco-yuva-sahitya-samman-announced/): हिंदी साहित्य में ग्रामीण सरोकारों को उभारने के लिए प्रदान किए जाने वाले इफको साहित्य सम्मान और इफको युवा साहित्य सम्मान की घोषणा की जा चुकी है। पढ़ें यह विस्तृत खबर: - [हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार 2025 की हुई घोषणा](https://ekbookjournal.com/harikrishan-devsare-balsahitya-purskar-ki-hui-ghoshna/): हिंदी बाल-साहित्य के लिए वार्षिक तौर पर दिए जाने वाले हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार की घोषणा की जा चुकी है। इस वर्ष दो साहित्यकारों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। यह घोषणा हरिकृष्ण देवसरे न्यास की वेबसाइट पर की गयी। - [लघु-कथा: चाँद गवाही देगा - गजानन रैना](https://ekbookjournal.com/laghu-katha-chaand-gawahi-dega-gajanan-raina/): गजानन रैना साहित्यानुरागी हैं। खास अंदाज में लिखी अपनी साहित्यिक टिप्पणी के लिए वह जाने जाते हैं। आज एक बुक जर्नल पर पढ़ें उनकी लिखी लघु-कथा 'चाँद गवाही देगा'। - [कहानी: पत्रकार - विश्वम्भरनाथ शर्मा 'कौशिक'](https://ekbookjournal.com/hindi-story-patrakar-vishwambharnath-sharma-kaushik/): मि. सिन्हा 'लाउड स्पीकर' नामक समाचार पत्र में एक पत्रकार थे। उनके सम्पादक ने उन्हें एक काम सौंपा था। क्या था ये काम? क्या वो ये कार्य कर पाए? पढ़ें विश्वम्भरनाथ शर्मा 'कौशिक' की कहानी 'पत्रकार': - [कहानी: भेड़िये - भुवनेश्वर](https://ekbookjournal.com/hindi-story-bhediye-bhuvneshwar/): 'भेड़िये' भुवनेश्वर की सबसे चर्चित कहानियों में से एक है। यह कहानी 1938 में हंस पत्रिका में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें: - [दो लेखकों द्वारा मिल कर लिखी जाने वाली प्रथम शृंखला](https://ekbookjournal.com/hindi-pulp-fiction-series-written-by-two-writers-yogesh-mittal/): योगेश मित्तल को लेखन के क्षेत्र में आने का मौका कैसे मिला और किस तरह उन्होंने अपने साथी लेखक बिमल चटर्जी के साथ मिलकर एक शृंखलाबद्ध उपन्यास लिखना शुरु किया? यह वह इस संस्मरण में साझा कर रहे हैं। आप भी पढ़ें: - [डॉ. योगेश धस्माना की पुस्तक 'उत्तराखंड की विभूतियाँ' का हुआ लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/doctor-yogesh-dhasmana-ki-pustak-uttarakhand-ki-vibhootiyuan-ka-hua-lokarpan/): दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में डाॅ. योगेश धस्माना की पुस्तक 'उत्तराखंड की विभूतियाँ' का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। समय साक्ष्य द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में लेखक द्वारा उत्तराखंड की 120 से अधिक विभूतियों की जानकारी दी गयी है। - [राजकमल ने मनाया हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष; नौ स्त्री कथाकारों के उपन्यास एकसाथ हुए प्रकाशित](https://ekbookjournal.com/rajkamal-ne-manaya-hindi-upnyas-ka-stree-varsh/): राजकमल प्रकाशन समूह ने बुधवार की शाम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘हिंदी उपन्यास का स्त्री वर्ष : भेंट, पाठ, चर्चा’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम समकालीन हिंदी उपन्यासों में स्त्री-स्वर, स्त्री-अनुभव और रचनात्मक विस्तार को रेखांकित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित नौ स्त्री-कथाकारों के उपन्यास लेखकों को भेंट किए गए और उनके चुनिंदा अंशों की पाठ-प्रस्तुतियाँ दी गयीं। - [व्यंग्य: मैं धोबी हूँ - शिवपूजन सहाय](https://ekbookjournal.com/vyngya-main-dhobi-hoon-shivpujan-sahay/): 'मैं धोबी हूँ' शिवपूजन सहाय का लिखा व्यंग्य है। यह सर्वप्रथम 1943 ई. को साप्ताहिक 'समाज' (काशी) में प्रकाशित हुआ था। आप भी इसे पढ़ें: - [कहानी: धर्म संकट - रांगेय राघव](https://ekbookjournal.com/hindi-story-dharmsankat-rangey-raghav/): हरदेव और उसके बेटे भगवानदास के बीच झगड़ा बढ़ता जा रहा था। इन दोनों के झगड़े के बीच हरदेव की पत्नी और भगवानदास की माँ पिसती रहती। वह किसका साथ दे यही उसका धर्मसंकट था। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें रांगेय राघव की कहानी 'धर्म संकट': - [कहानी: सम्मान किसे कहते हैं? - माधवराव सप्रे](https://ekbookjournal.com/hindi-story-samman-kise-kahte-hain-madhavrao-sapre/): अल्लीपाशा ने सुली पर चढ़ाई कर दी थी। वह तुर्किस्तान के बादशाह के लिए सुली को आधीन करना चाहता था। उसने अपनी इच्छा की पूर्ति के लिए क्या क्या कोशिशें की? पढ़ें माधवराव सप्रे की कहानी 'सम्मान किसे कहते हैं?' - [राजकमल मना रहा ‘हिंदी उपन्यास का स्त्री वर्ष’; नौ लेखिकाओं के नए उपन्यासों का 3 दिसम्बर को एकसाथ होगा लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/rajkamal-mana-raha-hai-hindi-upnyas-ka-stree-varsh/): राजकमल प्रकाशन समूह हिंदी उपन्यास का स्त्री-वर्ष मना रहा है। इसके तहत 3 दिसम्बर 2025 को हिंदी की नौ स्त्री-कथाकारों के उपन्यास एकसाथ लोकार्पित किए जाएँगे। यह विशेष आयोजन राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में होगा। - [डॉ. भारती की पत्रकारिता आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है: कुलपति](https://ekbookjournal.com/dr-dharmvir-bharti-ki-shkhsiyat-aur-patrakarita-launched-in-prayagraj/): यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद एल्यूमिनाई एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सुनील श्रीवास्तव की पुस्तक ‘डॉ. धर्मवीर भारती की शख्सियत और पत्रिकारिता’ पुस्तक का विमोचन हुआ। पढ़ें विस्तृत खबर: - [पंडित अमरनाथ द्वारा रचित ‘हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश’ का लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/pandit-amarnath-dwara-rachit-hindustani-shastreey-sangeet-ka-shabdkosh-ka-lokarpan/): प्रख्यात शास्त्रीय संगीत गुरु पंडित अमरनाथ द्वारा रचित ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश’ के हिंदी संस्करण का लोकार्पण बुधवार शाम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर-एनेक्स में हुआ। पढ़ें पूरी खबर: - [कहाँ-कहाँ न गये घना’दा - जयदीप शेखर](https://ekbookjournal.com/an-article-on-ghana-da-by-jaydeep-shekhar/): जयदीप शेखर लेखक और अनुवादक हैं। बांग्ला साहित्य में रुचि रखते हैं। बांग्ला से हिंदी में उन्होंने कई पुस्तकों का अनुवाद किया है। बांग्ला लेखक प्रेमेंद्र मित्र के किरदार घनादा और उसको लेकर लिखी गयी कहानियों का वह इस लेख में पाठक से परिचय करवा रहे हैं। आप भी पढ़ें: - [दून पुस्तकालय में हुआ 'उत्तराखंड के पहाड़ताली लोकगीत' का लोकार्पण](https://ekbookjournal.com/doon-pustakalay-mein-hua-uttarakhand-ke-pahadtali-lokgeet-ka-lokarpan/): दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में डॉ सुशीला पाल एवं डॉ राजेश पाल द्वारा संकलित हरिद्वार एवं देहरादून जिले की तराई में गाये जाने वाले लोकगीतों के संकलन की पुस्तक 'उत्तराखंड के पहाड़ताली लोकगीत' का लोकार्पण किया गया तत्पश्चात इन लोकगीतों का लोक गायको द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया। - [वर्ष 2025 में पाठकों को खौफ के नये सफर पर ले जाने आयी हिंदी की ये पुस्तकें; आपने कितनी पढ़ी हैं?](https://ekbookjournal.com/horror-books-in-hindi-published-in-2025/): हॉरर कथाएँ मनुष्य को हमेशा से ही आकर्षित करती रही हैं। यह सिहरन पैदा करने वाले किस्से एक तरह का रोमांच पैदा करते हैं और व्यक्ति इसी रोमांच की तलाश में हॉरर विधा की पुस्तकों तक भी जाता है। वर्ष 2025 में हिंदी में भी काफी रचनाएँ हॉरर विधा में प्रकाशित हुई हैं। उनमें से कुछ रचनाओं की सूची हम आपके समक्ष यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं। - [लौट आया है शक्तिमान!!](https://ekbookjournal.com/a-shaktiman-audio-show-released-on-pocket-fm/): 90 के दशक के बच्चों और किशोरों के लिए शक्तिमान का अपना महत्व रहा है। शक्तिमान के प्रति जो दीवानगी उस समय के बच्चों, किशोरों और यहाँ तक कई बार वयस्कों में भी देखने को मिली वह भारतीय धारावाहिक में शायद किसी और किरदार को देखने को मिली होगी। ऐसे में शक्तिमान के प्रशंसकों के लिए यह खुशखबरी और अधिक मायने रखती है। शक्तिमान एक बार फिर वापस आ गया है। - [कहानी: दुराचारी - सुभद्रा कुमारी चौहान](https://ekbookjournal.com/hindi-story-durachari-subhadra-kumari-chauhan/): पंडित जी पड़ोस में रहने वाले दयाशंकर से परेशान थे। वह उन्हें दुराचारी लगता था। वक्त बेवक्त वह गाने बजाता रहते और नाचने गाने वालियों को भी अपने घर बुलाकर ये काम करवाता था। अपने पड़ोसियों से वह उसकी शिकायत करते रहते थे। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी यह कहानी 'दुराचारी': - [साक्षात्कार: आज़ाद क़ैदी के लेखक आकाश पाठक से बातचीत](https://ekbookjournal.com/an-interview-with-author-of-aazaad-qaidi-akash-pathak/): 'आज़ाद क़ैदी' लेखक आकाश पाठक का नवीनतम उपन्यास है। उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस उपलक्ष्य में हमने उनसे बातचीत की है। आप भी पढ़ें: - [मैं मशहूर क्यों नहीं हुआ - योगेश मित्तल](https://ekbookjournal.com/main-mashhoor-kyon-nahin-hua-yogesh-mittal/): योगेश मित्तल ने अपने लेखन करियर के अधिकतर वर्षों में ट्रेड नामों के लिए लेखन किया। इस कारण वह गुमनामी में रहे और उन्हें वह ख्याति न मिल सकी जो उन्हें तब मिलती जब वो अपने नाम से छपते। पर ऐसा नहीं था कि उन्हें मशहूर होने का मौके नहीं मिले थे लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि वह महशूर नहीं हो सके। लेखक योगेश मित्तल अपने शब्दों में यह बता रहे हैं। आप भी पढ़ें: - [साक्षात्कार: 'टिक टॉक टिक टॉक' के लेखक आनंद कुमार सिंह से बातचीत](https://ekbookjournal.com/an-interview-with-author-of-tick-tock-tick-tock-anand-kumar-singh/): आनंद कुमार सिंह पेशे से पत्रकार हैं। करीब दो दशक के अपने पत्रकारिता कैरियर में उन्होंने कई राष्ट्रीय टीवी चैनल व समाचार पत्रों में कार्य किया है। फिलहाल वह एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक के साथ जुड़े हैं। 'टिक टॉक टिक टॉक' उनकी नवीनतम पुस्तक है। अपनी पुस्तक को लेकर उन्होंने 'एक बुक जर्नल' से यह बातचीत की है। आप भी पढ़ें: - [पुस्तक टिप्पणी: मिशन ग्रीनवार - समीर गांगुली](https://ekbookjournal.com/diwik-ramesh-on-samir-ganguly-s-novel-mission-green-war/): मिशन ग्रीनवार लेखक समीर गांगुली का लिखा बाल उपन्यास है। उपन्यास पब्लिकेशन डिवीज़न से प्रकाशित हुआ है। उपन्यास पर मशहूर कवि और बाल साहित्यकार दिविक रमेश ने यह टिप्पणी लिखी है। आप भी पढ़ें: - [लंदननामा: आप भूत प्रेत पर यकीन करते हैं?](https://ekbookjournal.com/londonnama-aap-bhoot-pret-par-yakeen-rakhte-hain-sandeep-nayyar/): संदीप नैयर लंदन में रहते हैं। लंदनदनामा में वह लंदन के अपने अनुभवों को साझा करते हैं जिससे पाठक का परिचय लंदन के जीवन और वहाँ की संस्कृति से होता है। आप भी पढ़ें लंदननामा की यह किश्त: - [पुस्तक टिप्पणी: हॉरर डायरीज़ #4.2: खूनी खिलौना | फिक्शन कॉमिक्स | सुशांत पंडा](https://ekbookjournal.com/comic-book-review-horror-diaries-4-2-khooni-khilauna/): 'खूनी खिलौना' फिक्शन कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित हॉरर डायरीज़ शृंखला का कॉमिक बुक है। कॉमिक बुक में लेखन और चित्रांकन सुशांत पंडा द्वारा किया गया है। पढ़ें कॉमिक बुक पर लिखी यह टिप्पणी: - [कहानी: घिसटता कम्बल - रांगेय राघव](https://ekbookjournal.com/hindi-story-ghisatta-kambal-rangey-raghav/): रागनी और विनय के माध्यम से रंगेय राघव ने शहरों में रहने वाले ऐसे नवयुगलों के जीवन को दर्शा रहे हैं जो कम आय में गुजर बसर करने को मजबूर हैं। विवाह को उन्होंने एक ऐसा कम्बल बताया है जो यात्री के कंधे पर पड़ा रहता है और जैसे जैसे यात्री चलता जाता है वह घिसटते हुए मेला होता जाता है। कहानी पढ़ें: - [लेख: ज़ारी रहेगा लोकप्रिय लेखन लेकिन... - पराग डिमरी](https://ekbookjournal.com/author-parag-dimri-on-rise-and-fall-of-hindi-popular-fiction/): लेखक पराग डिमरी उस पीढ़ी के हैं जिन्होंने हिंदी लोकप्रिय साहित्य का स्वर्णिम काल देखा है। अपने इस लेख में वह न केवल उस स्वर्णिम काल का वर्णन कर रहें हैं बल्कि इस विधा के धीरे धीरे कम होने के कारणों पर रोशनी डालते हुए और मौजूदा स्थिति से भी पाठक को अवगत करा रहे हैं। आप भी पढ़ें: - [कहानी: एक टोकरी भर मिट्टी - माधवराव सप्रे](https://ekbookjournal.com/hindi-story-ek-tokri-bhar-mitti-madhavrao-sapre/): ज़मींदार साहब की इच्छा थी कि उनके महल के पास मौजूद झोपड़ी तक अपने महल को बढ़ा लें। उन्होंने अपनी इच्छा भी पूरी कर ली। आगे क्या हुआ? पढ़ें माधवराव सप्रे की कहानी 'एक टोकरी भर मिट्टी': - [कहानी: जम्बक की डिबिया - सुभद्रा कुमारी चौहान](https://ekbookjournal.com/hindi-story-jambak-ki-dibiya-subhadra-kumari-chauhan/): प्रोफेसर साहब का कहना था कि एक जम्बक की डिबिया से उन्होंने किसी का खून कर दिया था। उन्होंने ऐसा क्यों कहा था? आखिर किसका खून किया था उन्होंने? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी कहानी 'जम्बक की डिबिया': - [गुरुकुल में तीन दिन - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/gurukul-mein-teen-din-premchand/): 1927 के आषाढ़ में प्रेमचंद गुरुकुल काँगड़ी विश्वविद्यालय गये थे। वह तीन दिनों तक उधर रुके रहे। वहाँ उनके जो अनुभव थे उसे उन्होंने इस वृत्तांत में लिखा है। यह वृत्तांत माधुरी पत्रिका के अप्रैल अंक में प्रकाशित हुआ था। आप भी पढ़ें: - [कहानी: हेर-फेर - आचार्य चतुरसेन शास्त्री](https://ekbookjournal.com/hindi-kahani-her-pher-acharcya-chatursen-shasri/): बसंतलाल और हेमलता एक दूसरे को प्रेम करते थे लेकिन फिर उनकी शादी न हो सकी। अब बारह साल बाद वह दोबारा मिल रहे थे। इस मुलाकात का क्या परिणाम निकला। पढ़ें आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी 'हेर-फेर': - [सरयूपार की यात्रा - भारतेंदु हरिश्चंद्र](https://ekbookjournal.com/bhartendu-harishchandra-saryupar-ki-yatra/): भारतेंदु हरीश्चंद्र को आधुनिक हिंदी साहित्य का पिता माना जाता है। उनके लिखे नाटक प्रसिद्ध हैं। 'सरयूपार की यात्रा' में भारतेंदु हरीश्चंद्र ने अयोध्या की यात्रा के दौरान हूए अनुभव का वर्णन किया है। आप भी पढ़ें: - [संस्मरण: मनोज पॉकेट बुक्स में मेरा पहला कदम - योगेश मित्तल](https://ekbookjournal.com/manoj-pocket-books-mein-pahla-kadam-yogesh-mittal/): लेखक योगेश मित्तल ने अपने समय के अधिकतर प्रकाशकों के साथ कार्य किया है। मनोज पॉकेट बुक्स में भी उन्होंने लगातार लेखन किया। मनोज पॉकेट बुक्स में वो कैसे जुड़े यह वह अपने इस संस्मरण में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें: - [2025 की तीसरी तिमाही की दैनिक जागरण बेस्ट सेलर सूची हुई जारी, इन कविता संग्रह ने बनाई कविता श्रेणी में जगह](https://ekbookjournal.com/dainik-jagaran-best-seller-list-july-september-2025-poetry-collection-category/): दैनिक जागरण द्वारा वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितम्बर के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों की सूची जारी की जा चुकी है। कथा, कथेतर, अनुवाद और कविता श्रेणी में यह सूची जारी की गयी है। अनुवाद श्रेणी में जिन पुस्तकों ने जगह बनाई है वह निम्न हैं: - [कहानी: सुखमय जीवन - चंद्रधर शर्मा गुलेरी](https://ekbookjournal.com/hindi-story-sukhmay-jeevan-chandradhar-sharma-guleri/): कहानी का कथावाचक एल एल बी की परीक्षा के परिणाम के देर से आने से परेशान था। अपने को तरो ताज़ा करने के लिए उसने अपनी साइकल से बाहर का चक्कर लगाने की ठानी। आगे क्या हुआ, ये जानने के लिए पढ़ें चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी 'सुखमय जीवन'। - [2025 की तीसरी तिमाही की दैनिक जागरण बेस्ट सेलर सूची हुई जारी, इन पुस्तकों ने बनाई अनुवाद श्रेणी में जगह](https://ekbookjournal.com/dainik-jagaran-best-seller-list-july-september-2025-translation-category/): दैनिक जागरण द्वारा वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितम्बर के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों की सूची जारी की जा चुकी है। कथा, कथेतर, अनुवाद और कविता श्रेणी में यह सूची जारी की गयी है। अनुवाद श्रेणी में जिन पुस्तकों ने जगह बनाई है वह निम्न हैं: - [2025 की तीसरी तिमाही की दैनिक जागरण बेस्ट सेलर सूची हुई जारी, इन पुस्तकों ने बनाई कथेतर श्रेणी में जगह](https://ekbookjournal.com/dainik-jagaran-best-seller-list-july-september-2025-non-fiction-category/): दैनिक जागरण द्वारा वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितम्बर के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों की सूची जारी की जा चुकी है। कथा, कथेतर, अनुवाद और कविता श्रेणी में यह सूची जारी की गयी है। कथेतर श्रेणी में जिन पुस्तकों ने जगह बनाई है वह निम्न हैं: - [2025 की तीसरी तिमाही की दैनिक जागरण बेस्ट सेलर सूची हुई जारी, इन पुस्तकों ने बनाई कथा श्रेणी में जगह](https://ekbookjournal.com/dainik-jagaran-best-seller-list-july-september-2025-fiction-category/): दैनिक जागरण द्वारा वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही यानी जुलाई से सितम्बर के बीच सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों की सूची जारी की जा चुकी है। कथा, कथेतर, अनुवाद और कविता श्रेणी में यह सूची जारी की गयी है। कथा श्रेणी में जिन पुस्तकों ने जगह बनाई है वह निम्न हैं: - [दक्षिण भारत में हमारी हिंदी प्रचार यात्रा - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/dakshin-bharat-mein-hindi-prachar-yatra-premchand/): सन् 1934 में हिंदी प्रचार सभा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेमचंद मद्रास गये थे। मद्रास से वह मैसूर गये और वहाँ से बेंगलुरू गये। अपनी यात्रा के दौरान उनके जो अनुभव थे उन्होंने इस लेख में उन अनुभवों के विषय में लिखा है। आप भी पढ़ें: - [आ चुका है लेखक आकाश पाठक का नवीन उपन्यास](https://ekbookjournal.com/akakash-pathak-s-new-novel-released/): लेखक आकाश पाठक का नवीन उपन्यास रिलीज़ हो चुका है। उनका यह नवीन उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। यह एक जासूसी उपन्यास है। पढ़ें विस्तृत खबर: - [कहानी: ग्राम - जयशंकर प्रसाद](https://ekbookjournal.com/hindi-story-gram-jai-shankar-prasad/): 'ग्राम' जयशंकर प्रसाद की वह पहली कहानी है जो कि प्रकाशित हुई थी। यह कहानी 'इंदु' पत्रिका में सन् 1912 में प्रकाशित हुई थी। आप भी पढ़ें: - [मनोहर चमोली 'मनु'](https://ekbookjournal.com/manohar-chamoli-manu/): बाल साहित्य में जाने-पहचाने कहानीकार मनोहर चमोली ‘मनु’ पेशे से अध्यापक हैं। वह मुख्यतः बाल साहित्य के क्षेत्र में लेखन करते हैं। - [कहानी: दुनिया का सबसे अनमोल रत्न - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/hindi-story-duniya-ka-sabse-anmol-ratna-premchand/): 'दुनिया का सबसे अनमोल रत्न' प्रेमचंद की लिखी पहली कहानी है। ज़माना पत्रिका में 1907 में नवाबराय नाम से यह प्रकाशित हुई थी। कहानी देशभक्ति की महिमा बताती है। यह उनके 'सोजे वतन' नमक संग्रह में संकलित हुआ था जिसे अंग्रेज सरकार ने बैन कर दिया था। आप भी पढ़ें: - [कहानी: कानों में कँगना - राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह](https://ekbookjournal.com/hindi-story-kanon-mein-kangana-raja-radhikaraman-prasad-singh/): 'कानों में कँगना' लेखक राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह की लिखी कहानी है। यह कहानी सर्वप्रथम 1912 ई. में 'कुसमांजलि' नामक उनके कहानी संग्रह में प्रकाशित हुई थी। इसके बाद यह इंदु पत्रिका में 1913 में प्रकाशित हुई। यह उनकी सबसे चर्चित कहानियों में से एक है। आप भी पढ़ें: - [कथाकार शिवमूर्ति के सम्मान में हुआ 'उपलक्ष्य-75' कार्यक्रम आयोजित](https://ekbookjournal.com/kathakar-shivmurit-ke-samman-mein-uplakshya-75-karyakram-ayojit/): राजकमल प्रकाशन ने 31 अक्टूबर की शाम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (एनेक्स) में विशेष कार्यक्रम ‘उपलक्ष्य–75’ का आयोजन किया। यह 'उपलक्ष्य-75' शृंखला की दूसरी कड़ी थी जो कि इस बार शिवमूर्ति के सम्मान में किया जा रहा था। पढ़ें विस्तृत खबर: - [लेखक आनंद कुमार सिंह की नवीन पुस्तक हुई रिलीज़](https://ekbookjournal.com/anand-kumar-singh-s-new-book-released-by-sahitya-vimarsh-prakshan/): लेखक आनंद कुमार सिंह की नवीन पुस्तक रिलीज हो चुकी है। उनका नवीन उपन्यास साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। पढ़ें विस्तृत खबर: - [साहित्य का आधार - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/sahitya-ka-aadhar-premchand/): साहित्य क्या है? साहित्य और प्रोपागैंडा में क्या फर्क है? वह क्या है जो साहित्य से प्रोपोगैंडा को जुदा करता है? इन्हीं सब बातों को साफ करते हुए प्रेमचंद ने 1932 में ये लेख लिखा था। आप भी पढ़ें: - [कहानी: दुलाईवाली - राजेंद्र बाला घोष (बंग महिला)](https://ekbookjournal.com/hindi-story-dulaiwali-rajendra-bala-ghosh-bangmahila/): नवलकिशोर और वंशीधर गहरे मित्र थे। जब नवलकिशोर अपनी नयी नवेली दुल्हन को लेकर आ रहे थे तो उन्होंने वंशीधर को भी अपने साथ चलने को कहा। आगे क्या हुआ? जानने के लिए पढ़ें राजेंद्रबाला घोष (बंग महिला) द्वारा लिखी कहानी दुलाईवाली: - [कहानी: मौसी - भुवनेश्वर](https://ekbookjournal.com/hindi-story-mausi-by-bhuvneshwar/): लोग समझते थे कि बिब्बो हमेशा से ही अकेली रहती आयी है, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। पर अब बिब्बो ने अपने एकाकीपन से समझोता कर लिया था। इतने समय बाद फिर एक बार उसका एकाकीपन टूटने को था। आखिर ऐसा क्या हुआ था? जानने के लिए पढ़ें भुवनेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव की कहानी 'मौसी'। - [लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक की नवीन पुस्तक हुई रिलीज़](https://ekbookjournal.com/surender-mohan-pathak-new-book-released-from-sahitya-vimarsh-prakashan/): हिंदी के मशहूर अपराध कथा लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक के प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर आयी है। सुरेन्द्र मोहन पाठक की कहानियों का संकलन साहित्य विमर्श प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। - [लघु-कथा: गालियाँ - चंद्रधर शर्मा गुलेरी](https://ekbookjournal.com/laghu-katha-galiyan-chandradhar-sharma-guleri/): 'गालियाँ' लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी लघु-कथा है। लेखक इस लघु-कथा के माध्यम से समाज में फैल रहे व्यभिचार के ऊपर टिप्पणी करते हैं। आप भी पढ़ें: - [कहानी: राजकुमारी हिमांगिनी - महावीर प्रसाद द्विवेदी](https://ekbookjournal.com/hindi-story-rajumkari-himangini-mahaveer-prasad-dwivedi/): राजकुमारी हिमांगिनी बहुत सुंदर थीं और उन्हें लगता था कि इतनी सुंदर होने के नाते उन्हें सामान्य जीवों के साथ नही रहना चाहिए। यही कारण था उन्होंने पर्वत के सबसे ऊँचे शिखर पर अपना घर बनाया। पर काफी समय गुजरने के बाद वो साथ के लिए तरसने लगीं। वह विवाह करना चाहती थीं। क्या उनकी यह चाहत पूरी हुई? पढ़ें महावीर प्रसाद द्विवेदी की कहानी 'राजकुमारी हिमांगिनी'। - [बातचीत करने की कला - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/baatcheet-karne-ki-kala-premchand/): बातचीत करना भी एक कला है। हर कोई सुरुचिपूर्ण बातें न कर पाता है और न बातों से श्रोताओं को बाँध ही पाता है। कैसे इस कला का धीरे-धीरे लोप हो रहा है और इसके क्या नुकसान होते हैं। किस तरह इस कला में प्रवीण बना जा सकता है और इसके क्या फायदे हो सकते हैं ये दर्शाते हुए प्रेमचंद ने यह लेख लिखा था। आप भी पढ़ें: - [अज्ञानता का आनंद - विनय प्रकाश तिर्की](https://ekbookjournal.com/agyanta-ka-anand-vinay-tirki/): अज्ञानता में वैसे तो आनंद है लेकिन कभी कभी इस कारण तगड़ा नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। अपने ऐसे ही एक अनुभव को लेखक इस आलेख में साझा कर रहे हैं। आप भी पढ़ें विनय प्रकाश तिर्की का यह संस्मरण 'अज्ञानता का आनंद': - [कहानी: चतुरी चमार - सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'](https://ekbookjournal.com/hindi-story-chaturi-chamar-suryakant-tripathi-nirala/): कथावाचक उन दिनों गाँव में रहने लगा था। उसके घर के नज़दीक ही चतुरी रहता था जो कि जूते का काम करता था। कौन था ये चतुरी चमार? कथावाचक से उसके और गाँव के अन्य सदस्यों के साथ कैसे सम्बंध थे? जानने के लिए पढ़ें सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कहानी 'चतुरी चमार'। - [लघु-कथा: साँप का मणि - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/saanp-ka-mani-premchand/): कथावाचक को जब पता लगा कि उसका दोस्त उसे साँप का मणि दिलवा सकता है तो उसका हैरान होना लाज़मी था। आखिर क्या था ये मणि? क्या असल में ये साँप का मणि था? पढ़ें कथा सम्राट प्रेमचंद की यह लघु-कथा 'साँप का मणि'। - [कहानी: रूपी - राहुल सांकृत्यायन](https://ekbookjournal.com/hindi-story-rupi-rahul-sankrtiyayan/): मधुपुरी की नगरी अपनी खूबसूरती के लिए प्रख्यात थी। कहा जाता है जितनी खूबसूरत यह मधुपुरी थी उतनी ही खूबसूरत यहाँ की तरुणियाँ थीं। रूपी भी ऐसी ही युवती थी जिसे अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता था। लेकिन फिर उसे अपने शरीर को बेचने पर मजबूर होना पड़ा। रूपी को ऐसा क्यों करना पड़ा और इसका उसे क्या खामियाजा चुकाना पड़ा? जानने के लिए पढ़ें राहुल सांकृत्यायन की कहानी 'रूपी': - [कहानी: मूल्य - आचार्य चतुरसेन शास्त्री](https://ekbookjournal.com/hindi-story-moolya-aacharya-chatursen-shastri/): आमला के पिता नवीन के कर्जदार थे। ऐसे में जब आमला की शादी नवीन से हुई तो आमला को लगा था उसे कर्ज के बदले नवीन द्वारा खरीदा गया था। नवीन को जब यह बात पता लगी तो उसने आमला से कहा कि वह उसका दिल जीत लेगा। और आमला का मन था कि वह किसी तरह नवीन का कर्जा उतारकर खुद का मूल्य चुका दे। क्या दोनों की यह इच्छाएँ पूरी हुईं? जानने के लिए पढ़ें आचार्य चतुरसेन शास्त्री की कहानी 'मूल्य'। - [कहानी: भग्नावशेष - सुभद्रा कुमारी चौहान](https://ekbookjournal.com/hindi-story-bhagnavshesh-subhadra-kumari-chauhan/): कथावाचक ने एक कवि सम्मेलन में उन्हें देखा था और उनकी कविताओं का प्रशंसक बन गया था। पर फिर उनकी कविताएँ आनी बंद हो गयी। आखिर ऐसा क्यों हुआ? पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी 'भग्नावशेष'। - [कार गयी खाई में… …और कहानी खत्म - योगेश मित्तल](https://ekbookjournal.com/car-gayi-khayi-mein-aur-kahani-khatm-yogesh-mittal/): दत्त भारती के उपन्यास पाठकों की पसंद रहते थे। योगेश मित्तल भी उनके प्रशंसकों में से एक थे। दत्त भारती असल जीवन में कैसे थे और किस तरह उनके एक उपन्यास की कहानी बनी यह वह इस लेख में बता रहे हैं। आप भी पढ़ें: - [कहानी कला - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/kahanikala-premchand/): कहानी कैसी होनी चाहिए? कहानी लिखते समय कौन सी बातें ध्यान में रखनी चाहिए? यही लेखक प्रेमचंद द्वारा अपने इस लेख में बताया गया है। आप भी पढ़ें: - [निबंध: भय - आचार्य रामचंद्र शुक्ल](https://ekbookjournal.com/bhay-acharya-chatursen-shastri/): किसी आती हुई आपदा की भावना या दुख के कारण के साक्षात्‍कार से जो एक प्रकार का आवेगपूर्ण अथवा स्‍तम्भ-कारक मनोविकार होता है उसी को भय कहते हैं। क्रोध दुख के कारण पर प्रभाव डालने के लिए आकुल करता है और भय उसकी पहुँच से बाहर होने के लिए। - [कहानी: सतरंगी अरमानों की उड़ान - सुमन बाजपेयी](https://ekbookjournal.com/hindi-story-satrangi-armanon-ki-udaan-suman-bajpeyi/): पूर्णिमा को लगता था कि शादी होने के पश्चात उसने खुद को बाँट लिया था। अपना अस्तित्व को खो दिया था। उसके सतरंगी अरमानों ने उड़ान भरना छोड़ दिया था। क्या उसके इस सपनों को फिर से उड़ान मिली? पढ़ें सुमन बाजपेयी की कहानी 'सतरंगी अरमानों की उड़ान'। - [बेगमपुल से दरियागंज: एक पुस्तक जो बेहतर से बेहतरीन बनते-बनते रह गयी](https://ekbookjournal.com/author-parag-dimri-s-views-on-yashwant-vyas-s-begumpul-se-daryaganj/): 'बेगमपुल से दरियागंज: देसी पल्प की दिलचस्प दास्तान' हिंदी लोकप्रिय साहित्य पर यशवंत व्यास द्वारा लिखी पुस्तक है। इस पुस्तक पर लेखक पराग डिमरी ने यह संक्षिप्त टिप्पणी लिखी है। आप भी पढ़ें: - [उपन्यास रहस्य - महावीर प्रसाद द्विवेदी](https://ekbookjournal.com/upnyas-rahasya-mahaveer-prasad-dwivedi/): उपन्यास किस तरह का होना चाहिए। उसकी रचना करते हुए किन किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इन सब बातों पर महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा यह लेख लिखा गया था। लेख काफी हद तक आज भी प्रासंगिक है। आप भी पढ़ें: - [निबंध: उपन्यास रचना - प्रेमचंद](https://ekbookjournal.com/upnyas-rachna-premchand/): उपन्यास लेखन करते समय किन बातों का खयाल रखना चाहिए? उपन्यास कितने तरह के होते हैं और क्या चीज इन्हें एक दूसरे से अलग बनाती है। उपन्यास में प्लॉट का क्या महत्व है? यह ऐसे प्रश्न हैं जिनसे हर लेखक कभी न कभी जूझता है। कथासम्राट प्रेमचंद द्वारा इस विषय पर लिखा यह निबंध 'उपन्यास रचना' इन सभी प्रश्नों के उत्तर देता है। आशा है यह पाठकों और लेखकों के काम आएगा। आप भी इसे पढ़ें: - [फ्लाईड्रीम्स पब्लिकेशंस ने किया 'किताबें ज़रा हटके उत्सव' का आयोजन](https://ekbookjournal.com/flydreams-publication-s-kitabein-zara-hatke-utsav-organized-in-satyavati-college-delhi/): 11 अक्टूबर को डीयू के सत्यवती कॉलेज में एक दिवसीय ‘किताबें ज़रा हटके उत्सव’ का आयोजन किया गया। आयोजन फ्लाईड्रीम पब्लिकेशन ने किया। इसमें 50 से अधिक लेखक और 1000 से अधिक श्रोता और पाठक पहुँचे। - [पॉकेट बुक्स में ट्रेडमार्क लेखकों की शुरुआत - योगेश मित्तल](https://ekbookjournal.com/pocket-books-mein-trademark-lekhakon-ki-shuruaat-yogesh-mittal/): पॉकेट बुक्स में जितने लेखकों ने अपने नाम से लिखा है उससे अधिक लेखकों ने प्रकाशकों के लिए भूत नाम या ट्रेडनाम से लिखा है। आखिर ये चलन कब शुरु हुआ? इसी पर रोशनी डाल रहे हैं श्री योगेश मित्तल जिन्होंने कई प्रकाशकों के लिए ट्रेड नाम से सेकड़ों उपन्यास लिखे हैं। आप भी पढ़ें: - [कहानी: एक्सीडेंट - सुभद्रा कुमारी चौहान](https://ekbookjournal.com/hindi-story-accident-subhadra-kumari-chauhan/): कुसम की गाड़ी उस दिन प्राणनाथ की गाड़ी से टकरायी तो ऐसे उनकी जान-पहचान हुई। प्राणनाथ अपने दुश्चरित्र के कारण पूरे शहर में बदनाम था लेकिन कुसम को लगा कि वो उतना बुरा नहीं है जितना बनने की कोशिश करता है। क्या ये सच बात थी? आखिर प्राणनाथ ऐसा क्यों करता था। जानने के लिए पढ़ें सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी 'एक्सीडेंट'। - [यात्रा वृत्तांत: उत्तरी ध्रुव की यात्रा-2 - महावीर प्रसाद द्विवेदी](https://ekbookjournal.com/uttari-dhruv-ki-yatra-2-mahaveer-prasad-dwivedi/): सन् 1905 में रॉबर्ट ई. पीरी ने उत्तरी ध्रुव की यात्रा शुरु की थी। 1909 में पूरी की। इसके बाद रॉबर्ट ई पीरी और डॉक्टर कुक के बीच यह विवाद शुरु हुआ कि किसने उत्तरी ध्रुव तक की पूरी यात्रा की है। इसी को लेकर महावीर प्रसाद द्विवेदी ने यह लेख लिखा था। इसमें पीरी की यात्रा का संक्षिप्त विवरण वो देते हैं। आप भी पढ़ें: - [कहानी: मुट्ठी भर आसमान - मीनाक्षी सिंह](https://ekbookjournal.com/hindi-story-mutthi-bhar-asmaan-meenakshi-singh/): 'मुट्ठी भर आसमान' लेखिका मीनाक्षी सिंह की कहानी है। दीप्ति की अपनी कामवाली कुलीना से हुई बातचीत उसे अपने जीवन का पुनर्वलोकन करने पर मजबूर कर देती है। आखिर क्या थी ये बातचीत और दीप्ति ने खुद को उसके बरक्स कहाँ पर पाया। आप भी पढ़ें: ## Pages - [रोमांच कथा](https://ekbookjournal.com/romanch-katha-e-magazine/): नमस्कार दोस्तों,रोमांचकथा एक बुक जर्नल और यू एन मी क्रिएशंस द्वारा मिलकर प्रकाशित की जाने वाली ई-पत्रिका है। पत्रिका के विषय में हिंदी में ऐसी पत्रिकाएँ न के बराबर हैं जो कि लोकप्रिय साहित्य (भय, अपराध, विज्ञान गल्प, फंतासी) पर केंद्रित हों। हमारी कोशिश इस खाली जगह को भरकर पाठकों को इन विधाओं में उच्च स्तरीय रचनाएँ मुहैया करवाने की है। रोमांचकथा में अपराध कथा, भय कथा, विज्ञान गल्प, फंतासी  से जुड़ी रचनाएँ प्रकाशित की जाएँगी। इसके अतिरिक्त इसमें इन विधाओं में रचनाकर्म कर रहे लेखकों के साक्षात्कार और इस विधा में प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षाएँ भी प्रकाशित होंगी। ई-पत्रिका […] - [Profile](https://ekbookjournal.com/profile/) - [Account](https://ekbookjournal.com/account/) - [Register](https://ekbookjournal.com/register/) - [Log In](https://ekbookjournal.com/log-in/) - [होम](https://ekbookjournal.com/) - [हिन्दी में हॉरर उपन्यास](https://ekbookjournal.com/horror-novels-in-hindi/): Image by Airgil Daviss from Pixabay हॉरर फिक्शन यानी भय कथाओं की बात की जाए तो हिंदी में इस विषय पर लिखने वाले कम ही लोग हुए हैं। ऐसे में इस विधा में न तो बहुत ज्यादा रचनाएँ हिन्दी में देखने को नहीं मिलती हैं और जो रचनाएँ हैं उनमें भी अधिक विविधता देखने को नहीं मिलती है। अधिकतर हिन्दी में दो तरह का हॉरर लेखन ही देखने को मिलता हैं। एक ऐसा जिसमें तंत्र मंत्र काला जादू इत्यादि की प्रमुखता होती है और दूसरे जिसमें पारलौकिक चीजों जैसे प्रेत, पिशाच, चुड़ैल इत्यादि ही केंद्र में होते हैं। फिर भी पाठकों […] - [शैलेंद्र तिवारी | श्याम तिवारी](https://ekbookjournal.com/shailendra-tiwari/):   शैलेंद्र तिवारी लोकप्रिय साहित्य की दुनिया में कई लेखक ऐसे हुए हैं जिन्होंने एक से अधिक नामों से लिखा है। शैलेंद्र तिवारी भी ऐसे ही लेखक थे।  मूलतः मेरठ के निवासी शैलेंद्र तिवारी हिंदी के साहित्यकार थे। इन्होंने पहले श्याम तिवारी और बाद में शैलेन्द्र तिवारी नाम से लेखन किया था। श्याम तिवारी के नाम से इन्होंने तिलस्म, अपराध, समाजिक और कई विधाओं में रचना की।  शैलेन्द्र तिवारी के नाम से यह मुख्यतः हॉरर विधा में लिखते थे। उनके द्वारा लिखित मकड़ा शृंखला को पाठकों का भरपूर प्यार मिला था। वह तंत्र मंत्र काला जादू इत्यादि का प्रयोग करके […] - [मकड़ा - शैलेन्द्र तिवारी](https://ekbookjournal.com/makda-series-by-shailendra-tiwari/): शैलेन्द्र तिवारी मकड़ा शृंखला शैलेन्द्र तिवारी की सबसे प्रसिद्ध शृंखला है। एक तांत्रिक को लेकर लिखी गई इस शृंखला के केंद्र में मकड़ा है जो कि एक खतरनाक तांत्रिक है। मकड़ा अपनी साधना के बल पर काफी शक्तियां प्राप्त कर चुका है और खुद को भगवान ही मानने लगता है। पर उसका एक ऐसा काम है जिसे करने के लिए उसे एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो कि निष्पाप हो। उसकी यह तलाश राजा पंडित पर ही खत्म होती है।  मकड़ा किस तरह राजा पंडित को अपना काम करने के लिए मजबूर करता है और किस तरह राजा पंडित […] - [गुलशन नंदा](https://ekbookjournal.com/gulshan-nanda/):   गुलशन नन्दा हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार थे। इनका जन्म सन 1929 ई. को गुजरांवाला (पाकिस्तान) में हुआ था। एक लंबे संघर्ष पश्चात गुलशन नंदा उर्दू के स्थापित लेखकों में सम्मिलित हो गये। मूलतः उर्दू में रचित इनके उपन्यास हिंदी में अनुवादित होकर अत्यंत सफल रहे हैं। इनके उपन्यासों पर फिल्मों का निर्माण भी हुआ, स्वयं गुलशन नंदा जी ने कुछ पटकथाएं भी लिखी थी। 16 नवंबर 1985 को मुम्बई में इनका देहांत हो गया। उपन्यास  - [विजय शृंखला - वेद प्रकाश काम्बोज](https://ekbookjournal.com/vijay-series-by-ved-prakash-kamboj/):   स्रोत: लेखक के फेसबुक पृष्ठ से  विजय वेद प्रकाश काम्बोज (Ved Prakash Kamboj) के सबसे प्रसिद्ध किरदारों में से एक है। वह एक सच्चा देशभक्त है जो कि भारतीय सीक्रिट सर्विस का सदस्य भी है। खिलंदड़ स्वभाव का विजय अपनी बेवकूफों जैसी हरकतों के लिए जाना जाता है जिसके माध्यम से वह दुश्मनों की आँखों में धूल झोंक कर उनको पटखनी दे देता है। वेद जी का यह किरदार इब्ने सफी के अली इमरान से काफी हद तक प्रेरित था जिसे उन्होंने बाद में अपने रंग में रंग दिया।   विजय अपने दोस्त रघुनाथ, जो कि एक ईमानदार पुलिस अफसर है, के कहने […] - [राम 'पुजारी'](https://ekbookjournal.com/ram-pujari/): राम ‘पुजारी’ राम ‘पुजारी’ दिल्ली के रहने वाले हैं। राम ‘पुजारी’ उनका लेखकीय नाम है जो कि उनके नाम राम और उनके पिता के घर के नाम पुजारी से मिलकर बना है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद एप्लाइड साइकोलॉजी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। वह पेशे से मैकेनिकल इंजिनियर हैं। वह समसामयिक विषयों को केंद्र में रखकर वह अपनी रचनाएँ लिखते हैं। मुख्य रचनाएँ उपन्यास अधूरा इंसाफ…एक और दामिनी (पेपरबैक | किंडल) लव जिहाद…एक चिड़िया (पेपरबैक | किंडल) देव भक्ति..आस्था का खेल (पेपरबैक | किंडल) कुलदेवता का रहस्य ( पेपरबैक | किंडल) कहानी संग्रह रानी साहिबा ( […] - [जॉन ग्रिशम](https://ekbookjournal.com/john-grisham/):   जॉन ग्रिशम जन्म: 8 फरवरी 1955, जोन्सबर्ग (Jonesburg), अर्कान्सास (Arkansas) जॉन ग्रिशम का पहला उपन्यास ए टाइम टू किल (A time to Kill) था जो कि 1989 में प्रकाशित हुआ था। उन्होंने यह उपन्यास प्रकाशन के चार साल पहले लिखना शुरू किया था।  मुख्य रचनाएँ शृंखलाएँ  एकल उपन्यास  - [शुभानन्द](https://ekbookjournal.com/shubhanand/): शुभानन्द (Shubhanand) बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। लेखन का शौक उन्हें बचपन से ही था और उन्होंने एस सी बेदी (S C Bedi) के राजन-इकबाल शृंखला (Rajan Iqbal Series) के उपन्यासों से प्रेरित होकर कई लघु-उपन्यास बचपन में लिख लिए थे।  अपने लेखन की शुरुआत भी उन्होंने राजन इकबाल शृंखला (Rajan Iqbal Series) का नवीनीकरण करके राजन इकबाल रिबॉर्न शृंखला (Rajan Iqbal Reborn Series) के उपन्यास लिखकर करी थी। मूलतः अपराध कथा लेखन में सक्रिय शुभानन्द (Shubhanad) ने इसके पश्चात उन्होंने कई उपन्यासों का लेखन अब तक कर दिया है। अपनी पत्नी डॉक्टर रुनझुन सक्सेना के साथ मिलकर वह […] - [डॉक्टर रुनझुन सक्सेना](https://ekbookjournal.com/doctor-runjhun-saxsena/): डॉक्टर रुनझुन सक्सेना डॉक्टर रुनझुन सक्सेना का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहबाद शहर में हुआ था। बचपन से ही लेखन में उनका जुड़ाव रहा है। उन्हें अपने स्कूली दिनों में शंकर अंतर्राष्ट्रीय बाल प्रतियोगिता में लेखन के लिए सिल्वर मैडल प्राप्त हुआ है। वह पेश पेशे से दंतचिकित्सक हैं और उन्होंने ऑरल मेडिसिन व रेडिओलोजी में एमडीएस डिग्री हासिल की है।  उनका पहला उपन्यास चालीसा का रहस्य था जिसमें उन्होंने आध्यात्मिकता को रोमांचक थ्रिलर तत्वों के साथ पाठकों को परोसा था जो कि पाठकों को काफी पसंद आया था।  वह अपने पति शुभानन्द के साथ मिलकर क्राइम एम डी फोरेंसिक […] - [गोल्ड हार्ट सीरीज (Goldheart Series)](https://ekbookjournal.com/goldheart-series/):  गोल्ड हार्ट सीरीज राज कॉमिक्स द्वारा 1993 में प्रकाशित की गई थी।  इस शृंखला में छः कॉमिक्स हैं : सैंडमैन | लेखक: टीकाराम सिप्पी | चित्रांकन: अनुपम सिन्हा सोने की मशाल  कोहराम  जलजला  अशान्ति गोल्डहार्ट  ढाल और ललकार  - [विकास सी एस झा](https://ekbookjournal.com/vikas-c-s-jha/):   मूलतः बिहार से आने वाले विकास सी एस झा फिलहाल मुंबई में रहते हैं। उनका जन्म बिहार के दरभंगा जिला में हुआ था।  लेखक के पिता प्रोफेसर चंद्रशेखर झा भागलपुर यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक थे।  लेखक की आरंभिक शिक्षा खगड़िया जिले के गोगरी प्रखण्ड में पूरी हुई। उसके पश्चात उन्होने राजधानी पटना के एन एन कॉलेज से बारहवीं की परीक्षा साइंस से उत्तीर्ण की। अपनी उच्च शिक्षा उन्होंने बी एन मण्डल विश्वविद्यालय के अंतर्गत आते सी एम साइंस कॉलेज से उच्च शिक्षा पूरी की।  शिक्षा पूरी करने के बाद वह नौकरी के सिलसिले में मुंबई चले गए और लगभग 18 […] - [मोहन मौर्य](https://ekbookjournal.com/mohan-mourya/):   संक्षिप्त परिचय मोहन मौर्य का जन्म जयपुर जिले के एक छोटे से गाँव बल्लुपुरा में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और अब एच पी सी एल में कार्यरत हैं।   वह हिन्दी उपन्यासकार हैं जो मुख्यतः अपराध कथा लेखन करते हैं।  एक हसीन कत्ल उनका पहला उपन्यास था जो उन्होंने कॉलेज में आने के पश्चात लिखना शुरू किया था और वह 2016 में सूरज पॉकेट बुक्स (Sooraj Pocket Books) से प्रकाशित हुआ था।  संपर्क: फेसबुक | ब्लॉग  | ईमेल   मुख्य कृतियाँ: उपन्यास एक हसीन कत्ल  (अमेज़न) ऑपरेशन ए ए ए (अमेज़न) चक्रव्यूह (अमेज़न) वो बेगुनाह थी (अमेज़न) मैं गुनहगार हूँ  (पुस्तकों के […] - [चक्रम सीरीज](https://ekbookjournal.com/chakram-series/):   चक्रम जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा (Om Prakash Sharma) का गढ़ा हुआ किरदार है। चक्रम एक प्राइवेट जासूस है जिसे लेकर ओम प्रकाश शर्मा ने कई जासूसी उपन्यास लिखे थे। चक्रम शृंखला का पहला उपन्यास 1964 में प्रकाशित ‘औरतों का शिकार’ था।  चक्रम तीखा बोलने वाला पैंतालीस वर्ष का पुरुष है जिसके व्यवहार के चलते लोग उसके पास आने से हिचकते हैं। वह एक तेज तर्रार व्यक्ति है जो कि शक्ल से उतना कुशाग्र बुद्धि नहीं प्रतीत होता है। पहले उपन्यास ‘औरतों का शिकार’ में चक्रम का पहला विवरण कुछ यूँ दिया गया है: वह थे प्राइवेट जासूस मिस्टर चक्रम।  […] - [अमेरिकी कॉमिक बुक किरदार (American Comic Book Characters)](https://ekbookjournal.com/american-comic-book-characters/) - [भारतीय कॉमिक बुक किरदार डायरेक्टरी (Indian comic book Characters)](https://ekbookjournal.com/indian-comic-book-characters/):  A B C D E F G H  I JKLMNOPQR - [गोपाली शृंखला](https://ekbookjournal.com/gopali-series-janpriya-lekhak-omprakash/): राय कृष्ण गोपाली जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा (Janpriya Lekhk Om Prakash Sharma) का एक प्रसिद्ध किरदार है। इस किरदार को लेकर जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा (Janpriya Lekhk Om Prakash Sharma) ने काफी उपन्यास लिखे हैं।  राय कृष्ण गोपाली एक साढ़े छः फीट लंबे व्यक्ति है जिन्होंने ब्रिटिश सरकार से जासूसी की शिक्षा ली थी। अपने पहले मिशन के चलते वो चमनगढ़ रियासत पहुँचे जहाँ हालात ऐसे बने कि वह रियासत के सैनानायक के पद पर आसीन हॉ गए। अपने पहले ही मिशन में वह केसरबाई और रूपा नाम की दो अद्वितीय सुंदरियों के पति भी बन गए थे।  […] - [रीमा राठौर](https://ekbookjournal.com/reema-rathore-series/):   रीमा राठौर लेखक अनिल सलूजा का एक प्रसिद्ध किरदार है। रीमा राठौर मुंबई में रहने वाली एक वकील है जो कि अदालत में तो अपराधियों के खिलाफ केस लड़ती ही है वहीं दूसरी तरफ वह अपराधियों से सीधे दो दो हाथ करने से भी नहीं हिचकती है।  रीमा राठौर वकील होने के साथ-साथ खुफिया विभाग की एजेंट भी है जिसके विषय में उसके नजदीकी लोगों के सिवा कोई और नहीं जानता है। वह एक प्रशिक्षित एजेंट है इसलिए वह हैंड टू हैंड कॉमबेट में माहिर है।  रीमा राठौर अपने मामले में कई बार इन्स्पेक्टर सिकंदर ठाकरे की भी मदद […] - [इन्द्रजीत शृंखला](https://ekbookjournal.com/indrajeet-series/):   लेखक राजभारती इन्द्रजीत चड्ढा राज भारती द्वारा रचित किरदार है। वह एक अपराधी है जो की माफिया के खिलाफ कार्य करता है। पुलिस और माफिया वाले उसके पीछे पड़े रहते हैं लेकिन वह, जिसे लोग फ़सादी भी कहते हैं, उनकी आँखों में धूल झोंक कर फसाद करने में कामयाब हो जाता है।  राजभारती ने इन्द्रजीत को लेकर काफी उपन्यास लिखे थे और वही उपन्यास इस शृंखला का हिस्सा बनते हैं। जहाँ तक हमें जानकारी है इन्द्रजीत शृंखला के उपन्यास तुलसी पेपरबुक्स से प्रकाशित होते थे। वहीं राजभारती अपने लेखकीय में इन्द्रजीत के उपन्यासों को थ्रिलर नहीं बल्कि स्टंट थ्रिलर […] - [रमन कुमार चौधरी](https://ekbookjournal.com/raman-kumar-chaudhry/):   बिना मौत नया जन्म में प्रकाशित उपन्यासकार रमन कुमार चौधरी की तस्वीर रमन कुमार चौधरी बिहार के मधुबनी जिला के चौहुंटा मैना बाग से आते हैं। उनके विषय में जितनी जानकारी है उसके अनुसार उन्होंने रवि पॉकेट बुक्स के लिए एक उपन्यास लिखा है।  रवि पॉकेट बुक्स से प्रकाशित उनका उपन्यास:  बिना मौत नया जन्म - [विनय रात्रा सीरीज](https://ekbookjournal.com/vinay-ratra-series/): कँवल शर्मा   विनय रात्रा लेखक कँवल शर्मा द्वारा रचा गया किरदार है। वह भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसी रॉ का एजेंट है जो कि आम जिन्दगी में एक इतिहास का प्रोफेसर है। वन शॉट इस शृंखला का पहला उपन्यास था जो कि 2014 में प्रकाशित हुआ था।  वन शॉट टेक थ्री (अमेज़न) कैच 4 (अमेज़न) हिन्दी लोकप्रिय साहित्य के दूसरे उपन्यासकारों के विषय में निम्न डायरेक्टरी पर जा सकते हैं: लोकप्रिय साहित्यकार डायरेक्टरी - [कँवल शर्मा](https://ekbookjournal.com/kanwal-sharma/): कँवल शर्मा – फोटो उनके फेसबुक प्रोफाइल से साभार  कँवल शर्मा पेशे से शिक्षक हैं। उन्होंने अपने लेखन की शुरुआत जेम्स हेडली चेज के उपन्यासों से शुरुआत की जो कि रवि पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होते रहे हैं। उनका पहला उपन्यास वन शॉट था जो कि 2016 में प्रकाशित हुआ था।  मुख्य रूप से अपराध कथा लिखने वाले कँवल शर्मा अपनी एक खास लेखन शैली के लिए जाने जाते हैं। जेम्स हेडली चेज के कथानकों का असर उनकी रचनाओं पर नजर आता है। मुख्य कृतियाँ  अनुवाद एक ही अंजाम  एक खून और (You must be Kidding) (अमेजन) बेनकाब चेहरा  शॉक […] - [अनुराग कुमार 'जीनियस'](https://ekbookjournal.com/anurag-kumar-genius-biography/): अनुराग कुमार ‘जीनियस’ अनुराग कुमार ‘जीनियस’ जी उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर देहात की तहसील डेरापुर के अंतर्गत आने वाले एक छोटे से गाँव महोई (पुराना नाम महुआ) में रहते हैं।  उनकी शुरुआती शिक्षा गाँव में ही हुई। इसके पश्चात श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज झींझक से उन्होंने हाईस्कूल किया। श्री राम रतन इंटर कॉलेज से उन्होंने इंटर (बारहवीं) किया। ग्रेजुएशन की पढ़ाई झींझक के श्री गौरी शंकर महाविद्यालय,जो छत्रपति शाहूजी महाराज कानपुर से संबंधित है,  से उन्होंने किया। फिलहाल वह एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं। अपने नाम के आगे लगाये जीनियस के विषय […] - [मंगल सीरीज - विक्रम शर्मा](https://ekbookjournal.com/mangal-series-vikram-sharma/): विक्रम शर्मा द्वारा थ्रिलर उपन्यास के अलावा मंगल शृंखला के उपन्यास भी लिखे गए थे। यह उपन्यास धीरज पॉकेट बुक्स से प्रकाशित हुए थे।   विक्रम शर्मा द्वारा लिखी गयी मंगल शृंखला में निम्न उपन्यास मौजूद थे: अंधे का कानून  दौलत की दीवार  उसकी सुहागिन  सात फेरों की मुजरिम  इंसाफ का बेटा  लहू की दीवार  आज का चाणक्य  वर्दी की ताकत  काँच की कब्र  माफिया का अंत  मंगल का बाप  सुबह का भूला  मंगल की विधवा  आँख का तारा  दरिंदा मंगल इन उपन्यासों की जानकारी मित्र और पाठक हीरा वर्मा ने दी है। एक बुक जर्नल उनका आभार व्यक्त करता है। आप भी लोकप्रिय साहित्य और लोकप्रिय […] - [विक्रम शर्मा](https://ekbookjournal.com/vikram-sharma/):  विक्रम शर्मा के उपन्यास धीरज पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होते थे। इन्होंने कई थ्रिलर उपन्यास और मंगल शृंखला के उपन्यास लिखे हैं।  मौजूदा जानकारी के हिसाब से उन्होंने निम्न नोवेल्स लिखे हैं: शृंखला मंगल सीरीज  एकल उपन्यास  हत्यारी सुहागिन  दौलत माँगे खून  आँख का जहर  खून बना सिंदूर  सबसे बड़ा जुर्म  आखिरी आदमी  छत्तीस घंटे का डिक्टेटर  पाँच पतियों वाली  सिंदूर की चीख  जुर्म की महाभारत  100 किलोमीटर  जुर्म का सूरज  सोने का आदमी  मौत मेरे पीछे  बकरा  खून के आँसू  हरामी  वह औरत  हारा हुआ सिकंदर  मौत मेरी मुट्ठी में  मैं कातिल नहीं  जुर्म का रिश्ता इन उपन्यासों की […] - [अनिल मोहन](https://ekbookjournal.com/anil-mohan/):   अनिल मोहन आधुनिक हिंदी अपराध साहित्य में लेखक अनिल मोहन अपना एक अलग स्थान रखते हैं। अनिल मोहन का पूरा नाम अनिल भारद्वाज है। उन्होंने शुरुआत में भूत लेखक के रूप में कई उपन्यास विभिन्न प्रकाशनों और विभिन्न नामों से लिखे। 13 साल तक यह सिलसिला चला जिसके बाद उनका पहला उपन्यास अपने नाम से प्रकाशित हुआ।  अपने लेखकीय जीवन में उन्होंने कई उपन्यास लिखे हैं। उनके किरदार देवराज चौहान और मोना चौधरी विशेष रूप से पाठकों के बीच काफी प्रसिद्ध हुए।  उपन्यास श्रृंखलाएँ देवराज चौहान मोना चौधरी अर्जुन भारद्वाज आर डी एक्स जुगल किशोर एकल उपन्यास वो कौन […] - [प्रेत अंकल शृंखला](https://ekbookjournal.com/pret-uncle-series/): प्रेत अंकल शृंखला में चार कॉमिक बुक्स हैं। राज कॉमिक्स के थ्रिल हॉरर सस्पेंस शृंखला में यह कॉमिक बुक्स आते हैं। यह सभी कॉमिक बुक्स वर्ष 1993 में प्रकाशित हुए थे।  जैकब को कुछ लुटेरों ने मार दिया था। वह प्रेत बनकर अपना जीवन बसर कर रहा था जब उसकी जिंदगी में बेबी नाम की लड़की आई। जैकब ने न केवल बेबी को उस मुसीबत से बचाया बल्कि हमेशा के लिए उसका संरक्षक भी बन गया।  शृंखला के अन्य मुख्य किरदार: इरी – जैकब  का गुरु। वह एक तांत्रिक है जिसकी गुफा में सभी प्रेत निवास करते हैं। वह यह […] - [अलफांसे शृंखला](https://ekbookjournal.com/alfanse-series/): वेद प्रकाश काम्बोज    अलफांसे लेखक वेद प्रकाश काम्बोज द्वारा गढ़े गए प्रसिद्ध किरदारों में से एक है। अलफांसे एक अंतर्राष्ट्रीय अपराधी है जो दौलत का पुजारी है। वह दौलत के लिए कुछ भी कर सकता है।  अलफांसे अक्सर विजय रघुनाथ शृंखला के उपन्यासों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाता है। वह विजय की काफी इज्जत करता है और जरूरत पड़ने पर उसकी मदद भी करता है।  अलफांसे शृंखला में निम्न उपन्यास हैं: चीते की आँख (अमेज़न) अनोखा कैदी (अमेज़न) अलफांसे (अमेज़न) अन्टार्टीका का खजाना (अमेज़न) टिम्बरलैन्ड के लड़ाके (अमेज़न) कंकालों के बीच (अमेज़न) अलफांसे को लेकर वेद प्रकाश शर्मा […] - [आलोक सिंह खालौरी](https://ekbookjournal.com/alok-singh-khaluari/): आलोक सिंह खालौरी मूलतः बुलंदशहर के ग्राम खालौर के निवासी हैं।  वह पेशे से वकील हैं। उनके पिताजी के न्यायिक अधिकारी होने के चलते उनका बचपन अलग-अलग शहरों में बीता था। उरई से शुरू होकर रुड़की,सीतापुर, गोरखपुर, गोंडा, आगरा, बदायूं और मेरठ में उनकी शिक्षा दीक्षा सम्पन्न हुई।  मेरठ में ही उन्होंने वकालत की पढ़ाई पूरी कर प्रेक्टिस शरू कर दी थी।   उनका पहला उपन्यास राजमुनि था जो कि परलौकिक रोमांचकथा थी।  मुख्य कृतियाँ उपन्यास राजमुनि (अमेज़न) वो (अमेज़न) तरकीब (अमेज़न) डेड एंड (अमेज़न) यामी (अमेज़न) प्रेम गली अति साँकरी (अमेज़न) लघु-उपन्यास अधूरा ख्वाब (अमेज़न) मटरू का लोकतंत्र (अमेज़न)   - [अनिल गर्ग](https://ekbookjournal.com/anil-garg/):  अनिल गर्ग मूलतः दिल्ली के रहने वाले हैं। अब तक अनिल गर्ग बीस से ऊपर पुस्तकें प्रकाशित कर चुके हैं। जासूस अनुज और बलमा सीरीज नाम से वह दो श्रृंखलाएँ लिखते हैं जिनके अंतर्गत वह जासूसी और थ्रिलर उपन्यास लिखते हैं। यदा कदा वह सामाजिक कहानियाँ और उपन्यासों पर भी हाथ आजमाते रहते हैं। उन्होंने अपने लेखन की शुरुआत प्रतिलिपि प्लेटफार्म से की जहाँ पर उनकी प्रकाशित रचनाओं को 28 लाख से ज्यादा बार पढ़ा जा चुका है। प्रतिलिपि के पश्चात अब उन्होंने अपने उपन्यास अमेज़न किंडल प्लेटफार्म पर प्रकाशित किये हैं। हाल ही में उनके उपन्यासों के पेपरबैक संस्करण […] - [अविनाश भारद्वाज सीरीज](https://ekbookjournal.com/avinash-bhardwaj-series/): अजिंक्य शर्मा अविनाश भारद्वाज लेखक अजिंक्य शर्मा द्वारा रचित किरदार है। अविनाश भारद्वाज एक प्राइवेट डिटेक्टिव है जो कि दिल्ली के मयूर विहार के क्राइम इंवेस्टिगेशन्स नाम की डिटेक्टिव एजेंसी का मालिक है।  रोशनी अविनाश की सेक्रेटरी है जो ऑफिस में उसका काम संभालती है। वहीं संजय उसका साथी है जो कि तहकीकात में उसकी मदद करता है।  उपन्यास काला साया  (अमेज़न) दूसरा चेहरा  (अमेज़न) - [सुभाष चंद कौशिक](https://ekbookjournal.com/subhash-chand-kaushik/):   एम इकराम फरीदी सुभाष चंद कौशिक लेखक एम इकराम फरीदी द्वारा रचा गया किरदार है।  सुभाष चन्द कौशिक एक तैंतीस वर्षीय नौजवान है। वह एक प्राइवेट जासूस है जो अपनी टीम के साथ केस सोल्व करता है। सुभाष चंद कौशिक को लेकर लेखक एम इकराम फरीदी अब तक निम्न उपन्यास प्रकाशित कर चुके हैं: द ओल्ड फोर्ट (अमेज़न)  ट्रैजडी गर्ल (अमेज़न) रिवेंज (अमेज़न) उपन्यासो के नाम पर क्लिक करके एक बुक जर्नल में मौजूद इनकी समीक्षा पढ़ी जा सकती है।  - [एम इकराम फरीदी](https://ekbookjournal.com/m-ikram-faridi/):   मोहम्मद इकराम फरीदी मूलतः  मीरगंज जिला बरेली उत्तर प्रदेश से आते हैं और यहीं उनकी शिक्षा दीक्षा हुई है। उनके पिता का नाम इलयास अंसारी है और वह मसाले का कारोबार करते हैं।  एम इकराम फरीदी लेखन क्षेत्र में लगभग एक दशक से सक्रिय हैं। इस एक दशक में उन्होंने काफी रचनाएँ लिखी हैं। उनकी पहली कहानी 15 वर्ष की उम्र में रूप की शोभा नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुई थी।  एम इकराम फरीदी जी गज़लकार और उपन्यासकार हैं। भूत लेखन से अपने करिअर की शुरुआत करने वाले इकराम फरीदी का पहला उपन्यास द ओल्ड फोर्ट था। यह उपन्यास […] - [वाचमैन शृंखला](https://ekbookjournal.com/watchman-series/):   वाचमैन शृंखला के अंतर्गत लेखक संतोष पाठक ने निम्न उपन्यास लिखे हैं सीक्रेट ऑफ द मिसिंग गर्ल  मर्डर इन रूम नंबर 108  मर्डर इन द डाइनैमिक रेज़िडेन्सी - [अश्विन पंडित](https://ekbookjournal.com/ashwin-pandit/):   लेखक संतोष पाठक द्वारा रचित किरदार आश्विन पंडित एक अपराधी है।  आश्विन पंडित को लेकर लेखक संतोष पाठक ने निम्न उपन्यास लिखे हैं:  कोहिमा कॉनसपिरेसी  मौत का ताण्डव  प्रचण्ड  अंधेर नगरी - [मुकेश माथुर शृंखला](https://ekbookjournal.com/mukesh-mathur-series/):   सुरेन्द्र मोहन पाठक  मुकेश माथुर लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक द्वारा रचित किरदार है। वह पेशे से एक वकील है। वह एक गरीब परिवार से आता था और कभी वकील के तौर पर आनंद आनंद आनंद और एसोशिएट मे कार्य करता था। चूँकि उसके पिता फर्म के मालिक नकुर बिहारी आनंद के जानकार थे इसलिए उन्होंने उसे अपने साथ जोड़ दिया था लेकिन कभी अच्छा वकील नहीं समझा था। मुकेश माथुर शृंखला के उपन्यास मुकेशब के साथ घटित होने वाले घटनाक्रमों पर ही आधारित होते हैं। शुरुआती दो उपन्यासों में वह न चाहते हुए भी ऐसे हालात में फँस जाता […] - [विकास गुप्ता शृंखला](https://ekbookjournal.com/vikas-gupta-series/): विकास गुप्ता एक जाना माना ठग है। उसे ठगी के मामले में कई बार गिरफ्तार तो किया गया है लेकिन सबूत न मिलने के कारण वो हमेशा से ही छूट जाता है। वह शक्ल सूरत से एक खूबसूरत व्यक्ति है जो कि एक अमीर घर का वारिस लगता है। युवतियाँ उसकी शक्ल सूरत पर आसानी से फ़िदा हो जाती हैं। और वो अपनी ठगी के लिए अपनी शक्ल सूरत और अपने इस करिज्मा  को बखूबी इस्तेमाल करना जानता है। विकास गुप्ता शृंखला में निम्न उपन्यास हैं: धोखाधड़ी  | नवंबर 1981 |  अमेज़न  बारह सवाल | दिसम्बर 1989 | अमेज़न आठ […] - [विवेक आगाशे सीरीज](https://ekbookjournal.com/vivek-agashe-series/): लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक विवेक आगाशे एक सेना से सेवा निवृत लेफ्टिनेंट कर्नल है जो कि अब एक प्राइवेट डिटेक्टिव के रूप में कार्य करता है। वह सिग्मा सिक्योरिटीज नामक फर्म का मालिक था। उसने क्राइम क्लब नामक संस्था कि स्थापना की थी जिसके सदस्य समाज काफी अच्छा रसूख रखते थे। उसने कई विचित्र रहस्यों को सुलझाकर पुलिस महकमे में भी अपनी अच्छी पहचान बना ली थी इसलिए वह भी गाहे बगाहे उसे अपनी मदद के लिए बुलाते हैं और उसका लिहाज करते हैं।  विवेक आगाशे शृंखला में विवेक के इन्हीं कारनामों को दर्ज किया गया है।   विवेक आगाशे शृंखला […] - [प्रमोद सीरीज](https://ekbookjournal.com/pramod-series/):   लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक प्रमोद लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक द्वारा रचा गया एक अन्य किरदार है। इसके उपन्यास पहले पहल तो एकल उपन्यास की तरह लिखे गए थे लेकिन इस किरदार को लेकर लेखक ने बाद में पाँच उपन्यास लिखे जो कि इसे एक तरह से सीरीज बना देता है।  प्रमोद एक उन्तीस वर्ष का लड़का है। शक्ल सूरत से वह विदेशी लगता है।  उसके पिता ब्रिगेडियर तिवारी हैं। वह भारत से अपने किसी व्यक्तिगत कारण के चलते भाग आया था और विदेशों में रहकर कई रोमांचक कारनामों में शरीक होता है।  प्रमोद सीरीज का पहला उपन्यास मौत का […] - [जेम्स बॉन्ड सीरीज](https://ekbookjournal.com/james-bond-series/) - [जमील अंजुम](https://ekbookjournal.com/jamil-anjum/):  जमील अंजुम उर्दू के उपन्यासकार थे जिन्होंने उर्दू और हिंदी दोनों भाषाओं में उपन्यास लिखे थे। हिंदी में उन्होंने मनोज के ट्रेड नाम से काफी उपन्यास लिखे थे। वहीं मनोज पॉकेट बुक्स से उनके कुछ उपन्यास उनके खुद के नाम से भी प्रकाशित हुए थे। जमील अंजुम के कुछ उर्दू उपन्यास लंबा  आदमी  महकते जख्म  पुराना कब्रिस्तान  जासूसी दायरा - [वेद प्रकाश काम्बोज](https://ekbookjournal.com/ved-prakash-kamboj-biography/): स्रोत: लेखक के फेसबुक पृष्ठ से वेद प्रकाश कांबोज का जन्म 1 दिसंबर 1939 को दिल्ली के शाहदरा में हुआ था। वेद प्रकाश कांबोज का पहला उपन्यास कँगूरा 1958 में प्रकाशित हुआ था जो कि पाठकों के बीच में आते ही छा गया था। यह उपन्यास रंगमहल कार्यालय खारी बावली दिल्ली से प्रकाशित हुआ था। अपने पहले उपन्यास के प्रकाशन के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 60,70 और 80 के दशक में उनकी लोकप्रियता अपने चरम पर थी। वह पिछले साठ सालों से वह लेखन क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनके अब तक 400 से ज्यादा उपन्यास प्रकाशित हो चुके […] - [आबिद रिजवी](https://ekbookjournal.com/abid-rizwi-biography/) - [हिन्दी लोकप्रिय साहित्य ट्रेडनेम डायरेक्टरी](https://ekbookjournal.com/hindi-popular-fiction-trade-name/):  A आशीर्वाद पंडित  K  केशव पंडित R रीमा भारती  रोहित  V विनय प्रभाकर - [हिन्दी लोकप्रिय साहित्य लेखक डायरेक्टरी](https://ekbookjournal.com/hindi-popular-ficiton-writers-directory/): A अकरम इलाहबादी  अजिंक्य शर्मा अनिल गर्ग अनिल मोहन अनिल सलूजा  अमित खान  अमित श्रीवास्तव  अशीत चटर्जी अनुराग कुमार ‘जीनियस’ आबिद रिज़वी आदिल रशीद आरिफ़ मारहर्वीं आशीर्वाद पंडित आलोक सिंह खालौरी B बाबू जयरामदास बिमल चटर्जी C चंदर कर्नल रंजीत  D डार्लिंग दिनेश ठाकुर दत्त भारती  E F G गज़ाला गुलशन नंदा गोपाल राम गहमरी गोपाल शर्मा गोविंद सिंह H हादी हसन  I इब्ने सफी  J जयंत कुशवाहा जमनादास अख्तर  जमील अंजुम जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा K किशोरी लाल गोस्वामी कँवल शर्मा कुमार कश्यप  केशव पंडित कैलाश नाथ गुप्त  L M मनोज  मिस्टर मुंशी तीरथराम फिरोजपुरीमोहम्मद इकराम फरीदी मोहन मौर्य N […] - [विराट शृंखला](https://ekbookjournal.com/virat/): सीरीज संक्षिप्त परिचय नाम: विराट शृंखला  | टोटल पार्ट्स: 9 | कहानी: कमलेश्वर  | कॉमिक रूपांतर: हनीफ़ अज़हर आर्टवर्क: कदम स्टूडियो, तौफीक, सुरेश डीगवाल    परिचय सुन्दरगढ़ राज्य के दक्षिणी कबीले के लोग अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते थे। इस कबीले का सरपंच कभी वीर बाहू हुआ करता था। वीर बाहू ने सुन्दर गढ़ में नगर प्रमुख का पद लिए था और अपने राज्य की सेवा करते करते वह शहीद हुआ था।  विराट इसी वीरबाहु का पुत्र था जो अपने पिता की तरह ही जाबाँज था। यह उसकी जाबाजी का ही परिणाम था कि सुन्दर गढ़ के राजा विजयसिंह ने उसे […] - [फ्रीलांस टैलेंटस कॉमिक बुक सीरीज](https://ekbookjournal.com/freelance-talents-comic-book-series/):  फ्रीलांस टैलेंटस मोहित शर्मा का उपक्रम है जिसके अंतर्गत उन्होंने स्वतंत्र कलाकारों के साथ मिलकर कई कॉमिक बुक्स का निर्माण किया है। यह कॉमिक बुक्स निम्न हैं: पगली प्रकृति  (ऑनलाइन लिंक: नजरिया नाऊ | गूगल बुक्स) तीन रन का सौदा  (ऑनलाइन लिंक: कल्चर पॉपकॉर्न | गूगल बुक्स) लालची मौत (ऑनलाइन लिंक: गूगल बुक्स | स्लाईड शेयर | ) समाज लेवक (ऑनलाइन लिंक: गूगल बुक्स) दोमुँहा आक्रमण (ऑनलाइन लिंक: इशू | गूगल बुक्स) पैरलल – टर्मिनल ट्रीब्यूटरीज़ (ऑनलाइन लिंक: गूगल बुक्स) - [काव्य कॉमिक सीरीज](https://ekbookjournal.com/kavya-comic-book-series/): काव्य कॉमिक बुक सीरीज मोहित शर्मा का एक  प्रयोग है जिसके अंतर्गत उन्होंने कथा के बजाए कविता को कॉमिक बुक के रूप में प्रकाशित किया। यह कॉमिक बुक्स अक्सर कई स्वतंत्र कलाकारों के सहयोग से बनाई जाती थी।  काव्य कॉमिक्स शृंखला के कॉमिक बुक्स इस कॉमिक बुक सीरीज में अब तक निम्न कॉमिक्स प्रकाशित हो चुकी हैं: 84 टियर्स गुलाम ए हिन्द  काव्य कॉमिक्स संकलन #03 काव्य कॉमिक्स संकलन #04 इंसानी परी जुग जुग मरो 1  जुग जुग मरो 2 लॉन्ग लिव इंक़िलाब कद्र मतलबी मेला - [मोहित शर्मा](https://ekbookjournal.com/mohit-sharma-zehan/): मोहित शर्मा ज़हन    मोहित शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। उनके पिता पहले पुलिस डिपार्ट्मन्ट (अपनी सेवा के पहले तीस वर्ष) और फिर सतर्कता विभाग (विजिलेन्स डिपार्ट्मन्ट) में कार्यरत रहे। 2016 में वह सेवा से सेवानिवृत्त हो गए थे।  मोहित तीन  भाई बहनों मे सबसे छोटे हैं। उनके बड़े भाई, जो उनसे आठ साल बड़े हैं, एक प्राइवेट फर्म में इंजीनियर हैं और उनकी बड़ी बहन, जो उनसे सात साल बढ़ी हैं, एक शिक्षिका हैं।  मोहित शर्मा की माता जी ग्रहणी हैं।  मोहित के लेखन पर उनका प्रभाव पड़ा है । अपनी माताजी का उनके […] - [अभिषेक जोशी](https://ekbookjournal.com/abishek-joshi/): जन्म: 27 अगस्त 1985, इंदौर अभिषेक जोशी का जन्म 27 अगस्त 1985 को इंदौर के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके पिता एक व्यवसायी थी और माता एक गृहणी थी। बचपन से ही अभिषेक जोशी को पढ़ने लिखने का शौक था।  उनकी स्कूली शिक्षा इंदौर के होली क्रॉस हायर सेकेंडरी स्कूल और आर.आर.एम.बी. गुजराती हायर सेकेंडरी स्कूल में पूरी हुई है। इसके बाद में उन्होंने पी.एम.बी. गुजराती साइंस कॉलेज से बीएससी इन इलेक्ट्रॉनिक्स किया और  इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध विभाग  ई.एम.आर.सी. से एम.बी.ए. इन मीडिया किया। उन्होंने एडवरटाइजिंग एजेंसी में कॉपी राइटिंग और एक प्रकाशन में एडिटर […] - [देवेन्द्र प्रसाद](https://ekbookjournal.com/devendra-prasad/): देवेन्द्र प्रसाद की प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड के चमोली और टिहरी जिले में पूरी इसके पश्चात  इन्होंने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग देहरादून से 2012 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और कुछ वर्षों तक जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड रायपुर (छत्तीसगढ़) में क्वालिटी इंजीनियर के पद पर कार्य किया। इन सब के साथ में कहानियाँ भी लिखते रहें। कुछ सालों तक नौकरी के पश्चात भी इनके अंदर के लेखक को शांति नहीं मिली तो इन्होंने अपने अनुभवों को और किस्सों को कहानियों की शक्ल दे दी। अपने यात्रा वृतांत और भूत-प्रेत के सच्चे अनुभवों को शब्दों के जाल में पिरोकर […] - [डॉ अरुण कुकसाल](https://ekbookjournal.com/doctor-arun-kuksal/):  जन्म: 8 अक्टूबर 1959, चामी (असवालस्यूं), पौड़ी गढ़वाल  डॉक्टर अरुण कुकसाल का जन्म पौड़ी गढ़वाल के चामी (असवालस्यूं) गाँव में 8 अक्टूबर 1959 में हुआ था।  उन्होंने अर्थशास्त्र विषय में पीएचडी की है। गिरी विकास अध्ययन संस्थान, उद्मिता विकास संस्थान उ प्र, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् उत्तराखंड में विभिन्न पदों में कार्य का उन्हें अनुभव है।  उन्होंने उद्यमिता  शिक्षा पर लेखन एवं प्रशिक्षण किया है। साथ ही विद्यालयी शिक्षा, उत्तराखण्ड की पाठ्यचर्चा में उद्मिता विकास विषय को समावेश करवाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।  वह पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन करने के साथ साथ वह आकाशवाणी के नियमित वार्ताकार […] - [सुधीर मौर्य](https://ekbookjournal.com/sudheer-maurya/):   उपन्यास: वर्जित (अमेज़न) पहला शुद्र (अमेज़न) अरीबा (अमेज़न) स्वीट सिक्सटीन (अमेज़न)  देवालदेवी (अमेज़न) माय लास्ट अफेयर (अमेज़न) हमीर हठ (अमेज़न) बलि का राज आये  (अमेज़न) इंद्रप्रिया (अमेज़न) कहानी संग्रह: एंजल जिया (अमेज़न) कर्ज और अन्य कहानियाँ (अमेज़न) - [अशीत चटर्जी](https://ekbookjournal.com/asheet-chatterjee/): लेखक अशीत चटर्जी उपन्यासकार बिमल चटर्जी के सगे छोटे भाई थे। पहले वह रेलवे पुलिस में थे। आगे चलकर अशीत चटर्जी ने नौकरी छोड़ दी थी और वे उपन्यास लिखने लगे।  लेखक अशीत चटर्जी सामाजिक थ्रिलर लिखा करते थे। हिन्दी लोकप्रिय साहित्य के एनसाईक्लोपेडिया योगेश मित्तल द्वारा दी जानकारी के अनुसार भारती पॉकेट बुक्स से लेखक रोहित के नाम  से प्रकाशित  होने वाले सभी उपन्यास अशीत चटर्जी द्वारा लिखे गये थे।   - [विनय प्रभाकर](https://ekbookjournal.com/vinay-prabhakar/): विनय प्रभाकर मनोज पॉकेट बुक्स एक ट्रेड नाम था।  मनोज पब्लिकेशन के स्वामी विनय कुमार हैं जिनके नाम से शायद इस ट्रेड नाम का जन्म हुआ था। विनय प्रभाकर के  नाम मनोज पॉकेट बुक्स से  काफी उपन्यास और कॉमिक बुक्स प्रकाशित हुई थी। लेखक योगेश मित्तल के संस्मरण के अनुसार कुमार कश्यप, अशीत चटर्जी और ऐसे ही कई अनेक लेखकों ने भी विनय प्रभाकर नाम से उपन्यास लिखे थे।  विनय प्रभाकार द्वारा लिखे गये कुछ उपन्यास: इंसाफ का खून  हत्यारी बहू  खुदा का बेटा  नर्क का भगवान  राखी का हत्यारा  ममता का हत्यारा  कानून का खिलाड़ी  कोख का लहू  दस करोड़ की […] - [बाबू जयरामदास](https://ekbookjournal.com/babu-jairamdas/): बाबू जयरामदास जासूसी उपन्यासों के लेखक थे। वह राजघाट बनारस के रहने वाले थे। बाबू जयरामदास गुप्त ने तिलस्मी ऐयारी और  जासूसी उपन्यासों की रचना की थी। उन्होंने उपन्यास बहार नाम के प्रकाशन संस्थान की स्थापना की थी।  उपन्यास रंग में भंग (1907) काश्मीर पतन (1907) माया  रानी (1908) कलावती चाँदबीबी (1908) प्रभात कुमारी (1909) नवाबी पाकिस्तान (1909) बिना सवार का घोड़ा  चम्पा  शूर शिरोमणि  भूतों का डेरा  लंगडा खूनी  किशोरी वा वीरबाला  चांदनी और अँधेरा  तिलस्मी बुर्ज  फूलकुमारी   - [विजय-विकास श्रृंखला](https://ekbookjournal.com/vijay-vikas-series/): विजय विकास मामा भाँजे की जोड़ी है जो मिलकर देश के दुश्मनों का सफाया करते हैं।  विजय राजनगर के आई जी ठाकुर निर्भयसिंह का बेटा है। वह उसे नालायक समझते हैं क्योंकि वह सबसे सामने बेवकूफों जैसी हरकतें करता रहता है। परन्तु असल में विजय भारतीय सीक्रेट सर्विस का सबसे खतरनाक जासूस है। वही वह भारत की सबसे बड़ी जासूसी संस्था का चीफ भी है। हालाँकि यह राज कोई नहीं जानता है। उसके नजदीकी लोग भी नहीं।  विकास विजय का भाँजा है। उसके पिता रघुनाथ शहर के सुप्रीटेंडेंट हैं। वह एक बाईस वर्षीय लड़का है जो कि एक जाबाँज जासूस […] - [वेद प्रकाश शर्मा](https://ekbookjournal.com/ved-prakash-sharma/): वेद प्रकाश शर्मा जन्म: 10 जून 1955 मेरठनिधन: 17 फरवरी 2017, मेरठ मुख्य कृतियाँ श्रृंखलाएँ: केशव पंडित विजय विकास विभा जिंदल क्रान्तिकारी श्रृंखला  (शृंखलाओं के विषय में और शृंखला में मौजूद अन्य उपन्यासों के विषय में अधिक जानकारी आप शृंखला के नाम पर क्लिक करके पा सकते हैं। ) एकल अपराध उपन्यास तीन तिलंगे आग लगे दौलत को  लाश कहाँ छुपाऊँ  कानून मेरे पीछे दौलत है ईमान मेरा  आ बैल मुझे मार  सभी दीवाने दौलत के (अमेज़न) विधवा का पति (अमेज़न) इंसाफ का सूरज  दुल्हन माँगे दहेज (अमेज़न) सुलग उठा सिंदूर  नसीब मेरा दुश्मन (अमेज़न) औरत एक पहेली  शीशे की अयोध्या  मांग में अंगारे  सबसे […] - [क्रान्तिकारी श्रृंखला](https://ekbookjournal.com/krantikari-series/):   वेद प्रकाश शर्मा द्वारा लिखी गयी क्रांतिकारी श्रृंखला में निम्न उपन्यास हैं: वतन की कसम  खून दो आज़ादी लो  बिच्छू  इंकलाब जिंदाबाद - [विभा जिंदल](https://ekbookjournal.com/vibha-jindal/): विभा जिंदल लेखक वेद प्रकाश शर्मा द्वारा रचा गया एक किरदार है। वेद प्रकाश शर्मा विभा जिंदल को उपन्यासों में अपनी मित्र के तौर पर पेश करते हैं।  विभा जिंदल जिंदल पुरम नामक शहर की महारानी है। अगर उसे कोई ऐसी गुत्थी मिलती है जिसे कोई नहीं सुलझा पा रहा है तो वह उस गुत्थी को सुलझाने का बीड़ा उठा देती है। वह कोई पेशेवर जासूस नहीं है बस रहस्य सुलझाने के लिए जासूसी करती है।  विभा जिंदल एक विधवा है। उसके पति की कुछ लोगों ने मिलकर हत्या कर दी थी और उसी हत्या का रहस्य सुलझाने के लिए […] - [मनमोहन भाटिया](https://ekbookjournal.com/manmohan-bhatia/): जन्म: 29 मार्च 1958, दिल्ली परिचय: मनमोहन भाटिया मनमोहन भाटिया जी दिल्ली में रहते हैं। हिन्दू कॉलेज से बी कॉम और दिल्ली विश्विद्यालय के कैंपस लॉ सेण्टर से एलएलबी करने के पश्चात वे फाइनेंस कंसलटेंट के रूप में कार्य करते रहे थे। अब वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मनमोहन जी को लेखन में हमेशा से रूचि थी और अब उसी को अपना वक्त देते हैं। उनकी कहानियाँ सरिता, गृहशोभा, प्रतिलिपि, जयविजय, सेतु, ईकल्पना, अभिव्यक्ति, स्वर्ग विभा, अनहद कृति और नवभारत टाईम्स में प्रकाशित हो चुकी हैं।  मनमोहन जी को लिखने के अलावा भ्रमण करना, संगीत सुनना और सिनेमा देखने का […] - [समीर गांगुली](https://ekbookjournal.com/samir-ganguly/): जन्म: 27 नवम्बर 1955 देहरादून लेखक समीर गांगुली का जन्म 27 नवम्बर 1955 को देहरादून उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) में हुआ था। देहरादून में ही उनकी शिक्षा दीक्षा हुई है। उन्होंने एमएससी (गणित) और एम ए (हिन्दी) की डिग्री हासिल की है।  उनका बचपन और युवाअवस्था का शुरुआती वक्त देहरादून उत्तराखंड में ही बीता था।  बाल साहित्य लेखन की शुरुआत अस्सी के दशक में हुई और वे उस वक्त की सब ही प्रमुख बाल पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित भी हुए थे। नौकरी के सिलसिले में उन्होंने 1985 में मुंबई में प्रवास किया और फिर वहीं रहने लगे। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की […] - [आनंद कुमार सिंह](https://ekbookjournal.com/anand-kumar-singh/): मूल रूप से बिहार के रहने वाले आनंद कुमार सिंह का जन्म, पढ़ाई-लिखाई, कोलकाता में हुई। हालांकि बचपन का उनका बड़ा हिस्सा रेणुकूट में गुजरा है। आनंद कुमार सिंह प्रभात खबर अखबार में सीनियर रिपोर्टर हैं। पत्रकारिता के अब तक के अपने 20 वर्ष के करिअर में उन्हें तीन बार श्रेष्ठ पत्रकार होने का पुरस्कार मिल चुका है। वे क्राइम, राजनीति, स्पोर्ट्स, बिजनेस आदि क्षेत्रों में गहरी रुचि रखते हैं। कहानी लिखने का उन्हें हमेशा से शौक रहा है। कहानी लेखन की कई प्रतियोगिताओं में वे विजेता रह चुके हैं। वह अपने परिवार के साथ कोलकता में निवास करते  हैं।  […] - [अमित वाधवानी](https://ekbookjournal.com/amit-wadhwani/): अमित वाधवानी अमित वाधवानी धुले, महाराष्ट्र के एक छोटे शहर, से आते हैं।  उन्हें बचपन से ही सभी तरह का साहित्य पढ़ने का शौक रहा है। अगर भारतीय साहित्य की बात करें तो इसमें शरतचंद्र चटर्जी का लेखन उन्हें ज्यादा प्रभावित करता हैं। वहीं विश्व साहित्य ओ हेनरी का लेखन उन्हें बेहद अद्भुत और काफी संजीदा लगता है इसलिए उन्हें ओ हेनरी की कहानियाँ पसंद हैं।  ज़िन्दगी की मशरूफियत के चलते वह अब सिर्फ अपने सबसे पसंदीदा जॉनर क्राइम मिस्ट्री फिक्शन नॉवेल्स ही पढ़ पाते हैं। जहाँ हिंदी में इस विधा के उनके सबसे पसंदीदा लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक हैं […] - [हरिचरन प्रकाश](https://ekbookjournal.com/haricharan-prakash/): हरी चरन प्रकाश जन्म: 10 नवम्बर 1950 हरिचरण प्रकाश का जन्म 10 नवम्बर 1950 में फैजाबाद उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनकी पहली कहानी 39 वर्ष की आयु में प्रकाशित हुई थी। उत्तर प्रदेश सिविल सेवा से रिटायर होने के बाद वह अब स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। उपन्यास एक गंधर्व का दुः स्वप्न  कहानी संग्रह: जीविका जीवन  उपकथा का अंत  गृहस्थी का रजिस्टर - [आनन्द प्रकाश जैन](https://ekbookjournal.com/anand-prakash-jain/):  जन्म: 15 अगस्त, 1927 आनन्द प्रकाश जैन आनन्द प्रकाश जैन का जन्म उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के कस्बा शाहपुर में 15 अगस्त, 1927 को हुआ था।  उनकी प्रथम कहानी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा प्रकाशित मसिक पत्रिका में 1941 में प्रकाशित हुई थी। आनन्द प्रकाश जैन 1959 से 1974 तक पराग पत्रिका के सम्पादक रहे थे।  उन्होंने चन्दर उपनाम से अपनी श्रीमती चन्द्रकांता जैन के साथ मिलकर कई रोमांचकारी उपन्यासों की रचना की थी। मुख्य कृतियाँ उपन्यास कठपुतली के धागे तीसरा नेत्र कुणाल की आँखें पलकों की ढाल आठवीं भाँवर तन से लिपटी बेल अंतर्मुखी ताँबे के पैसे आग […] - [चन्दर](https://ekbookjournal.com/chandar/): आनन्द प्रकाश जैन चन्दर हिन्दी अपराध साहित्य में एक प्रसिद्ध नाम हुआ है। यह मशहूर हिन्दी साहित्यकार आनंद प्रकाश जैन और उनकी पत्नी चन्द्रकान्ता जैन का लेखकीय नाम था। इस नाम से इन्होने कई जासूसी कृतियों की रचना की थी।  चन्दर ने जेम्स बांड की तर्ज पर एक किरदार भोलाशंकर की रचना की थी जो कि एक जासूसी संस्था स्वीप का नम्बर एक एजेंट था। भोलाशंकर के अतिरिक्त उन्होंने राम श्याम नाम के दो किशोर जासूसी किरदारों की रचना भी की थी। इन किरदारों को लेकर उन्होंने किशोरों के लिए कई रोमांचक उपन्यासों की रचना की थी। चन्दर द्वारा लिखे […] - [सुरेश चौधरी](https://ekbookjournal.com/suresh-chaudhary/): जन्म: 2, जनवरी,1960 लेखक सुरेश चौधरी कैराना शामली के रहने वाले हैं। उनका मूल नाम सुरेश चौहान हैं। पूर्व में सरकारी विभाग में कार्यरत सुरेश चौहान सेवानिवृत्ति लेकर फिलहाल वकालत कर रहे हैं।  उन्होंने अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर किया है। साथ भी राजनीति शास्त्र में थीसिस भी लिखी है और ए एल बी की डिग्री भी हासिल की है। वह 2005 से लेखन कार्य में सक्रिय हैं। उपन्यास के साथ वह फिल्म लेखन करते आए हैं।  उनके द्वारा लिखित हरियाणवी फिल्म ‘बटवारा‘ 2022 में रिलीज हुई।  प्रमुख कृतियाँ उपन्यास  खाली आँचल  अहसास  प्रतिशोध  कसक  (अमेज़न ) दंगा  बवंडर  सम्पर्क: फेसबुक - [धर्मवीर भारती (Dharmvir Bharti)](https://ekbookjournal.com/dharmvir-bharti/): जन्म: 25 दिसम्बर 1926, इलाहाबाद निधन: 4 सितम्बर 1997, मुम्बई  धर्मवीर भारती का जन्म इलाहबाद में 25 दिसम्बर 1926 को इलाहबाद में हुआ था। उनकी शिक्षा इलाहाबाद से ही हुई थी।  उन्होंने कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, निबन्ध, रिपोर्ताज, इत्यादि भाषाओं में लिखा है। वह काफी वक्त तक धर्म युग पत्रिका के सम्पादक भी रहे थे।  4 सितम्बर 1997, मुम्बई  में उनका इकत्तर वर्ष की आयु में निधन हुआ था। प्रमुख कृतियाँ: उपन्यास गुनाहों का देवता सूरज का सातवाँ घोड़ा  कहानी संग्रह:बंद गली का आखिरी मकान  सम्मान:पद्मश्री व्यास सम्मान  - [रवि बुले](https://ekbookjournal.com/ravi-buleiy/): स्रोत: लेखक की फेसबुक प्रोफाइल से साभार  जन्म: 5 सितम्बर 1971, जबलपुर, मध्य प्रदेश मूलतः मध्य प्रदेश जबलपुर के रहने  वाले रवि बुले ने फिल्म पत्रकारिता में अपना मजबूत नाम बनाया है। वह फिलहाल मुंबई में रह रहे हैं और अमर उजाला में बतौर सम्पादक कार्यरत हैं।  लेखन और पत्रकारिता के अलावा वह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। आखेट उनके द्वारा लिखी और निर्देशित की गयी पहली फिल्म है। मुख्य कृतियाँ: उपन्यास: दलाल की बीवी (पेपरबैक | किंडल) कहानी संग्रह: आईने सपने और वसंतसेना (पेपरबैक) यू न होता तो कहाँ होता (पेपरबैक) कहानियाँ: पार्टी नोट्स: एक सुपरस्टार की बीवी (ई-बुक) […] - [शैलेश मटियानी](https://ekbookjournal.com/shailesh-matiyani/): मूल नाम: रमेशचन्द्र सिंह मटियानी जन्म: 14 अक्टूबर 1931 निधन: 24 अप्रैल 2001  मुख्य कृतियाँ: उपन्यास  बोरीवली से बोरीबन्दर (अमेज़न | समीक्षा ) कबूतरखाना हौलदार चिट्‌ठीरसैन तिरिया भली न काठ की किस्सा नर्मदाबेन गंगू बाई चौथी मुट्ठी बारूद और बचुली मुख सरोवर के हंस एक मूठ सरसों बेला हुई अबेर कोई अजनबी नहीं दो बूँद जल भागे हुए लोग पुनर्जन्म के बाद जलतरंग बर्फ गिर चुकने के बाद उगते सूरज की किरण छोटे-छोटे पक्षी रामकली (पेपरबैक) सर्पगन्धा (पेपरबैक) आकाश कितना अनंत है (पेपरबैक) उत्तरकाण्ड, डेरेवाले (पेपरबैक) सवित्तरी (पेपरबैक) गोपुली गफूरन (पेपरबैक) बावन नदियों का संगम अर्द्ध कुम्भ की यात्रा (पेपरबैक) मुठभेड़ […] - [सिंगही श्रृंखला](https://ekbookjournal.com/singhi-series/): वेद प्रकाश काम्बोज सिंगही वेद प्रकाश काम्बोज द्वारा गढ़े गए प्रसिद्ध किरदारों में से एक है। सिंगही एक चीनी वैज्ञानिक है। वह एक कुटिल अपराधी है जो कि विश्व विजेता बनना चाहता है। यह विजय के खास प्रतिद्वंदीयों में से एक है।  वेद प्रकाश काम्बोज द्वारा लिखे गये सिंगही श्रृंखला के अंतर्गत निम्न उपन्यास हैं: मृत्यु सम्राट (अमेज़न) मूर्ति की चीख (अमेज़न) सिंगही का प्रतिशोध (अमेज़न) निर्जीव अट्टहास (अमेज़न) सिंगही की वापसी (अमेज़न) रहस्यमयी आवाज़ (अमेज़न) भयानक बदला (अमेज़न) सिंगही न्यूयॉर्क में (अमेज़न) सिंगलैंड की खोज (अमेज़न) रेत की कब्रें (अमेज़न) सिंगही का अंत (अमेज़न) सिंगही का प्रेत (अमेज़न) भूतों का पर्वत (अमेज़न) पुराने शिकार (अमेज़न) - [देवेन्द्र पाण्डेय](https://ekbookjournal.com/devendra-pandey/): देवेंद्र पाण्डेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से हैं। महाराष्ट्र में ही पले बड़े देवेन्द्र पाण्डेय ने अपनी सम्पूर्ण शिक्षा महाराष्ट्र में ही पूरी की है। वह इन दिनों मुंबई में रहते हैं।  देवेन्द्र पाण्डेय को पढ़ने लिखने में रूचि है और अब तक उनकी छः पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। पढ़ने लिखने के अलावा घूमने फिरने में भी उनकी रूचि है और यदा कदा वह यात्राएँ करते रहते हैं।  उनकी अब तक निम्न पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं: इश्क बकलोल (पेपरबैक | किंडल) बाली: युग युगांतर प्रतिशोध (पेपरबैक | किंडल) कण कण केदार (यात्रा वृत्तांत) (पेपरबैक | किंडल) रोड […] - [अजिंक्य शर्मा](https://ekbookjournal.com/ajinkya-sharma/): लेखक परिचय: अजिंक्य शर्मा अजिंक्य शर्मा ब्रजेश कुमार शर्मा का उपनाम है। ब्रजेश कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ के महासमुन्द नामक नगर में रहते हैं। फिलहाल छत्त्तीसगढ़ में वे एक साप्ताहिक समाचार पत्र में कार्यरत हैं। बचपन से ही किस्से कहानियों के शौकीन अजिंक्य शर्मा उपन्यासों और कॉमिक बुक्स पढ़ा करते हैं। किस्से कहानियाँ पढ़ते पढ़ते ही वो अब किस्से कहानियाँ गढ़ने लगे हैं।  वह अपने उपन्यास किंडल पर स्वयं प्रकाशित करते हैं। अजिंक्य शर्मा से आप निम्न माध्यमों से सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं:फेसबुक  | ईमेल पुरस्कार केडीपी पेन टू पब्लिश 4 में उपन्यास ब्रेकिंग न्यूज के लिए द्वितीय स्थान मुख्य कृतियाँ शृंखलाएँ […] - [ताऊ जी](https://ekbookjournal.com/tauji/): ताऊ जी और रूमझुम (चित्र स्रोत: डायमंड कॉमिक्स) ताऊ जी डायमंड कॉमिक बुक्स का एक किरदार है जिसे लेकर उन्होंने कॉमिक बुक्स और बाल उपन्यास दोनों ही प्रकाशित किये हैं। ताऊ जी एक बुजुर्ग व्यक्ति हैं जिन्हें तंत्र मंत्र  और जादू में महारत हासिल है और वह अपनी शक्तियों का प्रयोग बुरे जादूगरों और शैतानी ताकतों के मंसूबों पर पानी फेरने में करते हैं।  ताऊ जी के पास एक जादुई डंडा है जिसकी मदद से अक्सर वह अपने दुश्मनों से लड़ते हैं। उनका यह डंडा खुद भी काली शक्तियों से लड़ने में माहिर है और वह ताऊ जी के साथ […] - [Mathew Hope](https://ekbookjournal.com/mathew-hope/):  Mathew Hope is a laywer. Ed Mcbain had written following novels in this series Goldilocks Rumplestiltskin Beauty and the Beast Jack and the Bean Stalk Snowwhite and Rose Red Cinderella  Puss In Boots The House that Jack Built Three Blind Mice Mary Mary There was a little Girl Gladly the Cross Eyed Bear The Last Hope - [थ्रिल हॉरर सस्पेंस](https://ekbookjournal.com/comic-books-of-thrill-horror-suspense/): राज कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित थ्रिल हॉरर सस्पेंस में अक्सर हॉरर कहानियाँ प्रकाशित की जाती हैं। यह कहानियाँ एकल या एक या दो भागों में बंटी हुई होती हैं।  शुरुआत में किंग कॉमिक्स से इस श्रृंखला को प्रकाशित किया गया था।   थ्रिल हॉरर स्स्पेसं श्रृंखला के अंतर्गत निम्न कॉमिक्स प्रकाशित की गयी हैं:  (कॉमिक्स के नाम पर क्लिक करके आप कॉमिक्स के प्रति मेरी राय जान सकते हैं।) शृंखला प्रेत अंकल  कॉमिक बुक्स खूनी खजाने की खोज  कुबड़ा ड्रैगन  गटर  हत्यारा गटर  डॉक्टर रूह  छोटा चेतन  हत्याकाण्ड  मौत की नींद  खूनी ताज  संगीन टीवी  खूनी हवेली का रहस्य  एक रात के […] - [डोगा](https://ekbookjournal.com/comic-books-of-doga/): डोगा अपराध को खत्म नहीं करता बल्कि उसे जड़ से उखाड़ने में विश्वास रखता है।  डोगा की पहली कॉमिक बुक 1993 में प्रकाशित हुई थी। डोगा की शुरूआती कॉमिक बुक्स को संजय गुप्ता द्वारा लिखा गया था। जैसे जैसे श्रृंखला आगे बढ़ी तरुण कुमार वाही, हनीफ अज़हर, नितिन मिश्रा और मंदार गंगेले द्वारा डोगा की कॉमिक बुक्स की कहानी लिखी गयी। डोगा के कॉमिक बुक्स निम्न हैं: (आप कॉमिक के नाम पर क्लिक करके कॉमिक के प्रति मेरी राय जान सकते हैं।) कर्फ्यू  ये है डोगा  मैं हूँ डोगा  अदरक चाचा  गैंडा  चोर सिपाही  इंस्पेक्टर चीता  कुत्ता फ़ौज  मुकाबला  बुलडॉग  […] - [गमराज](https://ekbookjournal.com/gamraj/): गमराज यमराज का बेटा है जो कि धरती पर निवास करता है। वह बहुत ही भावुक है जो कि दूसरों को दुःख में नहीं देख सकता है और यही कारण है कि उसने अपने पिता से धरती में आम लोगों के बीच में रहने की इजाजत माँगी। यमराज ने गमराज को धरती में रहने की इजाजत तो दी लेकिन साथ में यामुंडा, जो कि यमराज के भैसे महीष का बेटा था, को ले जाने का आदेश भी दिया। यामुंडा अद्भुत शक्ति का मालिक है जो कि गायब हो सकता है और गमराज के बुलाने पर कहीं पर भी आ जा […] - [देवकीनन्दन खत्री](https://ekbookjournal.com/devkinandan-khatri/): देवकीनन्दन  खत्री जन्म: 18 जून 1861निधन: 1 अगस्त 1931 मुख्य रचनाएँ: चन्द्रकांता चन्द्रकांता सन्तति (भाग 1, भाग 2, भाग 3,भाग 4, भाग 5, भाग 6) नरेंद्र मोहिनी कुसुमकुमारी (पेपरबैक | हार्डकवर) कटोरा भर खून  काजर की कोठरी गुप्तगोदना   भूतनाथ (भाग 1, भाग 2, भाग 3,भाग 4, भाग 5, भाग 6) ©विकास नैनवाल ‘अंजान’ - [क्रूकबाण्ड](https://ekbookjournal.com/crookbond/): अनोखेलाल उर्फ़ क्रूकबाण्ड इंस्पेक्टर धमाकासिंह का बेटा है। श्याम नगर में रहकर वो अपनी एक जासूसी संस्था ‘मॉडर्न प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी’ चलाता है। उसके साथ उसकी मदद उसका ममेरा भाई टिल्लू उर्फ़ मोटू करता है।  क्रूकबाण्ड और मोटू के बीच में जबानी चुहुलबाजी होती रहती है जो कि कॉमिक्स में हास्य  उत्पन्न करती  हैं। इसका अलावा उनका एक पालतू कुत्ता मौजिला भी है जो उनके काफी काम आता है। क्रूकबाण्ड श्रृंखला के कॉमिक बुक्स मनोज कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित किये जाते थे। इस श्रृंखला के कई कॉमिक्स को विमल चटर्जी ने लिखा था। क्रूकबाण्ड के कॉमिक्स: मॉडर्न जासूस क्रूकबाण्ड  क्रूकबाण्ड और […] - [हवलदार बहादुर](https://ekbookjournal.com/hawaldar-bahadur/): हवलदार बहादुर मनोज कॉमिक्स का किरदार है। पुलिस का यह हवलदार अपनी हरकतों से हास्य पैदा करता है। यह हरकतों से तो मंदबुद्धि प्रतीत होता है लेकिन अनजाने में ही सही कई पेचीदा मामले सुलझाकर अपने अफसरों की तारीफ़ बटोर लेता है।  ‘हवालात में सड़ा दूँगा’ इसका तकियाकलाम है और हर किसी को हवालात में सड़ाने की यह धमकी दिया करता है। लेकिन असल में यह आसानी से डर भी जाता है। हवलदार बहादुर इंस्पेक्टर खड़गसिंह के नीचे काम करता है। खड़गसिंह उसकी बेवकूफियों से वाकिफ है और हर वक्त उससे चिढ़ा रहता है लेकिन हर वक्त जब मामला हवलदार […] - [दीप्ति मित्तल](https://ekbookjournal.com/deepti-mittal/):  परिचय: शिक्षा:  बी.एस.सी. (गणित), एम.सी.ए. जन्मस्थान:  मुजफ्फरनगर(उत्तर प्रदेश)विधा: कहानी, लघुकथा, बाल कहानी, कविता, लेख, व्यंग पिछले पंद्रह सालों से निरंतर लेखन। सभी प्रमुख राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं जैसे दैनिक भास्कर, अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका, दिल्ली प्रेस, नई दुनिया, प्रभात खबर, हरिभूमि, मेरी सहेली, वनिता, फ़ेमिना, नंदन, बाल भास्कर, बालभूमि आदि में लगभग 400 कहानियाँ,  बाल कहानियाँ, लेख, व्यंग्य प्रकाशित।  BIG FM के रेडियो शो ‘यादों का इडियट बॉक्स विद निलेश मिसरा’ में कहानियाँ प्रसारित। पुस्तकें: ‘मेरे मन के सोलह मनके’ (कहानी संग्रह) (वनिका पब्लिकेशन, बिजनौर से 2018 में प्रकाशित) बाटला पब्लिकेशन, मेरठ से कम्प्यूटर विज्ञान विषय(हाई स्कूल, इंटरमीडियेट यूपी बोर्ड) की चार पुस्तकें प्रकाशित। […] - [पनौती](https://ekbookjournal.com/vishal-saxsena-series/): संतोष पाठक विशाल सक्सेना अपने जानने वालों में पनौती के नाम से प्रसिद्ध है।  वह जिस चीज में हाथ डालता है उसमें गड़बड़ होनी ही होती है।  वह एक तेज दिमाग का व्यक्ति जरूर है लेकिन कई बार वह अपने अक्खड़पन से अहमक भी नजर आता है। उसके कुछ नैतिक मूल्य है जिनके खातिर वह किसी से भी लड़ने भिड़ने को भी तैयार रहता है। उसकी यही चारित्रिक विशेषताएं अक्सर उसकी जान खतरे में डाल देती हैं।   इस श्रृंखला के तहत संतोष पाठक ने निम्न उपन्यास लिखे हैं: दस जून की रात (पेपरबैक | किंडल ) कैच मी इफ यू कैन (किंडल ) इनसाइड […] - [आशीष गौतम श्रृंखला](https://ekbookjournal.com/ashish-gautam-series/): संतोष पाठक आशीष कुमार गौतम दिल्ली के एक राष्ट्रीय अखबार खबरदार का चीफ रिपोर्टर है। अपने पेशे के चलते वह कई बार ऐसे अपराधिक मामलो से उलझ जाता है जो कि उपन्यास का कथानक बनते हैं। वह एक दिलफेंक शख्सियत का मालिक है जो अपने इस चारित्रिक गुण के कारण कई बार कॉमेडी भी करता प्रतीत होता है। आशीष अक्सर अपने मामलों को सुलझाने के लिए अपनी दोस्त और होटल मून लाइट की मालकिन अंजली नारंग की मदद लेता है। अंजली के होटल का सिक्यूरिटी इंचार्ज दीपक, जो कि पहले एक प्राइवेट डिटेक्टिव हुआ करता था, भी अक्सर उसके लिए […] - [विराट राणा श्रृंखला](https://ekbookjournal.com/virat-rana-series/): संतोष पाठक विराट सिंह राणा संतोष पाठक द्वारा रचा गया एक किरदार है। वह एक तीस वर्षीय युवक है जो कि पुलिस प्रशासन की एक नव निर्मित संस्था ए सी बी (एंटी क्राइम ब्यूरो ) का एक सीनियर इंस्पेक्टर है। वह एक अमीर पिता की सन्तान है जो कि पुलिस की नौकरी उजरत के लिए नहीं बल्कि अपराध से जूझने के लिए कर रहा है। यही कारण है कि वह अपने डिपार्टमेंट का एक काबिल और अक्खड़ अफसर समझा जाता है जो कि किसी की धौंस में नहीं आता है। ऐसे जो भी मामले होते हैं जिन्हें दूसरे इन्वेस्टिगेटिंग अफसर […] - [हेमा बिष्ट](https://ekbookjournal.com/hema-bisht/) - [हिन्दी बाल पत्रिकाएँ](https://ekbookjournal.com/hindi-children-literary-magazines/): A अक्कड़-बक्कड़ B बाल हंस  C चम्पक  D E F G H I J K L लोट-पोट M N नंदन  O P Q R S T U V W X Y Z ©विकास नैनवाल अंजान  - [हिन्दी साहित्यिक पत्रिकाएँ](https://ekbookjournal.com/hindi-literary-magazines/): A B   C D E F G H I J K L M N नया ज्ञानोदय  O P Q R S T U V W X Y Z ©विकास नैनवाल अंजान  - [शरद कुमार दुबे](https://ekbookjournal.com/sharad-kumar-dubey/): परिचय: शरद कुमार दुबे (सीनियर पैसेंजर गार्ड, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, गोंदिया, महाराष्ट्र) उम्र 59 वर्ष। रेलवे में 32 साल हो गए हैं। बचपन से ही पढ़ने का शौक, फिर आदत और फिर जरूरत। वाट्सएप और फेसबुक पर मराठी और अंग्रेजी से ढेरों हिंदी अनुवाद पोस्ट किए हैं। हर किस्म की किताबें पढ़ता हूँ। सुरेन्द्र मोहन पाठक फेवरेट राइटर हैं। उनकी लेखनी उनके विचारों का जीवन पर बहुत प्रभाव है। सम्पर्क:फेसबुक  एक बुक जर्नल में मौजूद लेख: विमल श्रृंखला के रोचक किरदार – 1 - [सुनील प्रभाकर](https://ekbookjournal.com/author-sunil-prabhakar/):  सुनील प्रभाकर एक अपराध साहित्यकार थे। गौरी पॉकेट बुक्स से उनकी रचनाएँ प्रकाशित हुई थीं। उनकी कुछ रचनाएँ: हत्या एक पहेली  हत्या होगी सरेआम  कौन करे कुर्बानी  लाश की गवाही  कब सूरज निकलेगा  घूँघट में छिपा कातिल  गुण्डों का मंदिर  कफम कम पड़ जायेंगे  रावण की अयोध्या  नसीब का विधाता  महँगी पड़ेगी दुश्मनी  विधवा की सुहागरात  मेरी बीवी मेरी कातिल  खून बनेगा तेज़ाब  नसीब मेरी ठोकर पर  मासूम गुनाह  हत्यारी औरत  यह कैसा इंसाफ  इंतकाम की आग  मौत हर कहीं है  बिन ब्याही विधवा  मौत का ताण्डव  आगे पीछे मौत  कौन लड़ेगा वर्दी से  जमीन का खुदा  मर्डर इज़ माई […] - [प्रतियोगिता #1](https://ekbookjournal.com/1-ek-book-journal-competition-1/): स्रोत :  पिक्साबे ‘जो दिखता है वो बिकता है’ यह कथन हमेशा से ही प्रासंगिक रहा है। आज के समय में जब हम लोग सूचनाओं के सैलाब से घिरे हुए हैं तो ऐसे में यह कथन और भी ज्यादा प्रासंगिक हो जाता है। हर कोई नजर में आना चाहता है लेकिन ऐसा सभी के लिए मुमकिन नहीं हो पाता है। ऐसे में कई ऐसी चीजों से व्यक्ति उस वक्त महरूम हो जाता है जब उसे उनकी तलाश थी। यहाँ एक बुक जर्नल में भी हमारा मानना है कि कई बार जो दिखता है वो बिकता जरूर है लेकिन जरूरी नहीं कि केवल वही अच्छा  […] - [इंका सीरीज](https://ekbookjournal.com/inka-shrinkhla/): परशुराम शर्मा वह छिपकली है, वह एक बला की खूबसूरत नारी है, जो जिस किसी पर मेहरबान हो जाये उसे दुनिया की हर बाज़ी जीता दे, बशर्ते उसकी प्यास इंसानी खून से बुझती रहे। तन्त्र, मन्त्र, काला जादू, पैरासायक्लॉजी, हॉरर जैसे विषय पर लिखा परशुराम शर्मा का एक अनोखा विशेषांक सम्पूर्ण इन्का 5 किताबों का सेट है, जिनमे शामिल हैं: 1. इन्का 2. इन्का का तांडव 3 छिपकली इन्का 4 इन्का के पुजारी 5 अलविदा इन्का - [आग श्रृंखला](https://ekbookjournal.com/aag-series/): परशुराम शर्मा सिर्फ अठठारह वर्ष की उम्र में परशुराम शर्मा की कलम से निकली एक ऐसी रचना जिसने रातोंरात सम्पूर्ण भारत में उनके नाम की वाहवाही फैला दी थी। उपन्यास व्यापार में पहली बार ऐसा मौका आया था जब कोई उपन्यास ब्लैक में बिकने लगा था। प्रस्तुत है 3 खंडो में फैली शुरू से अंत तक आग की तरह धधकती एक रक्तिम गाथा। इस श्रृंखला में तीन उपन्यास हैं: पहली आग दूसरी आग  आग और शौले  - [परशुराम शर्मा](https://ekbookjournal.com/parshuram-sharma/): परशुराम शर्मा परशुराम शर्मा एक ऐसे हरफनमौला व्यक्ति हैं जिन्होंने कला की हर विधा में हाथ आजमाया है। लेखन हो, गायन हो, गीत लेखन ही, अदाकारी हो या संगीत हो उन्होंने हर विधा को छुआ है और उस पर अपना अधिकार जमाया है। उत्तराखंड के एक पर्वतीय गाँव में उनका जन्म हुआ था। जब वह पाँचवी में थे तभी से वह मेरठ पढ़ने के लिए आ गये थे। और फिर उनकी शिक्षा दीक्षा मेरठ में ही हुई।  जब वे ग्यारहवीं में थे तब उन्होंने इब्ने सफी के किरदार विनोद हमीद को लेकर उपन्यास की रचना की और उसे प्रकाशक को […] [comment]: # (Generated by Hostinger Tools Plugin)